[1] यहोवा ह याकूब ऊपर दया करही; एक बार फेर ओह इसरायल ला अपनाही अऊ ओमन ला ओमन के खुद के देस म बसाही। परदेसीमन ओमन के संग जुड़ जाहीं अऊ याकूब के संतानमन के संग मिल जाहीं।
[2] जाति-जाति के मनखेमन ओमन ला ओमन के खुद के जगह म पहुंचाहीं। अऊ इसरायल ह जाति-जाति के मनखेमन ऊपर अधिकार कर लीही अऊ ओमन ला यहोवा के देस म दास अऊ दासी बना लीही। इसरायलीमन ओमन ला बंदी बना लीहीं, जेमन इसरायलीमन ला बंदी बनाय रिहिन अऊ इसरायलीमन अपन ऊपर अतियाचार करइयामन ऊपर सासन करहीं।
[3] ओ दिन यहोवा ह तुमन ला तुम्हर दुख अऊ घबराहट अऊ ओ कठोर मेहनत ले अराम दीही, जेला तुम्हर ले जबरदस्ती करवाय जावत रिहिस,
[4] तुमन बेबिलोन के राजा ऊपर ये ताना मारहू: सतइयामन कइसन नास हो गे हवंय! ओकर कोरोध ह कइसन खतम हो गीस!
[5] यहोवा ह दुस्टमन के सोंटा, अऊ सासन करइयामन के राजदंड ला टोर दे हवय,
[6] जेकर ले ओमन गुस्सा होके मनखेमन ला लगातार मारत रहंय, अऊ जाति-जाति के मनखेमन ऊपर हमेसा कोरोध करत परभूता करंय।
[7] अब पूरा धरती ला अराम अऊ सांति मिले हवय; मनखेमन खुसी म गीत गावत हवंय।
[8] अऊ त अऊ सनोवर अऊ लबानोन के देवदार रूख घलो तुम्हर ऊपर खुस होके कहिथें, “जब ले तुमन ला गिराय गे हवय, तब ले कोनो हमन ला काटे बर नइं आवंय।”
[9] खाल्हे मिरतू-लोक म तुम्हर आय ले तुम्हर ले मिले बर हलचल होवत हे; येह मुरदामन के आतमामन ला तुम्हर ले भेंट करे बर जगाथे— ओ जम्मो ला, जेमन संसार म अगुवा रिहिन; येह ओमन ला ओमन के सिंघासन ले ठाढ़ कराथे— ओ जम्मो ला, जेमन जाति-जाति के मनखेमन ऊपर राजा रिहिन।
[10] ओ जम्मो झन जबाब दीहीं, ओमन तुमन ले कहिहीं, “तुमन घलो हमर सहीं कमजोर हो गे हवव; तुमन हमर सहीं बन गे हवव।”
[11] तुम्हर जम्मो ठाट-बाट अऊ तुम्हर बीना के अवाज ला मिरतू-लोक म कर देय गे हवय; कीरामन तोर खाल्हे दसना म अऊ गेंगरूआमन तोला ऊपर ले ढांप लेथें।
[12] हे बिहान के तारा, बड़े बिहनियां के बेटा, तें कइसे अकास ले गिरे हवस! एक समय रिहिस, जब तें जाति-जाति के मनखेमन ला गिराय रहे, पर अब तेंह खाल्हे धरती म गिराय गे हवस!
[13] तेंह अपन मन म कहय, “मेंह स्वरग ऊपर चघहूं; मेंह अपन सिंघासन ला परमेसर के तारागन ले अधिक ऊंचहा करहूं; मेंह सभा के पहाड़ ऊपर, सापोन पहाड़ ऊपर सबले दूरिहा जगह म बिराजहूं।
[14] मेंह बादर ले घलो ऊपर ऊंच जगह म चघहूं; मेंह अपनआप ला सर्वोच्च परमेसर के सहीं बनाहूं।”
[15] पर तेंह मिरतू-लोक म खंचवा के गहरई म लाने गे हवस।
[16] जेमन के नजर तोर ऊपर जाथे, ओमन टकटकी लगाके तोला देखथें, अऊ तोर बारे म सोचथें अऊ कहिथें: “का येह ओही मनखे अय, जऊन ह धरती ला कंपा देवय अऊ राजमन ला डोला देवय,
[17] का येह ओ मनखे अय, जऊन ह संसार ला निरजन प्रदेस बना देवय, अऊ सहरमन ला गिरा देवय अऊ अपन बंधुवा मनखेमन ला ओमन के घर नइं जावन देवय?”
