[1] हम मसीह से सच कहऽ ही, हम झूठ नञ बोलइत ही आउर हमर मनो प वित्तर आतमा से गवाही दे हइ,
[2] कि हमरा बड़ दुःख हे, आउर हमर मन हर बखत दुखइत रहऽ हे,
[3] काहेकि हम हीयाँ ले चाहऽ हलिए कि अप्पन भाइवन ला जे देह के भाव से स म्बन्धी हथ, खुदे मसीह से स राप ल जाय।
[4] ओ इज राय ली हथ, आउर गोद लेवे के हक आउर महिमा आउर अनुबन्ध् आउर बेबसथा आउर उपासना आउर प्ररतिग्यां उनकरे हइ।
[5] पि तरनो उनकरे हथ, आउर मसीहो देह के भाव से उनकन्ही में से होलई। सब के ऊपर परम परमेसर के अस तुति जुग-जुग हो। आमीन।
[6] बाकि ई नञ कि परमेसर के बचन बिप फल हो गेल, एहिसे कि जे इस राए ल के बंस ज हथ, ओ सभ इस राय ली नञ,
[7] आउर नञ इबराहिम के बंस ज होवे के ओज ह से सब उनकर लइकन होतन, बाकि (लिखल हे) “इस हाके से तोहर बंस कहलय तई।”
[8] माने देह के लइकन परमेसर के लइकन नञ, बाकि परितग्यां के लइकन बंस गिनल जा हथ।
[9] काहेकि परतिग्यां के बचन ई हे: “हम ई बखत के मोताबिक आय बई आउर सारा के बेटा होतइ”
[10] आउर खाली इहे नञ, बाकि ज ब रिबको एगो से माने हमनी के पिता इसहाक से माय बने वाली हली,
[11] आउर अखनी ले नञ त लइका ज लमल हल, आउर नञ उनकनी कुछ अच्छा चाहे खराब कयलन हल, एहिसे कि परमेसर के मनसा जे उनका चुन लेवे के माताबिक हे, करम के ओज ह से नञ बाकि बोलावे वाला के ओज ह हे, बनल रहय:
[12] ऊ कहलथी, “बडका छोटका के दास होतई।”
[13] जयस न लिखल हे, “हम याकूब से परेम कय ली, बाकि ए साव से नप फरत।”
[14] एहिसे हम का कहिअई? का परमेसर के हीयाँ अनियाय हे? कहियो नञ।
[15] काहेकि ऊ मूसा से कहऽ हथ, “हम जेकरा पर दया करे चाहिअई ओकरा पर दया करबई, आउर जेकरा पर किरपा करे चाहिअई ओकरे पर किरपा करबई।”
[16] ईसे ई नञ त चाहे वाला के, नञ ध् उगेवाला के बाकि दया करे वाला परमेसर के बात हे।
[17] काहेकि पवित्तर सास तर में पि़फरौन से कहल गेल, “हम तोरा इहे ला खड़ा कय लियो हे कि तोरा में अप्पन स मारथा देखिअई, आउर हमर नाँव के परचार स ऊँसे धरती पर हो।”
[18] एहिसे ऊ जेकरा पर चाहऽ हथ ओकरा पर दया करऽ हथ, आउर जेकरा चाहऽ हथ ओकरा कठोर कर दे हथ।
[19] ईसे तूँ हमरा कहबहु, “ऊ फिन काहे दोष लगावऽ हथ? के उनखर हिच्छा के रोकऽ हे?”
[20] हे आमदी, तूँ कउन हे भला, जे परमेसर के सामना करऽ हे? का गढ़ल चीज गढ़ेवाला से कह स कऽ हे, “तूँ हमरा अयसन काहे बनय लऽ हे?”
[21] का कुम्हार के मट्टी पर हक नञ कि एक्के लोंदा में से एगो बरतन स तकार ला, आउर दुस रका अप मान ला बनावे?
[22] त एकरा में कउन अज गुत बात हे कि परमेस र अप्पन किरोध् देखावे आउर अप्पन स मारथा परगट करे के हिच्छा से किरोध् के बरतन के, जे बिनास लेल तइयार कैल गेल हल, बड़ धीरज से स हलथी,
[23] आउर दया के बरतनवन पर, जेकरा ऊ महिमा लागी पहिले से तइयार कय लथी, अप्पन महिमा के धन के परगट करे के हिच्छा कय लथी?
[24] माने हमनी पर जेकरा ऊ नञ खाली य हुदिय न में से, बाकि आन जातो में से बोलय लथिान।
[25] जयस न ऊ होसे के किताबो में कहऽ हथ, “जे हमार परजा नञ हल, उनकरा हम अप्पन परजा कहबई आउर जे दुलरवा नञ हल, ओकरा दुलरवा कहबई।
[26] आउर अयसन होतइ कि जे जगह में उनकरा से ई कहल गेल हल कि तूँ हमर परजा नञ हऽ, ओही जगह ओ जि न्दा परमेसर के लइकन कहलइतई।”
[27] आउर यसायाह इसराएल के बारे में हँका के कहऽ हथ, “चाहे इसराएल के लइकन के गिनती स मुन्दर के बालू के बराबर हो, तइयो ओखनी में से थोड़ेके बचतई।
[28] काहेकि परभु अप्पन बचन धरती पर पूरा करके, धारमिकता से तुरन्त ओकरा सि द्ध करतथी।”
[29] जयस न यसायाह पहिलहु कहलन हल, “जो सेना के परभु हमनी लागी कुछ बंस नञ छोड़तिअइ, त हमनी स दोम नीयर हो जयतिअइ, आउर अमोरा ज कत होतिअइ।”
[30] ईसे हमनी का कहियो? ई कि आन जात जे धारमिकता के खोज नञ करऽ हलन, धारमिकता हासि ल कयलन माने ऊ धारमिकता के जे बिसवास से हे,
[31] बाकि इस राय ली, जे धरम के बेबसथा के खोज करऽ हलन ऊ बेबस था ले नञ पहुँचलन।
[32] काहे? एहिसे कि ओ बिसवास से नञ, बाकि जइसे करम से ओकर खोज करऽ हलन। उनकनी उ ठेस के पत्थार पर ठेस खय लन,
[33] ज य स न लिखल हे, “देखहु, हम सि य्योन में एगो ठेस लगे के पत्थार, आउर ठोकर खाय के चट्टान रखऽ हियो, आउर जे ओकरा पर बिसवास करतई ऊ लज्जि त नञ होतई।”