[1] हे द्वीपमन, मोर बात ला सुनव; हे दूरिहा-दूरिहा के जातिमन येला सुनव: मोर जनमे के पहिली, यहोवा ह मोला बलाईस, मोर दाई के गरभ ले ही ओह मोर नांव ला रखिस।
[2] ओह मोर मुहूं ला चोख तलवार सहीं बनाईस, अऊ अपन हांथ के आड़ म मोला छुपा लीस; ओह मोला एक चमकीला तीर बनाके अपन तरकस म छुपाके रखिस।
[3] ओह मोला कहिस, “तेंह मोर सेवक इसरायल अस, जेमा मेंह अपन महिमा परगट करहूं।”
[4] तब मेंह कहेंव, “में तो बेकार म मेहनत करें; मेंह बेकार म अपन ताकत लगांय। तभो ले येह यहोवा के हांथ म हवय कि मोला का मिलही, अऊ मोर ईनाम ह मोर परमेसर के हांथ म हवय।”
[5] अऊ अब यहोवा ह कहिथे— जऊन ह मोला गरभ म एकरसेति रचिस कि मेंह ओकर सेवक बनंव अऊ याकूब ला ओकर मेर लहुंटाके ले आवंव अऊ इसरायल ला ओकर मेर इकट्ठा करंव, काबरकि यहोवा के नजर म मोर आदर होय हवय अऊ मोर परमेसर ह मोर ताकत अय—
[6] यहोवा ह कहिथे: “येह तोर बर बहुंत छोटे बात ए कि मोर सेवक बनके तें याकूब के गोत्र ला फेर पहिले के सहीं कर दे अऊ इसरायल के ओ बांचे मनखेमन ला वापिस ले आ, जेमन ला मेंह बचाके रखे हंव। में तोला आनजातमन बर एक अंजोर घलो ठहिराहूं, ताकि मोर उद्धार ह धरती के छोर तक हबरे।”
[7] जऊन ह मनखेमन म तुछ जाने जाथे, जेकर ले जाति ह घिन करथे, जऊन ह सासन करइयामन के सेवक अय, ओकर ले यहोवा, इसरायल के छुड़इया अऊ पबितर परमेसर ह ये कहत हे: “राजा ह तोला देखके ठाढ़ हो जाही, हाकिममन देखके दंडवत करहीं, येह यहोवा के कारन होही, जऊन ह बिसवासयोग्य, इसरायल के पबितर परमेसर अय अऊ जऊन ह तोला चुने हवय।”
[8] यहोवा ह ये कहत हे: “मोर दया के समय म मेंह तोला जबाब दूहूं, अऊ उद्धार के दिन म मेंह तोर सहायता करहूं; में तोर रकछा करके तोला मनखेमन बर एक करार ठहिराहूं, ताकि देस ह स्थिर होवय अऊ उजाड़ पड़े उत्तराधिकार ला फेर सऊंपे जावय,
[9] अऊ बंधुवई म गय मनखेमन ला कहे जावय, ‘बाहिर आवव,’ अऊ जेमन अंधियार म हवंय ओमन ला कहे जावय, ‘सुतंतर हो जावव।’ “ओमन रद्दा के तीरे-तीर जेवन पाहीं अऊ हर बंजर पहाड़ी म ओमन ला चरागन मिलही।
[10] ओमन न तो भूखन होहीं, न ही पीयासन, अऊ न ही मरू-भुइयां के गरमी अऊ सूरज के घाम ओमन ला लगही। जऊन ह ओमन ऊपर दया करथे, ओह ओमन के अगुवई करही अऊ ओमन ला पानी के सोतामन के तीर म ले जाही।
[11] मेंह अपन सब पहाड़मन ला सड़क बना दूहूं, अऊ मोर राजमार्गमन ऊंचहा करे जाहीं।
[12] देखव, ओमन दूरिहा ले आहीं— कुछू झन उत्तर ले, कुछू झन पछिम ले, कुछू झन असवान के इलाका ले आहीं।”
[13] हे अकास, आनंद के मारे जय-जयकार कर; हे धरती, आनंदित हो; हे पहाड़मन, गला खोलके गीत गावव! काबरकि यहोवा ह अपन मनखेमन ला सांति देथे अऊ अपन दुखित मनखेमन ऊपर दया करही।
[14] पर सियोन ह कहिस, “यहोवा ह मोला तियाग दे हवय, परभू ह मोला भुला गे हवय।”
[15] “का कोनो दाई अपन दूध पीयत लइका ला भुला सकत हे अऊ अपन जनमाय लइका ऊपर कुछू दया नइं करय? हां, ओह तो भुला सकत हे, पर में तोला नइं भुलावंव!
