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[1] “हे द्वीपमन, मोर आघू म चुप रहव! देस-देस के मनखेमन नवां बल पावंय! ओमन आघू म आके बोलंय; आवव, नियाय के जगह म एक संग जूरन।

[2] “कोन ह पूरब दिग ले एक झन ला उभारे हे, अऊ धरमीपन म ओला अपन सेवा बर बलाय हे? ओह जातिमन ला ओकर हांथ म कर देथे अऊ राजामन ला ओकर अधीन कर देथे। ओह अपन तलवार ले ओमन ला धुर्रा, अऊ अपन धनुस ले उड़ियाय भूंसा सहीं कर देथे।

[3] ओह ओमन के पीछा करथे अऊ बिगर हानि के, ओह एक अइसन रसता म आघू बढ़थे, जेमा ओह पहिले कभू नइं गे रिहिस।

[4] कोन ह ये काम करे हवय अऊ येला इहां तक लाने हवय अऊ सुरू ले पीढ़ी-पीढ़ी के मनखेमन ला बलात आय हवय? में, यहोवा—जऊन ह ओमन के सबले पहिली के संग अऊ आखिरी के संग हंव—में ओही अंव।”

[5] द्वीपमन येला देखे हवंय अऊ डरथें; धरती के छोरमन कांपथें। ओमन लकठा म आथें अऊ आघू म आथें;

[6] ओमन एक-दूसर के सहायता करथें अऊ अपन संगीमन ला कहिथें, “मजबूत बनव!”

[7] लोहार ह सुनार ला अऊ जऊन ह हथौड़ा ले समतल करथे ओह लोहा ऊपर हथौड़ा मरइया ला उत्साहित करथे। जोड़नेवाला एक झन ह कहिथे, “येह बढ़िया हे।” आने ह मूरती म खीला ठोंकथे ताकि येह झन गिरय।

[8] “पर हे मोर सेवक, इसरायल, हे मोर चुने गय, याकूब, हे मोर संगी अब्राहम के संतानमन,

[9] मेंह तोला धरती के छोर ले लेंव, मेंह तोला धरती के सबले दूरिहा जगहमन ले बलांय। मेंह कहेंव, ‘तेंह मोर सेवक अस’; मेंह तोला चुने हंव अऊ तोला छोंड़े नइं हंव।

[10] झन डर, काबरकि में तोर संग हवंव; भयभीत झन हो, काबरकि में तोर परमेसर अंव। में तोला मजबूत करहूं अऊ तोर मदद करहूं; अपन धरमी जेवनी हांथ ले में तोला संभाले रहिहूं।

[11] “देख, ओ जम्मो जेमन तोर ले गुस्सा होथें ओमन जरूर लज्जित अऊ कलंकित होहीं; जेमन तोर बिरोध करथें ओमन बेकार अऊ नास हो जाहीं।

[12] तेंह अपन बईरीमन ला खोजबे घलो पर ओमन तोला नइं मिलहीं। जेमन तोर ले लड़ई करथें ओमन नास होके मेटा जाहीं।

[13] काबरकि में यहोवा तोर परमेसर अंव जऊन ह तोर जेवनी हांथ ला धरथे अऊ तोला कहिथे, झन डर; में तोर सहायता करहूं।

[14] हे कीरा सहीं याकूब, झन डर, हे छोटकन इसरायल, झन डर, काबरकि में खुद तोर मदद करहूं,” यहोवा ह घोसना करत हे, तोर छुड़इया, इसरायल के पबितर परमेसर।

[15] देख, मेंह तोला बहुंत दांतमन के संग नवां अऊ तेज कुटनेवाला एक बेलन बनाहूं। तेंह पहाड़मन ला कुटबे अऊ ओमन ला चूर-चूर कर देबे, अऊ पहाड़ीमन ला तें भूंसा सहीं कर देबे।

[16] तें ओमन ला फटकबे, अऊ हवा ओमन ला उड़ियाके ले जाही, अऊ आंधी ओमन ला तितिर-बितिर कर दीही। पर तें यहोवा म आनंदित होबे अऊ इसरायल के पबितर परमेसर म बड़ई मारबे।

[17] “गरीब अऊ जरूरतमंद मनखेमन पानी के खोज करथें, पर पानी कहीं नइं मिलय, ओमन के जीभ ह पीयास के मारे सूखा जाथे। पर में यहोवा ह ओमन ला जबाब दूहूं; में, इसरायल के परमेसर ह ओमन ला छोंड़ नइं देवंव।

[18] में सूखा पहाड़ीमन ले नदीमन ला अऊ घाटीमन के बीच म सोतामन ला बहा दूहूं। मेंह मरू-भुइयां ला तरिया म अऊ सूखा भुइयां ला सोतामन म बदल दूहूं।

[19] मेंह मरू-भुइयां म देवदार, बंबरी, मेंहदी, अऊ जैतून उगाहूं। मेंह उजाड़ जगह म सनोवर, चिनार अऊ गोपेर के रूख इकट्ठा लगाहूं,

[20] ताकि मनखेमन देखंय अऊ जानंय, ओमन बिचार करंय अऊ समझंय, कि येह यहोवा के हांथ के काम अय, अऊ इसरायल के पबितर परमेसर ह येला बनाय हवय।”

[21] “अपन मामला ला लानव,” यहोवा ह कहिथे। “अपन तर्क ला सामने रखव,” याकूब के राजा कहिथे।

[22] “हे मूरतीमन, हमन ला बतावव, कि भविस्य म का होवइया हे। हमन ला पहिले के चीजमन के बारे बतावव ताकि हमन ओमन ऊपर सोच-बिचार करन अऊ अंतिम बात ला समझन। या होवइया चीजमन के बारे म हमन ला बतावव,

[23] भविस्य म जऊन कुछू होवइया हे, तेला बतावव, तभे हमन जानबो कि तुमन देवता अव। भला या बुरा, कुछू घलो करव ताकि हमन भयभीत होवन अऊ डर जावन।

[24] पर तुमन कुछू घलो नो हव, अऊ तुम्हर काममन एकदम बेकार अंय; जऊन ह तुमन ला चाहथे, ओह घिनौना मनखे अय।

[25] “मेंह उत्तर दिग ले एक झन ला उकसाय हंव, अऊ ओह आवत हे— ओह पूरब दिग के अय अऊ मोर नांव के दुहाई देथे। जइसन एक कुम्हार ह माटी ला खुंदथे, वइसन ही ओह हाकिममन ला खुंदही, मानो ओमन गारा अंय।

[26] कोन ह ये बात ला सुरूआत ले बताईस कि हमन ये जानतेंन, या पहिले से कोन ह बताईस कि हमन कहितेंन, ‘ओह सही रिहिस’? ये बात कोनो नइं बताईन, पहिले से येला कोनो नइं बताईस, तोर ले कोनो भी कुछू बात नइं सुनिस।

[27] सबले पहिली मेंह सियोन ला बताएंव, ‘देख, ओमन इहां हवंय!’ मेंह यरूसलेम ला सुघर संदेस सुनानेवाला एक संदेसिया देंव।

[28] मेंह खोजथंव, पर उहां कोनो नइं एं— देवतामन के बीच म कोनो सलाह देवइया नइं एं, जब मेंह ओमन ले पुछथंव, त जबाब देवइया कोनो नइं एं।

[29] देखव, ओमन जम्मो के जम्मो गलत अंय! ओमन के काम बेकार अंय; ओमन के ढारे गय मूरतीमन हवा अऊ गड़बड़ी के अलावा अऊ कुछू नो हंय।

यसायाह — Chapters