[1] खचित, यहोवा के हांथ अइसन छोटे नइं हो गे हवय कि तुम्हर उद्धार नइं कर सकय, न ही ओह अइसन भैंरा हो गे हवय कि सुन नइं सकय।
[2] पर तुम्हर अधरम के काममन तुमन ला तुम्हर परमेसर ले अलग कर दे हवंय; तुम्हर पापमन ओकर मुहूं ला तुम्हर ले छुपा रखे हें, जेकर कारन ओह नइं सुनय।
[3] काबरकि तुम्हर हांथमन म खून, अऊ तुम्हर अंगठीमन म अधरम के धब्बा लगे हवय। तुम्हर मुहूं ह लबारी बात कहे हवय, अऊ तुम्हर जीभ ले खराप बात निकलथे।
[4] कोनो नियाय के बात नइं करंय; न कोनो सच्चई ले मुकदमा लड़ंय। ओमन लबारी बात ऊपर भरोसा रखथें; ओमन लबारी बात कहिथें; ओमन समस्या ला गरभ म धरथें अऊ पाप ला जनम देथें।
[5] ओमन करैत सांप के अंडा ला सेथें अऊ मेकरा के जाली बनाथें। जऊन कोनो ओमन के अंडा ला खाथे, ओह मर जाथे, अऊ जब कोनो एक ठन ला फोरे जाथे, त ओमा ले बिसैला सांप के पीला निकलथे।
[6] ओमन के बुने जालीमन ओनहा के काम नइं आवंय; अऊ ओमन जऊन कुछू बनाथें, ओकर ले अपनआप ला ढांप नइं सकंय। ओमन के काममन दुस्टता के काम अंय, अऊ ओमन के हांथ ले हिंसा के काम होथे।
[7] ओमन के गोड़मन बुरई करे बर दऊड़थें; ओमन निरदोस के हतिया करे बर तियार रहिथें। ओमन दुस्ट साजिस करे म लगे रहिथें; हिंसा के काममन ले ओमन के डहार भरे हवय।
[8] सांति के डहार ला ओमन नइं जानंय; ओमन के सुभाव म नियाय के बात नइं ए। ओमन अपन डहारमन ला बेईमानी के सड़क बना ले हवंय; ओमन के संग रेंगइया कोनो भी मनखे सांति के बात नइं जानंय।
[9] एकर कारन ले नियाय ह हमन ले दूरिहा हवय, अऊ धरमीपन हमर मेर नइं आवय। हमन अंजोर के डहार तो देखथन, पर देखव अंधियार ही बने रहिथे; हमन अंजोर के आसा तो लगाय हवन, पर घोर अंधियार म रेंगथन।
[10] हमन अंधरा सहीं दीवार पकड़के टमड़त रहिथन, हमन बिन आंखी के मनखे सहीं महसूस करथन। गोधूलि के बेरा सहीं, हमन दिन-दुपहरी म हपटत रहिथन, हट्टा-कट्टामन के बीच म हमन मुरदा सहीं हवन।
[11] हमन सब के सब भालू सहीं गुर्राथन; अऊ पंड़की सहीं सोक करत बिलाप करथन। हमन नियाय के डहार तो देखथन, पर नियाय नइं मिलय; हमन छुटकारा के तो डहार देखथन, पर ओह हमन ले दूरिहा ही रहिथे।
[12] काबरकि हमर अपराध तोर नजर म बहुंत हो गे हवय, हमर पापमन हमर बिरूध म साखी देथें। हमर अपराधमन हमेसा हमर संग हवंय, अऊ हमन अपन अधरम के काम ला मान लेथन:
[13] यहोवा के बिरूध बिदरोह अऊ धोखा, अपन परमेसर कोति अपन पीठ देखई, बिदरोह अऊ अतियाचार करई, अपन मन म रखे लबरा बात कहई।
[14] एकरसेति नियाय ह पाछू हट जावत हे, अऊ धरमीपन ह दूरिहा म ठाढ़ रहिथे; सच्चई ह गलीमन म गिर गे हवय, ईमानदारी आ नइं सकय।
[15] सच्चई कहूं नइं ए, अऊ जऊन ह बुरई ले भागथे, ओह खुद सिकार हो जाथे। यहोवा ह देखिस अऊ ओला ये बात बने नइं लगिस कि उहां नियाय नइं रिहिस।
[16] ओह देखिस कि उहां कोनो नइं एं, अऊ ओह अचम्भो करिस कि कोनो बिचवई करइया नइं एं; तब ओह अपन ही भुजबल ले ओकर बर उद्धार के काम ला करिस, अऊ अपन ही धरमीपन म ओला संभालिस।
[17] ओह धरमीपन ला झिलम के सहीं पहिर लीस, अऊ ओकर मुड़ म उद्धार के टोप राखे गीस; ओह बदला लेय के ओनहा पहिरिस अऊ उत्साह के पहिरावा ला अपन म लपेट लीस।
[18] ओमन के करम के मुताबिक ओह ओमन ला फर दीही, ओकर बईरीमन ऊपर कोप भड़कही अऊ अपन बिरोधीमन ले बदला लीही; ओह द्वीप म रहइयामन ला ओमन के काम के परतिफल दीही।
[19] तब पछिम कोति मनखेमन यहोवा के नांव के भय मानहीं, अऊ पूरब कोति ओकर महिमा के आदर होही। काबरकि ओह बाढ़ के पानी सहीं आही तब यहोवा के आतमा ह ओला भगाही।
[20] “छुड़इया ह सियोन मेर ओमन करा आही, जेमन याकूब म हवंय अऊ अपन पाप ले मन फिराथें,” यहोवा ह घोसना करत हे।
[21] “जहां तक मोर बात ए, येह ओमन के संग मोर करार ए,” यहोवा ह कहत हे। “मोर आतमा, जऊन ह तोर ऊपर हवय, ओह तोर ले अलग नइं होवय, अऊ मोर जऊन बचन, मेंह तोर मुहूं म डारे हंव, ओह तोर मुहूं म, तोर लइकामन के मुहूं म अऊ ओमन के संतानमन के मुहूं म अब ले लेके हमेसा रहिही,” यहोवा ह कहत हे।