[1] बने होतिस कि तें अकास ला चीरके खाल्हे उतर आते, कि पहाड़मन तोर आघू म कांप उठतिन!
[2] जइसन आगी ह डारामन ला जला देथे अऊ पानी ला डपकाथे, वइसन तें अपन बईरीमन ऊपर अपन नांव परगट करे बर अऊ जाति-जाति के मनखेमन ला अपन आघू म कंपाय बर खाल्हे उतर!
[3] काबरकि जब तेंह अद्भूत काम करे, जेकर हमन आसा नइं करत रहेंन, तब तें खाल्हे उतरे, अऊ पहाड़मन तोर आघू म कांप उठिन।
[4] पुराना जमाना ले तोला छोंड़ कोनो अऊ परमेसर के बारे म न तो सुने गीस, न कोनो मनखे ओला जानिन, अऊ न कोनो कभू ओला देखिन, तेंह अइसन परमेसर अस, जऊन ह अपन बाट जोहइया कोति ले काम करथस।
[5] तें ओमन के मदद करे बर आथस, जेमन खुसी से भलई के काम करथें, जेमन तोर डहारमन ला सुरता म रखथें। पर जब हमन लगातार तोर बिरूध म पाप करेंन, त तें गुस्सा करे। तब हमर उद्धार कइसे हो सकथे?
[6] हमन सब के सब असुध मनखे सहीं हो गे हवन, अऊ हमर जम्मो धरमी काममन मईला चेंदरा सहीं अंय; हमन सब के सब पान सहीं मुरझा जाथन, अऊ हवा सहीं हमर पापमन हमन ला उड़ियाके ले जाथे।
[7] कोनो तोर नांव नइं लेवंय या तोला धरे रहे के कोसिस कोनो नइं करंय; काबरकि तेंह हमन ले अपन मुहूं ला छुपा ले हस, अऊ हमन ला हमर पाप के बस म कर दे हस।
[8] तभो ले, हे यहोवा, तेंह हमर ददा अस। हमन माटी अन, अऊ तें हमर कुम्हार अस; हमन सब के सब तोर हांथ के रचना अन।
[9] एकरसेति हे यहोवा, जादा रिस झन कर; अनंतकाल तक हमर पाप ला सुरता झन रख। हमर तरफ धियान दे, हमन पराथना करत हन, काबरकि हमन सब तोर मनखे अन।
[10] देख, तोर पबितर नगरमन बंजर भुइयां हो गे हवंय; अऊ त अऊ सियोन ह बंजर भुइयां हो गे हवय, यरूसलेम ह उजरे परे हवय।
[11] हमर पबितर अऊ सोभायमान मंदिर, जेमा हमर पुरखामन तोर इस्तुति करत रिहिन, आगी ले जला दे गे हवय, अऊ हमर कीमती चीजमन नास हो गीन।
[12] ये सब होय के बाद घलो, हे यहोवा, का तें अपनआप ला रोके रहिबे? का तें चुप रहिबे अऊ हमन ला सीमना के बाहिर सजा देबे?