[1] हिजकियाह राजा के राज के चौदहवां साल म, अस्सूर के राजा सनहेरीब ह यहूदा के जम्मो गढ़वाले सहर ऊपर हमला करिस अऊ ओमन ला अपन अधिकार म कर लीस।
[2] अस्सूर के राजा ह अपन मैदान के सेनापति ला एक बड़े सेना के संग लाकीस नगर ले यरूसलेम म हिजकियाह राजा के बिरूध भेजिस। जब सेनापति ह ऊपरी तरिया के नहर करा धोबीमन के खेत के सड़क म जाके रूकिस।
[3] तब हिलकियाह के बेटा एलयाकीम, जऊन ह महल के अधिकारी रिहिस, अऊ सेबना, जऊन ह सचिव रिहिस, अऊ आसाप के बेटा योआह, जऊन ह अभिलेखक रिहिस, ये तीनों झन निकलके ओकर करा गीन।
[4] मैदान के सेनापति ह ओमन ला कहिस, “हिजकियाह ला बतावव: “ ‘महाराजा, अस्सूर के राजा ह ये कहत हे: तोर ये भरोसा के आधार का ए?
[5] तेंह कहिथस कि तोर करा लड़ई बर नीति अऊ ताकत हवय—पर तेंह सिरिप खोखला बात करथस। काकर ऊपर भरोसा करके, तेंह मोर बिरूध बिदरोह करत हस?
[6] देख, मेंह जानत हंव कि तेंह मिसर देस ऊपर भरोसा करत हस, ओ एक लउठी के चीरे नरकट ऊपर, जऊन ह ओ मनखे के हांथ म चूभथे, जऊन ह येकर सहारा लेथे। फिरौन, मिसर के राजा ह ओ जम्मो झन बर अइसने ही अय, जेमन ओकर ऊपर भरोसा करथें।
[7] पर कहूं तें मोला ये कहिथस, “हमर भरोसा यहोवा, हमर परमेसर ऊपर हवय”—का येह ओ नो हय, जेकर ऊंचहा जगह अऊ बेदीमन ला हिजकियाह ह हटाके यहूदा अऊ यरूसलेम के मनखेमन ला कहिस, “ये जरूरी अय कि तुमन ये बेदी के आघू म उपासना करव”?
[8] “ ‘एकरसेति अब आ, अऊ मोर मालिक अस्सूर के राजा के संग मोलभाव कर: मेंह तोला दू हजार घोड़ा दूहूं—यदि तें ओमन बर घुड़सवारमन के परबंध कर सकबे त!
[9] हालाकि तेंह रथ अऊ घुड़सवारमन बर मिसर देस ऊपर भरोसा करत हस, पर मोर मालिक के छोटे ले छोटे अधिकारी ला घलो कइसे भगा सकत हस?
[10] का मेंह यहोवा के बिगर कहे ये देस ऊपर हमला करेंव अऊ येला नास करे बर आय हवंव? यहोवा ह खुद मोला कहे हवय कि ये देस ऊपर हमला कर अऊ येला नास कर दे।’ ”
[11] तब एलयाकीम, सेबना अऊ योआह, मैदान के सेनापति ला कहिन, “अपन सेवकमन ले अरामिक भासा म गोठिया, काबरकि हमन ये भासा ला समझथन। भीथी ऊपर बईठे मनखेमन के सुनत म हमर ले इबरानी म झन गोठिया।”
[12] पर सेनापति ह जबाब दीस, “का मोर मालिक ह मोला सिरिप तुम्हर मालिक अऊ तुमन ला ये बात कहे बर पठोय हवय, अऊ दीवार ऊपर बईठे ओ मनखेमन ला नइं, जेमन ला तुम्हर सहीं, अपन खुद के मल ला खाना अऊ अपन खुद के पेसाब ला पीना पड़ही।”
[13] तब सेनापति ह ठाढ़ होईस अऊ इबरानी म जोर से कहिस, “महाराजा अस्सूर के राजा के बात ला सुनव!
[14] राजा ह ये कहत हे, हिजकियाह तुमन ला धोखा झन देवय। ओह तुमन ला छुड़ा नइं सकय।
[15] हिजकियाह के मनाय म झन आवव, जब ओह यहोवा ऊपर भरोसा रखे बर ये कहिथे, ‘खचित यहोवा ह हमन ला छुड़ाही; ये सहर ला अस्सूर के राजा के हांथ म नइं दिये जावय।’
[16] “हिजकियाह के बात ला झन सुनव। अस्सूर के राजा ह ये कहिथे: मोर संग मेल-मिलाप करव अऊ बाहिर निकलके मोर करा आवव। तब तुमन म ले हर एक ह अपन खुद के अंगूर के नार के अऊ अंजीर के रूख के फर खाही अऊ अपन खुद के कुंड के पानी पीही,
[17] जब तक कि मेंह आके तुमन ला एक अइसन देस म नइं ले जाहूं, जऊन ह तुम्हर खुद के सहीं होही—अनाज अऊ नवां अंगूर के मंद के देस, रोटी अऊ अंगूर के बारीमन के देस।
[18] “हिजकियाह ह तुमन ला बहकावन झन पावय, जब ओह कहिथे, ‘यहोवा ह हमन ला छुड़ाही।’ का अऊ जातिमन के देवतामन कभू अपन देसमन ला अस्सूर के राजा के हांथ ले छुड़ाय हवंय?
[19] हमात अऊ अरपाद के देवतामन कहां हवंय? सपरवैम के देवतामन कहां हवंय? का ओमन सामरिया ला मोर हांथ ले बचाय हवंय?
[20] ये देसमन के जम्मो देवतामन ले कोन ह अपन देस ला मोर हांथ ले बचाय हवय? तब यहोवा ह कइसे यरूसलेम ला मोर हांथ ले छुड़ा सकथे?”
[21] पर मनखेमन चुपेचाप रिहिन अऊ जबाब म कुछू नइं कहिन, काबरकि राजा ह ये हुकूम दे रिहिस, “ओला जबाब झन दव।”
[22] तब हिलकियाह के बेटा एलयाकीम, जऊन ह महल के अधिकारी रिहिस; सेबना जऊन ह सचिव रिहिस; अऊ आसाप के बेटा योआह, जऊन ह इतिहास के अभिलेखक रिहिस; ये तीनों अपन फटे कपड़ा के संग हिजकियाह मेर गीन, अऊ ओला मैदान के सेनापति के कहे बात ला बताईन।