[1] तब महायाज क कहलन, “का ई बात सच हइ?”
[2] सि्तप फनुस कहलन, “हे भाय वन आउर पि तरन सुनहु। हमर पिता अब्राहम हारान में बसे से पहिले जब मेसोपोटामिया में हलथी, तो परतापी परमेसर उनका दरस न देलथी,
[3] आउर उनका से कहलथी, “तूँ अप्पण देस आउर अप्पण स म्बन्धी से निकस के उ देस जा, जे हम तोरा देखय बो।”
[4] तब उ कस दिय मन के देस से निकस के हारान में जा बस लन। उनखर पिता के मरे के बाद परमेसर उनका हुआँ से ई देस में लाके बस य लथी, जेकरा में अब तूँ बस इत हू,
[5] आउर उनका कुछ तरका बलुक गोड़ो रखे भर के ज गह नञ देलन, बाकी परतिग्यां खइलन कि हम देस तोरा आउर तोरा बाद तोहर बंस के हाँथे कर देवो, हलाँकि तखनी उनका कोइ बेटो न हल।
[6] आउर परमेसर अइसे कहलथी, तोहर बंस के लोग पराया देस में परदेसी होतन आउर ओ उनखनी के दास बनय तन आउर चार सौ बरिस ले दुख देतन।’
[7] फिन परमेसर कहलथी, ‘जे देस के ओ दास होतन, ओकरा हम सजा देबई, आउर एकरा बाद ओ निकलके ईहे ज गह हमरा सेवा करतइ।’
[8] आउर ऊ ओकरा से खतना के वाचा बान्धलथी; आउर ईहे हालत में इसहाक उनका से ज लमन आउर आठमा दिन ओकर खतना कयल गेलइ; आउर इसहाक याकूब से बारह गो कुलप ति जलमलन।
[9] “कुलप तिय न यूसुफ से डाह करके ओकरा मिस्न्न देस ज वैइया के हाँथा बेचलन। बाकि परमेसर ओकरा ज उरे हलथी,
[10] आउर ओकरा ओकर सब दुख से छोड़ा के मिस्र के राजा फिरौन के नजर में किरपा आउर बुदि्ध देलन, आउर उ ओकरा मिस्र पर आउर अप्पन स उँसे घर पर हाकिम बना देलन।
[11] तब मिस्न्न आउर कनान के स उँसे देस में अकाल पड़लय, जेकरा से ढ़ेर मुसीबत होलइ, आउर हमर पुरखन के अन्न नञ मिलइत हल।
[12] बाकि याकूब ई सुनके कि मिस्र में नाज हे, हमर पुरखन के पहिला बेर भेज लन।
[13] दोसर बेर यूसुफ अपने के अप्पण भइवन पर परगट कयलन आउर यूसुफ के जात फिरौन के मालूम हो गेलइ।
[14] तब यूसुफ अप्पन पिता याकूब आउर अप्पन स उँसे स म्बन्धी के जे पचहत्तर आमदी हलन, बोला भेज लन।
[15] तब याकूब मिस्न्न गेलन; आउर हुआँ ऊ आउर हमर पुरखन मर गेलन।
[16] उनकर ल्हास स केम ले जाके उ कब्बर में रखल गेलइ, जे अब्राहम चानी देके स केम में हमोर के बाल-बच्चा से कीनले हलन।
[17] “बाकि जब उ परतिग्यां के पूरा होवे के बखत नगीच आयल जे परमेसर अब्राहम से कय लथी हल, तो मिस्र में ओ लोग बढ़ गेलन आउर ढेर हो गेलन।
[18] तब मिस्र में दोसर राजा होलइ जे युसुप फ के नञ जानइत हल।
[19] हमनी के जात से चालाकी करके हमर पुरखन के जौरे हीयाँ ले खराब बेबहार कयलन, कि ओखनी के अप्पन बचवन के फेक देवे पड़ल कि ओ जि न्दा नञ रहय।
[20] तखनी मूसा जलमलन ऊ परमेसर के नजर में ढेरे सुन्दर हलन। तीन महीना ले अप्पन पिता के घरे पोस य लन।
[21] जब फेंक देल गेलइ तो फिरौन के बेटी ओकरा उठा लेलथिान, आउर अप्पण बेटा अयसन पाोस लथिान।
