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[1] ओ दिन तें कहिबे: “हे यहोवा, मेंह तोर परसंसा करहूं। हालाकि तें मोर ऊपर रिस करत रहे, पर तोर रिस ह सांत हो गीस अऊ तेंह मोला सांति देय हवस।
[2] खचित परमेसर ह मोर उद्धार अय; मेंह भरोसा रखहूं अऊ नइं डरहूं। काबरकि यहोवा, यहोवा खुद मोर बल अऊ मोर सुरकछा अय; ओह मोर उद्धारकर्ता हो गे हवय।”
[3] आनंद समेत तुमन उद्धार के कुआंमन ले पानी भरहू।
[4] ओ दिन तुमन कहिहू: “यहोवा के परसंसा करव, ओकर नांव के घोसना करव; जाति-जाति के मनखेमन के बीच ओकर काममन के परचार करव, अऊ घोसना करव कि ओकर नांव महान अय।
[5] यहोवा के भजन गावव, काबरकि ओह परतापी काम करे हवय; ये बात जम्मो संसार म बतावव।
[6] हे सियोन के मनखेमन, जोर से चिचियावव अऊ आनंद के मारे गावव, काबरकि इसरायल के पबितर परमेसर ह तुम्हर बीच महान अय।”
यसायाह — Chapters
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