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[1] फ़सह के उत्सव से पहले यीशु ने जान लिया, कि मेरा वह समय आ पहुँचा है कि मैं दुनिया को छोड़कर पिता के पास जाऊँ। तब वह अपने लोगों से जो दुनिया में थे जैसा प्रेम करते थे, वैसा ही प्रेम अन्त तक करते रहे।

[2] भोजन के अन्त में शैतान शमौन के बेटे यहूदा इस्करियोती के मन में यीशु को पकड़वाने का विचार डाल चुका था।

[3] तब यीशु इस आश्‍वासन के साथ कि परमेश्‍वर पिता ने सब कुछ उन के हाथों कर दिया है और वह परमेश्‍वर के पास से आए हैं और परमेश्‍वर के पास जाने वाले हैं,

[4] यीशु भोजन पर से उठे और उन्हों ने अपना चोगा उतारकर दिया अँगोछे से अपनी कमर बान्धी।

[5] फिर बर्तन में पानी भरकर शिष्यों के पाँव धोने और उसी अँगोछे से पोंछने लगे।

[6] जब वह शमौन पतरस के पास आए, तब उसने उन से कहा, "प्रभु, "क्या आप मेरे पाँव धोना चाहते हैं?"

[7] यीशु ने उसको उत्तर दिया, "जो मैं करता हूँ, उसे तुम नहीं जानते, परन्तु कुछ समय बाद समझोगे।"

[8] पतरस ने उन से कहा, "मैं आपको अपने पाँव कभी न धोने दूँगा। यह सुनकर यीशु ने उससे कहा, "अगर मैं तुम्हें न धोऊँ, तो मेरा तुम्हारे साथ कोई नाता नहीं।"

[9] शमौन पतरस ने उन से कहा, "प्रभु, तो मेरे पाँव ही नहीं, बल्कि हाथ और सिर भी धो दीजिए।"

[10] यीशु ने उससे कहा, "जो नहा चुका है, उसे पाँव के सिवाय और कुछ धोने की ज़रुरत नहीं, वह बिलकुल साफ़ है। और तुम लोग साफ़ हो, परन्तु सब के सब नहीं।"

[11] यीशु अपने पकड़वाने वाले को जानते थे, इसीलिए उन्हों ने कहा, "तुम सब के सब नहीं।"

[12] जब वह उनके पाँव धो चुके तो उन्हों ने अपना चोगा पहना और फिर बैठ गये। वह उन से कहने लगे, "क्या तुम समझे कि मैंने तुम्हारे साथ क्या किया?

[13] तुम मुझे गुरु कहते हो, प्रभु कहते हो, ठीक करते हो, क्योंकि मैं वही हूँ।

[14] यदि मैंने प्रभु और गुरु होकर भी तुम्हारे पाँव धोए, तो तुम्हें भी एक दूसरे के पाँव धोने चाहिए।

[15] क्योंकि मैंने तुम्हारे सामने नमूना रखा है, ताकि जैसा मैंने तुम्हारे साथ किया है, वैसा ही तुम भी किया करो।

[16] मैं तुम से सच-सच कहता हूँ, दास अपने स्वामी से बड़ा नहीं, और न भेजा हुआ अपने भेजने वाले से।

[17] तुम तो ये बातें जानते हो, यदि उन पर चलो तो आशीषित हो।

[18] मैं तुम सब के विषय में नहीं कहता। जिन्हें मैंने चुन लिया है, उन्हें मैं जानता हूँ। परन्तु ऐसा इसलिए हुआ कि पवित्रशास्त्र (बाइबल) की यह बात पूरी हो कि जो मेरी रोटी खाता है, उसी ने मुझ पर लात उठाई।

[19] अब मैं ऐसा होने से पहले तुम्हें सावधान करता हूँ ताकि जब ऐसा हो, तो तुम विश्‍वास करो कि मैं वही हूँ।

[20] मैं तुम से सच-सच कहता हूँ कि जो मेरे भेजे हुए को अपनाता है, वह मुझे अपनाता है, और जो मुझे अपनाता है, वह मेरे भेजने वाले को भी अपनाता है।"

[21] ये बातें कहकर यीशु आत्मा में बेचैन हुए और उन्हों ने यह गवाही दी कि मैं तुम से सच-सच कहता हूँ, कि तुम में से एक मुझे पकड़वाएगा।

[22] शिष्य यह शक करते हुए कि वह किसके बारे में ऐसा कहते हैं, एक दूसरे की ओर देखने लगे।

[23] यीशु के शिष्यों में से एक, जिससे वह प्रेम करते थे, उनके सीने की ओर झुका हुआ बैठा था।

[24] तब शमौन पतरस ने उसकी ओर इशारा करके कहा, "कि वह प्रभु से पूछे किस के बारे में कह रहे हैं।"

[25] तब उसने उसी तरह यीशु के सीने की ओर झुक के पूछा, "प्रभु, वह कौन है?" यीशु ने उत्तर दिया, "जिसे मैं यह रोटी का टुकड़ा डुबोकर दूँगा, वही है।"

[26] तब उन्हों ने टुकड़ा डुबोकर शमौन के पुत्र यहूदा इस्करियोती को दिया।

[27] टुकड़ा लेते ही शैतान उसमें समा गया। तब यीशु ने उससे कहा, "जो तुम करते हो, जल्दी करो।"

[28] परन्तु बैठने वालों में से किसी ने न जाना कि उन्हों ने यह बात उससे किस लिए कही।

[29] यहूदा के पास थैली रहती थी, इसलिए कुछ लोगों ने समझा कि यीशु उससे कह रहे हैं कि जो कुछ हमें त्यौहार के लिए चाहिए वह मोल ले, या गरीबों को कुछ दे दे।

[30] तब वह टुकड़ा लेकर तुरन्त बाहर चला गया, और वह रात का समय था।

[31] जब वह बाहर चला गया तो यीशु ने (बाकी ग्यारहों से) कहा, मनुष्य के बेटे की महिमा हुई, और परमेश्‍वर की महिमा भी उसमें हुई।

[32] परमेश्‍वर पिता भी अपने में उसकी महिमा करेंगे, बल्कि तुरन्त करेंगे।

[33] हे बच्चो, मैं और थोड़ी देर तुम्हारे पास हूँ, तुम मुझे ढूँढोगे, और जैसा मैंने यहूदियों से कहा, 'जहाँ मैं जाता हूँ, वहाँ तुम नहीं आ सकते, वैसे ही मैं अब तुम से भी कहता हूँ।'

[34] मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूँ, कि एक दूसरे से प्रेम रखो। जैसा मैंने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो।

[35] यदि आपस में प्रेम रखोगे तो इसी के द्वारा सब जानेंगे कि तुम मेरे शिष्य हो।"

[36] शमौन पतरस ने उन से कहा, "प्रभु, आप कहाँ जाते हैं?" यीशु ने उत्तर दिया, "जहाँ में जाता हूँ वहाँ अभी तुम मेरे पीछे आ नहीं सकते, परन्तु इस के बाद मेरे पीछे आओगे।"

[37] पतरस ने उन से कहा, "हे प्रभु, मैं अभी आपके पीछे क्यों नहीं आ सकता? मैं तो आपके लिए अपनी जान तक दे दूँगा।"

[38] यीशु ने उत्तर दिया, "क्या तुम मेरे लिए अपनी जान दोगे? मैं तुम से सच-सच कहता हूँ कि मुर्गे के बाँग देने के पहिले तुम तीन बार मेरा इन्कार करोगे।"

यूहन्ना सुसमाचार — Chapters