[22] मूसा के मिस रिय न के स उँसे विद्या प ढ़ावल गेलइ, आउर उ बचन आउर करम दुन्नो में स मारथी हलन।
[23] जब ऊ चालीस बरिस के होलन, तो उनकरा मन में आयल कि हम अप्पन इस राय ली भाय वन से भेंट करिअई।
[24] ऊ एगो आमदी पर अनिआय होते देखके ओकरा बचय लन, आउर मिस्री के मारके सतावल के बदला लेलन।
[25] ऊ सोचलन कि उनकर भाय स मझतई कि परमेसर ओकर हाँथा से उनकरा उद्धार करतई, बाकि ओखनी नञ स मझलन।
[26] दोसर दिन जब ओ आप स में लड़इत हलन त ऊ हुआँ प हुँचलन; आउर ई कहके, स मझय लन ‘हे आमदिय न, तूँ तो भाय-भाय हऽ, ए क दोस रा पर काहे अनिआय करइत हऽ’
[27] बाकि जे अप्पन पड़ोसी पर अनिआय कर रहलन हल, उ उनका ई कहके हटा देलकय, ‘तोरा के हमनी पर हाकिम आउर नेआयी बनेला कहलको हे
[28] का जे तरे से तूँ कल्ह मिस्री के मार देलऽ हमरो मार देवे चाहऽ हे?
[29] ई बात सुनके मूसा भागलन आउर मिद्या न देस में परदेसी होके रहे लगलन, आउर हुआँ उनका दूगो बेटा ज लमलय।
[30] “जब चालीस बरिस गुजर गेलइ, तो स रगदूत सीनै पहाड़ के जंगल में ओकरा ज रइत भ्फाड़ी के लप ट में दरस न देलन।
[31] मूसा के ई दरस न देखके अज गुत होलइ, आउर जब देथे ला ऊ भीरी गेलन, तो परभु के ई आबाज होलइ,
[32] “हम तोर पुरखन, इबराहिम, इसहाक आउर याकूब के परमेसर हियो, ‘तब तो मूसा थारथारा उठलन, हियाँ तकले कि ओकरा देथेके हियाव नञ रहलय,
[33] ‘तब परभु ओकरा से कहलथी, अप्पन गोड़ से जूत्ता उतार ले, काहेकि जे जगह तूँ खड़ा हे, उ पबित्तर धरती हे।
[34] हम स च्चो अप्पण लोग के जे मिस्र में हथ, दुरदसा के देखली हे आउर उनकर कराहे आउर उनकर रोनाय सुनली हे एहिसे ओखनी के छोड़ावे ला उतरल हियो। अब आवऽ, हम तोरा मिस्र भेज बई।’
[35] “जे मुसा के उनकनी ई कहके नकारलन हल, ‘तोरा के हमनी पर हाकिम आउर नेयायी बनवले हे?’ ओकरे परमेसर हाकिम आउर छोड़ावे वाला बनाके, उ स रगदूत के हाँथे जे ओकरा भ्फाड़ी में दरस न देले हलन, भेज लथी।
[36] ईहे आमदी मिस्र आउर लाल समुन्दर आउर जंगल में चालीस बरिस ले अज गुत काम आउर चिन्हासी देखा-देखाके उनकनी निकास लय लथी।
[37] ई ऊहे मूसा हथ जे इस राए लिय न से कहलथी, परमेसर तोहनी के भाय वन में से तोहनी ला हमरा नियर एगो भबिस बक्ता उठय तथी
[38] ई उहे हथ, जे जंगल में कलीसिया के बीच ऊ स रगदूत के जोरे सीनै पहाड़ पर ओकरा से बतिअवलन आउर हमर पुरखन के जोरे हलन, ओकरे जीवित बचन मिललय कि हमनी तक पहुँचावे।
[39] बाकि हमनी के पुरखन उनकर माने नञ चाहलन, बलुक उनका हटाके अप्पण मन मिस्र दन्न फेरलन,
[40] आउर हारू न से कहलन, ‘हमनी ला अयसन देओता बनावऽ जे हमनी के आगू-आगू चलथा, काहेकि ई मुसा जे हमनीके मिस्र देस से निकास लय लन, हम नञ जानऽ हि ओकरा का होलइ?’