[18] जाति-जाति के सब राजामन अपन-अपन कबर म चैन से परे हवंय।
[19] पर तेंह कंटिली डाली के सहीं अपन कबर ले फेंक दिये गे हवस; तें मारे गय मनखेमन के लास ले पाट दिये गे हवस, ओ मनखेमन के लास ले, जेमन तलवार ले मारे गीन, ओमन के लास, जेमन ला खंचवा के पथरामन म डारे गीस। गोड़ खाल्हे कुचरे कोनो लास के सहीं,
[20] तोला ओमन के संग कबर म नइं गाड़े जावय, काबरकि तेंह अपन देस ला नास कर दे हवस, अऊ अपन मनखेमन ला घात करे हवस। दुस्टमन के संतान के चरचा फेर कभू झन करे जावय।
[21] ओमन के पुरखामन के पाप के कारन ओमन के बेटामन ला घात करे बर एक जगह तियार करव; अइसन झन होवय कि ओमन उठके देस के ऊपर अधिकार कर लेवंय अऊ धरती ला अपन सहरमन ले भर देवंय।
[22] सर्वसक्तिमान यहोवा ह घोसना करत हे, “मेंह ओमन के बिरूध ठाढ़ होहूं। मेंह बेबिलोन के नांव अऊ ओकर बांचे मनखे, ओकर बंस अऊ संतानमन ला मिटा दूहूं।” यहोवा ह घोसना करत हे,
[23] “मेंह ओला उल्लूमन के जगह अऊ चीखला ले भरे भुइयां बना दूहूं; मेंह ओला सतियानास के बहरी ले बहार दूहूं।” सर्वसक्तिमान यहोवा ह घोसना करत हे।
[24] सर्वसक्तिमान यहोवा ह सपथ खाके कहे हवय, “बेसक जइसने मेंह ठाने हंव, वइसने ही होही, अऊ जइसने मोर उदेस्य हवय, वइसने ही होही।
[25] में अस्सूर ला अपन देस म कुटा-कुटा कर दूहूं; अपन पहाड़मन ऊपर मेंह ओला कुचर डारहूं। ओकर जुड़ा मोर मनखेमन के घेंच ले अऊ ओकर बोझा ओमन के खांधा ऊपर ले हटा लिये जाही।”
[26] येह ओ योजना ए, जऊन ह जम्मो संसार बर ठहिराय गे हवय; येह ओ हांथ ए, जऊन ह जम्मो जाति के मनखेमन ऊपर उठे हवय।
[27] काबरकि सर्वसक्तिमान यहोवा ह योजना बनाय हवय, त कोन ह ओकर बिरोध कर सकथे? ओकर हांथ ह बढ़े हवय, अऊ कोन ह ओला रोक सकत हे?
[28] जऊन बछर आहाज राजा मरिस, ओही बछर ये अगमबानी होईस:
[29] हे जम्मो पलिस्तीमन, एकर बर आनंदित झन होवव कि ओ लउठी ह टूट गीस, जेमा ले तुमन ला मार पड़े रिहिस; काबरकि ओ सांप के जरी ले एक करैत सांप ह जनमही, अऊ ओकर फर ह एक उड़इया, जहरिला सांप होही।
[30] तब गरीब ले गरीब मनखे घलो खाय बर पाही, अऊ जरूरतमंद ह सुरकछित अराम करही। पर तोर बंस ला मेंह अकाल के दुवारा नास कर दूहूं; येह तोर बांचे मनखेमन ला मार डारही।
[31] हे दुवार, तेंह हाय-हाय कर! हे नगर, तें नरिया! हे पलिस्तीमन, तुमन सब के सब पिघल जावव! काबरकि उत्तर दिग ले एक धुआं उठत हे, अऊ ओकर दल म छितरानेवाला कोनो नइं एं।
[32] ओ जाति के दूतमन ला का जबाब देय जाही? “यहोवा ह सियोन ला स्थापित करे हवय, अऊ ओमा ओकर दुखी मनखेमन सरन पाहीं।”