[16] देख, मेंह अपन हथेली म खोदके तोर तसबीर बनाय हंव; तोर दीवारमन हरदम मोर आघू म बने रहिथें।
[17] तोर लइकामन जल्दी करके वापिस आवत हें, अऊ जेमन तोला उजाड़ दीन, ओमन तोर करा ले चले जावथें।
[18] अपन आंखी उठाके चारों कोति देख; तोर जम्मो लइकामन जूरत हें अऊ तोर मेर आवत हें। मोर जिनगी के कसम,” यहोवा ह घोसना करत हे, “तेंह ओ जम्मो झन ला जेवर सहीं पहिरबे; तें एक दुलहिन के सहीं ओमन ला पहिरबे।
[19] “हालाकि तेंह नास होके उजाड़ पड़े रहय अऊ तोर देस ह उजाड़ पड़े रिहिस, पर अब तें अपन मनखेमन बर बहुंत छोटे पड़बे, अऊ जेमन तोला नास करे रिहिन, ओमन दूरिहा हो जाहीं।
[20] तोर दुख के समय जनमे लइकामन तोर सुनत म कहिहीं, ‘ये जगह ह हमर बर छोटे हे; हमन ला रहे बर अऊ जगह दे।’
[21] तब तें अपन मन म कहिबे, ‘कोन ह येमन ला मोर बर जनमाईस? में तो दुखी अऊ बिगर लइका के रहेंव, मेंह बंधुवई म रहेंव अऊ छोंड़ दिये गे रहेंव। येमन के पालन-पोसन कोन करिस? मेंह एके झन छोंड़ दिये गे रहेंव, पर येमन कहां ले आय हवंय?’ ”
[22] परमपरधान यहोवा ह ये कहत हे: “देख, में जाति-जाति के मनखेमन ला इसारा करके बलाहूं, मेंह देस-देस के मनखेमन के आघू म अपन झंडा ठाढ़ करहूं; ओमन तोर बेटामन ला अपन गोदी म धरके लानहीं अऊ तोर बेटीमन ला अपन पीठ म बईठाके लानहीं।
[23] राजामन तोर पालक ददा अऊ ओमन के रानीमन तोला दूध पीयानेवाली दाई होहीं। ओमन भुइयां म झुकके तोला दंडवत करहीं; ओमन तोर गोड़ के धुर्रा ला चाटहीं। तब तेंह ये जानबे कि मेंह यहोवा अंव; जेमन मोर ऊपर आसा रखथें, ओमन निरास नइं होवंय।”
[24] का बीर के हांथ ले सामान लूटे जा सकथे, या का दुस्ट ले कैदीमन ला छोंड़ाय जा सकथे?
[25] पर यहोवा ह ये कहत हे: “हव, बीर ले कैदीमन ला छीने जा सकथे, अऊ दुस्ट ले लूट के सामान लिये जा सकथे; में ओमन ले लड़हूं, जेमन तोर संग लड़थें, अऊ तोर लइकामन ला मेंह बचाहूं।
[26] में तोर ऊपर अतियाचार करइयामन ला ओहीचमन के मांस खवाहूं; अऊ ओमन अपन खुद के लहू पीहीं, जइसे मंद पीथें। तब जम्मो मानव-जाति ह जानही कि में, यहोवा ह तोर उद्धारकर्ता, तोर छुड़इया, याकूब के सक्तिमान परमेसर अंव।”