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[1] ओ दिन, यहोवा ह अपन तलवार ले— अपन भयंकर, बड़े अऊ मजबूत तलवार ले— लिबयातान नांव के टेड़गा रेंगइया सांप, लिबयातान नांव के कुंडली मरइया सांप ला दंड दीही; ओह समुंदर के बड़े अऊ बिकराल जन्तु ला मार डारही।

[2] ओ दिन— “फर देवइया एक अंगूर के बारी के बारे म गीत गाहू:

[3] में, यहोवा ह येकर रकछा करथंव; मेंह लगातार येमा पानी पलोथंव। मेंह रात-दिन येकर पहरेदारी करथंव, ताकि कोनो येकर हानि झन करंय।

[4] मेंह गुस्सा नइं करत हंव। यदि मोर आघू म उहां सिरिप झाड़ी अऊ कांटामन होतिन! त मेंह ओमन के बिरूध लड़े बर आघू बढ़तेंव; मेंह ओ जम्मो म आगी लगा देतेंव।

[5] या फेर ओमन मोर मेर सरन लेय बर आवंय; ओमन मोर संग म मेल-मिलाप कर लेवंय, हव, ओमन मोर संग मेल-मिलाप कर लेवंय।”

[6] अवइया दिनमन म याकूब ह जरी धरही, इसरायल ह बढ़ही अऊ ओमा फूल धरही अऊ पूरा संसार ला फर ले भर दीही।

[7] का यहोवा ह ओला वइसने मारिस जइसने ओह ओमन ला मारिस, जेमन ओला मारिन? का ओह वइसने मार डारे गीस जइसने ओमन मार डारे गीन, जेमन ओला मार डारिन?

[8] लड़ई अऊ बंधुवई के दुवारा तें ओकर संग लड़— अपन भयंकर आंधी ले ओह ओला भगा देथे। जइसे एक दिन पुरवाही हवा चलथे।

[9] तब एकर दुवारा, याकूब के अधरम के पछताप करे जाही, अऊ ओकर पाप दूर होय के फर ये होही: जब ओह बेदी के जम्मो पथरामन ला चूना के पथरा सहीं कुचरके कुटा-कुटा कर देथे, तब कोनो असेरा के खंभा या धूप के बेदी ला सही-सलामत नइं छोंड़े जाही।

[10] काबरकि गढ़वाला नगर निरजन हो गे हवय, एक छोंड़े गय बस्ती ला निरजन जगह सहीं तियाग दिये गे हवय; उहां बछवामन चरथें, उहां ओमन बईठथें; अऊ येकर डंगालीमन ला खाके ठुठवा कर देथें।

[11] जब येकर छोटे डंगालीमन सूख जाथें, त ओमन टूट जाथें अऊ माईलोगनमन आके ओमन ला जला देथें। काबरकि येमन बिगर समझवाले मनखे अंय; एकरसेति ओमन के बनानेवाला ओमन ऊपर दया नइं करय, अऊ ओमन के सिरिस्टी करइया ह ओमन ऊपर किरपा नइं करय।

[12] ओ दिन यहोवा ह फरात नदी ले लेके मिसर के नरवा तक अपन अनाज ला पछिनही, अऊ हे इसरायलीमन, तुमन एक-एक करके इकट्ठा करे जाहू।

[13] अऊ ओ दिन एक बड़े तुरही फूंके जाही। जेमन अस्सूर देस म नास होवत रिहिन अऊ जेमन मिसर देस म बंधुवई म रिहिन, ओमन आहीं अऊ यरूसलेम म पबितर पहाड़ ऊपर यहोवा के अराधना करहीं।

यसायाह — Chapters