[1] जब अपुल्लोस कुरिन्थुस में हलन, तो पौलुस ऊपर के सभ इलाका से होइत इपि फसुस अयलन। हुआँ कुछ चेलमन के देखके
[2] ओखनी से कहलन, “का तोहनी बिसवास करे बखत पवित्तर आतमा पय लऽ?” ओखनी उनका से कहलन, “हमनी तो पवित्तर आतमा के चरचो नञ सुनली।”
[3] ऊ ओखनी से कहलन, “तो फिन तोहनी केकर बपतिसमा लेलऽ?” ओखनी कहलन, “य हून्ना के बप तिस मा।”
[4] पौलुस कहलन, “य हून्ना ई कहके मन फिराव के बपतिसमा देलन कि जे हमरा बाद आवैइया हथ, ओकरा पर माने यीशु पर बिसवास करिय हू।”
[5] ई सुनके ओखनी प रभु यीसु के नावँ में बपतिसमा लेलन।
[6] जब पौलुस ओखनी पर हाँथा रखलन, तो प वित्न आत्मा ओखनी पर उतरलय, आउर ओ तरह-तरह के बोली बोले आउर भबिसवानी करे लगलन।
[7] ई सब करीब बारह आमदी हलन।
[8] ऊ अराध् नालय में जाके तीन महीना ले निडर होके बोलइत रहलन, आउर परमेसर के राज के बारे में बहस करइत आउर स मझउते रहलन।
[9] बाकि जब कुछ लोग कड़ा होके उनकर नञ मानलन बलुक लोग के सामने ई राह के खराब कहे लगलन, तो ऊ ओखनी के छोड़ देलन आउर चेलमन के अलग कर लेलन, आउर रोज तरन्नुस के इस्कूल में बहस कयल करऽ हलन।
[10] दू बरिस ले इहे होइत रहलय, हियाँ तक कि आसिया के रहवैइया का य हूदी का यूनानी सभ परभु के बचन सुन लेलन।
[11] परमेसर पौलुस के दिया स मारथा के अदभुत काम देखावऽ हलथी।
[12] हियाँ ले कि रू माल आउर अँगोछा उनकरा देह से छुआ के बेमरिया पर धइल हल, आउर उनकर बेमारी दूर हो जा हल, आउर दुष्ट आतमा ओखनी में से निकस जाय ल करऽ हल।
[13] बाकि कुछ य हूदी जे झाड़प फूँक करइत हलन, ई कहे लगलन कि जेकरा में दुष्ट आतमा होय ओकरा पर परभु यीसु के नाँव ई कहके फूँकऽ, “जे यीसु के परचार पौलुस करऽ हे, हम तोरा ओकरे किरिया दे हियो।”
[14] आउर सि्क्कवा नाँव के एगो य हूदी परधान याज क के सात गो बेटा हलइ, जे अय स ने करऽ हलइ।
[15] बाकि दुष्ट आतमा ओखनी के ज बाब देलकय, “यीशु के हम जानऽ ही, आउर पौलुसो के पहचानऽ ही, बाकि तूँ के हू?”
[16] आउर ऊ आमदी जेकरा में दुष्ट आतमा हल ओखनी पर झप ट के आउर ओखनी के बस में लेके, ओखनी पर अ य स न उप द्दर कय लक कि ओ लंगे आउर घाय ल होके ऊ घर से भागलय।
[17] ई बात इपि फसुस के रहवैइया सब य हूदी आउर यूनानियो जान गेलन, आउर ओखनी स बके डर घेर लेलकय, आउर परभु यीसु के नाँव के बड़ाइ होलइ।
[18] जे बिसवास कय ले हलन, उनकनी में से ढेरेक लोग आके अप्पण-अ प्पण काम के मान लेलन आउर परगट कयलन।
[19] जादू करेवाला में से ढेरमनी अप्पण अप्पण पोथी ए कट्ठा करके सभ के सामने ज रा देलन, आउर जब ओकर दाम जोड़ल गेलइ, तो पचास हजार चानी के सि क्का के बराबर होलइ।
[20] ई तरे परभु के वचन स मारथा से प स रइत आउर मज गूत होइत गेलइ।
[21] जब ई बात हो चुकलइ तो पौलुस मन में सोचलन कि मकिदुनिया आउर अ खाया होइत यरूसलेम जाइअई, आउर कहलन, “हुआँ जाय के बाद हमरा रोमो के देखनाय जरू री हे।”
