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[1] बेबिलोन के बिरूध अगमबानी, जऊन ला आमोस के बेटा यसायाह ह दरसन म पाईस:

[2] खाली पहाड़ी के टीप म एक ठन झंडा ठाढ़ करव, ओमन ला पुकारव; ओमन ला हांथ ले इसारा करव कि ओमन परभावसाली मनखेमन के दुवारमन म प्रवेस करंय।

[3] मेंह ओमन ला हुकूम दे हंव, जेमन ला मेंह लड़ई बर तियार करे हंव; मेंह अपन कोप ला पूरा करे बर अपन ओ योद्धामन ला बलाय हंव— जेमन मोर जीत म आनंद मनाथें।

[4] सुनव, पहाड़मन के ऊपर ले एक बड़े भीड़ सहीं हल्ला-गुल्ला सुनई देवत हवय! सुनव, राज-राजमन के बीच एक कोलाहल होवत हवय, मानो जाति-जाति के मनखेमन इकट्ठा होवत हवंय! सर्वसक्तिमान यहोवा ह युद्ध बर अपन सेना ला इकट्ठा करत हे।

[5] ओमन दूर देस म ले, अकास के छोर म ले आथें— हव, यहोवा ह अपन कोप के हथियार के संग पूरा देस ला नास करे बर आवत हवय।

[6] बिलाप करव, काबरकि यहोवा के दिन ह लकठा म हवय; येह सर्वसक्तिमान परमेसर करा ले सतियानास करे बर आही।

[7] एकर कारन सब के हांथमन कमजोर हो जाहीं, हर मनखे के मन म डर हमा जाही।

[8] आतंक ह ओमन ला जकड़ लीही, ओमन के पीरा अऊ सोक ह बढ़ जाही; ओमन छेवारी होवत माईलोगन सहीं छटपटाहीं। ओमन चकित होके एक-दूसर ला ताकहीं, अऊ ओमन के मुहूंमन जल जाहीं।

[9] देखव, यहोवा के दिन ह आवत हवय —देस ला उजारे अऊ पापीमन ला ओमा नास करे बर कोप अऊ भयंकर कोरोध के संग एक निरदयता के दिन आवत हवय।

[10] अकास के तारामन अऊ ओमन के तारा मंडल अपन अंजोर नइं दीहीं। सूरज ह निकलत-निकलत अंधियार हो जाही अऊ चंदा अपन अंजोर नइं दीही।

[11] मेंह संसार ला ओकर दुस्टता बर दुस्ट मनखे ला ओकर पाप बर दंड दूहूं। मेंह घमंडी के घमंड ला खतम कर दूहूं अऊ निरदयी मनखे के घमंड ला टोर दूहूं।

[12] मेंह मनखेमन के गनती ला सुध सोन ले घलो कम, ओपीर के सोन ले घलो जादा दुरलभ कर दूहूं।

[13] एकरसेति सर्वसक्तिमान यहोवा के कोप म, ओकर भड़के भयंकर कोरोध के दिन मेंह अकास ला कंपवाहूं; अऊ धरती ह अपन जगह ले डोलही।

[14] सिकार करे गय हिरन के सहीं, बिन चरवाहा के भेड़मन के सहीं, ओमन अपन खुद के मनखेमन करा लहुंटहीं, ओमन भागके अपन-अपन देस चल दीहीं।

[15] जऊन ह बंदी बनाय जाही, ओला छुरा भोंग दिये जाही; जऊन मन पकड़े जाहीं, ओ जम्मो के जम्मो तलवार ले मारे जाहीं।

[16] ओमन के छोटे लइकामन ला ओमन के आघू म पटकके कुटा-कुटा कर दिये जाही; ओमन के घरमन लूट लिये जाहीं अऊ ओमन के घरवालीमन के संग कुकरम करे जाही।

[17] देखव, मेंह ओमन के बिरूध मादीमन ला भड़काहूं, जेमन के मन म चांदी बर न तो कुछू मोह रहय अऊ न ही सोन के कोनो लालच।

[18] ओमन के तीरमन जवानमन ला मार गिराहीं; ओमन छोटे लइकामन ऊपर कुछू दया नइं करहीं, अऊ न ही लइकामन ऊपर कुछू तरस खाहीं।

[19] बेबिलोन, जऊन ह सब राजमन के मनि, बेबिलोनीमन के सोभा अऊ घमंड अय, ओला परमेसर ह सदोम अऊ अमोरा सहर के सहीं उखानके फेंक दीही।

[20] पीढ़ी-पीढ़ी तक उहां न तो कोनो निवास करहीं अऊ न ही उहां कोनो रहिहीं; घुमंतू जाति के मनखेमन न तो उहां डेरा डालहीं, अऊ न ही चरवाहामन अपन पसुमन ला उहां बईठाहीं।

[21] पर मरू-भुइयां के पसुमन उहां रहिहीं, सियारमन ओकर घरमन म भर जाहीं; उहां उल्लूमन के बसेरा होही, अऊ उहां जंगली बोकरामन एती-ओती कूदहीं।

[22] उहां के गढ़मन म हुंर्रामन के अऊ सुख-बिलास के महलमन म सियारमन के बसेरा होही। ओकर समय ह लकठा म हवय, अऊ ओकर दिनमन ला अऊ बढ़ाय नइं जावय।

यसायाह — Chapters