[41] तखनी ऊ एगो बछड़ा बनाके ओकर मूरती के आगे बलि-चढ़य लन, आउर अप्पण हाँथा के काम में मगन होवे लगलन।
[42] ईसे परमेसर मुँह मोड़के उनका छोड़ देलथी, कि सरग के मेहमान के पूज य, जयस न भबिस बक्तवन के किताब में लिखल हे, ‘हे इसरायल के घराना, का तूँ जंगल में चालीस बरिस ले जनावर के बलि आउर नाज के बलि हमरे चढ़ावइत रहलऽ?
[43] तूँ मोलेक के तम्बू आउर रिप फान देओता के तारा के लेले घूरइत हलऽ, माने उ मूरतिय न के जेकरा तूँ सास टांग करे ला बनय लऽ हल। ईसे हम तोहनी के बेबीलोन से अलग ले जाके बस य बई।’
[44] “गवाह के तम्बू जंगल में हमनी के पुरखन के बीच में हल, जयस न ऊ ठहरवलन जे मूसा से कहलकय, ‘जे बनावट तूँ देखलऽ हे, ओकरे मोताबिक एकरा बनावऽ।’
[45] ऊहे तम्बू के हमनी के पुरखन पुरान बखत से पाके य होसु के जोरे हीयाँ ले अयलन; जे बखत कि ओखनी उ आन देस पर अखि तयार पय लन, जिनका परमेसर हमनी के पुरखन के सामने से निकाल देलथी, आउर उ तम्बू दाऊद के बखत ले रहलय।
[46] ओकरा पर परमेसर किरपा कय लथी; ईसे उ बिनती कय लक कि उ याकूब के परमेसर लागी घर बनावे।
[47] बाकि सुलैमान उनखा लेल घर बनय लन।।
[48] बाकि परम परधान हाँथा के बनावल घर में नञ रहऽ हथ जयस न कि भबिस वक्ता कहलन,
[49] ‘प रभु कहऽ हथ, सरग हमर सिंहास न आउर धरती हमर गोड़ तर के पीढ़ा हे, हमरा लागी तूँ कयसन घर बनयबहु? आउर हमर आराम के कउन जगह होतइ?
[50] का ई सब सामान हमर हाँथा के बनावल नञ?’
[51] “हे जि द्दी, आउर मन आउर कान के बिन खतना वाला लोग, तोहनी हरमेसा पबित्तर आतमा के बिरोध् करऽ हु। जयस न तोहनी के पुरखन करऽ हलन, ओय स ने तूँहो करऽ हु।
[52] भबिस बक्तवन में से केकरा तोहनीके पुरखन नञ स तय लन? ओखनी उ धरमी के आवे के पहिलअ हीं से स नेस देवैइया के मुआ देलन; आउर अब तूँहो उनकर पकड़वावेवाला आउर मार देवे वाला होलऽ।
[53] तोहनी स रगदूतवन के दिया देल बेबसथा तो पय लऽ, बाकि ओकरा पर नञ चललऽ।”
[54] ई बात सुनके ओ जर गेलन आउर उनका पर दाँत पीसे लगलन।
[55] बाकि उ पबित्तर आतमा से भर के सरग दन्न देखलन आउर परमेसर के महिमा के आउर यीसु के परमेसर के दाहिना दन्न खड़ा देखके
[56] कहलन, “देखहु, हम सरग के खुलल, आउर आमदी के बेटा के परमेसर के दाहिना दन्न खड़ा देखऽ ही।”
[57] तब ओ जोर से चिचियाके कान बन्द कर लेलन, आउर एक ज उरे उनका पर झप टलन;
[58] आउर उनका सहर के बाहिर निकास के उनका पर रोड़ाबाजी करे लगलन। गवाहवन अप्पण कपड़ा साऊल नाँव के एगो ज मान के पइर के भीरी उतार के रख देलन।
[59] ओ सि्तप फनुस पर रोड़ाबाजी करइत रहलन, आउर ऊ ई कहके प रारथाना करइत रहलन, “हे परभु यीसु, हमर आतमा के गरहन करऽ।”
[60] फिन ठेहुबिया के जोर से हँकावलन, “हे परभु, ई पाप उनका पर मत लगावऽ।” आउर ई कहके सूत गेलन।