[22] एहिसे अप्पण सेवा करेवाला में से तीमुथिायुस आउर इरास्तुस के मकिदुनिया पेठाके अपने कुछ दिन आसिया रह गेलन।
[23] ऊ बखत ऊ पन्था के बारे में बड़ हो-हल्ला होलइ।
[24] काहेकि देमेरिायुस नाँव के एगो सोनार अरतिमिस के चानी के मनि्दल बनवाके कारीगरवन के ढेर काम देलावल करऽ हल।
[25] ऊ ओखनी के आउर अय स ने चीज के कारीगरवन के एकट्ठा करके कहलक, “हे भाय वन, तोहनी जानऽ हऽ कि ई काम से हमनी के केत्ते धन मिलऽ हइ।
[26] तोहनी देखऽ आउर सुनऽ हऽ कि खाली इपि फसुसे में नञ, बलुक करीब स उँसे आसिया में ई कह-कहके ई पौलुस ढेरस न लोग के स मझय लक आउर बहकय लको हे, कि जे हाँथा के कारीगरी हइ, ओ देऊता नञ।
[27] एकरा से खाली ईहे बात के डर नञ हे कि हमनी के ई धंधा के परतिष्ठा जाय त रहतइ, बलुक ई कि महान देवी अरतिमिस के मनि्दल बेकार स मझल जयतई, आउर जेकरा स ऊँसे आसिया आउर दुनिया पूज ऽ हे ओकर महऽत्तो जाइत रहतइ।”
[28] ओ ई सुनके किरोध् से भर गेलन आउर चिचिया-चिचियाके कहे लगलन, “इपि फसि य न के अरतिमिस, महान हे!”
[29] आउर स ऊँसे सहर में बड़ हो-हल्ला मच गेलइ, आउर लोग मकिदुनिया के रहवैइया गयुस आउर अरिस्तर्खुस के जे पौलुस के संगतिया जातरी हलन, पकड़ लेलन, आउर एक जोरे रंगसाला में ध् उग गेलन।
[30] जब पौलुस लोग सभ के नगीच भीतर जाय चाहलन तो चेलमन उनका जाय नञ देलकय।
[31] असि या के हाकिमो लोग में से उनकर कइगो दोस्त उनका भीरी कहला भेज लन आउर बिनती कयलन कि रंगसाला में जाके खतरा नञ उठावऽ।
[32] हुआँ कोइ कुछ चिचियावऽ हल आउर कोइ कुछ, काहेकि स भा में बड़ गड़बड़ी होइत हल, आउर ढेरेक लोग वो ई जानतो नञ हलन कि हमनी कउची ला ए कट्ठा होली हे।
[33] तब ओखनी सि कन्दर के, जेकरा यहूदियन खड़ा कयले हलन, भीड़ में से आगे बढ़य लन। सि कन्दर हाँथा से इसारा करके लोग के सामने ज बाब देवे चाहऽ हलन।
[34] बाकि जब ओखनी जान लेलन कि ऊ य हूदी हे, तो सभ के सभ एक आवाज से करीब दु घंटा ले चिचियाते रहलन, “इपि फसि य न के अरतिमिस, महान हे।”
[35] तब सहर के मंत्नी लोग के सान्त करके कहलन, “हे इपि फसुस के लोग, के नञ जानऽ कि इपि फसि य न के सहर महान देवी अरतिमिस के मनि्दल, आउर ज्यूस के दन्न से गिरल मूरती के बचावे वाला हे।
[36] ईसे जब ई बात काटल नञ जा स कऽ हे, तो वाजिब हे कि तोहनी सान्त रहऽ आउर बिना सोचले-बिचारले कुछ नञ करऽ।
[37] काहेकि तोहनी ई आमदिय न के लय लऽ हे जे नञ मनि्दल लूटेवाला हथ आउर नञ हमनी के देवी के सिकायत करे वाला हथ।
[38] जे देमेरिायुस आउर ओकर संगतिया कारीगरमन के केकरो से बिबाद होय तो कचहरी खुलल हे आउर हाकिमो हथ, ओ एक दोस रा पर नालिस करय।
[39] बाकि जे तोहनी कऊनो आउर बात के बारे में कुछ पूछे चाहइत हऽ, तो निय त स भा में फइस ला कयल जयतइ।
[40] काहेकि आझ के दंगा के ओज ह हमनी पर दोष लगावल जाए के डर हे, एहिसे एकर कोइ ओझह नञ, आउर हमनी ई भीड़ के ए कट्ठा होवे के कोइ ज बाब नञ दे स कबई।”
[41] ई कहके ऊ स भा के खतम कयलन।