[1] ईसे हमनी बरियारवन के चाही कि कमजोरहन के कमजोरी के स हिअई, नञ कि अपनही आप के खुस रखिअई।
[2] हमनी में से हरेक अप्पन प ड़ोसी के ओकर भलाइ लागी खुस करिअई कि ओकर बिरधी होय।
[3] काहेकि मसीह अपनही आप के खुस नञ कय लथी, बाकि जयस न लिखल हे: “तोहर सि काय तिय न के सिकायत हमरा पर गिर पड़लय।”
[4] जेतना बात पहिले से लिखल गेलइ, ओ हमनिये के सिच्छा लागी लिखल गेल हइ कि हम धीरज आउर पवित्तर सास्तर के उछाल के ज रिये आसा रखिअई।
[5] धीरज आउर सानि्त के दाता परमेसर तोहनी के ई बरदान देथुन कि मसीह यीसु के मोताबिक अ पना में एक राय रहऽ।
[6] जेसे तोहनी ए कमन आउर एक आवाज में हमनी के परभु यीसु मसीह के पिता परमेसर के गुनगान करहु।
[7] एहिसे, जइसे मसीह परमेसर के महिमा लेल तोहनी के अ पनउलथी हे, ओय सही तोहनियो एक दोस रा के अ पनाहु।
[8] एहिसे हम कहऽ ही कि जे प रतिग्यां पि तरन के देल गेलइ हल ओकरा मज गूत करे ला मसीह, परमेसर के स च्चाइ के स बूत देवे लागी, खतना कयल लोग के सेवक बनलथी;
[9] आउर आन जातो दया के ओज ह से परमेसर के बड़ाइ करय; जयस न लिखल हे, “एहिसे हम आत-जात में अपने के ध् नवाद करबइ, आउर अपने के नाँव के भज न गय बइ।”
[10] फिन कहल गेलइ हे, “हे जात-जात के स भलोग, उनखर परजा जोरे खुसी मनावहु।”
[11] आउर फिन, “हे जात-जात के सभ लोग, परभु के अस्तुति करहु आउर हे राज-राज के सभ लोग, उनखर अस्तुति करहु।”
[12] आउर फिन यसायाह कहऽ हथ, “यिसै के एगो ज ड़ परगट होतइ, आउर आन जात के हाकिम होवे ला एगो उठतइ, उनका पर आन जात आस रा रखतइ।”
[13] परमेसर जे आस रा देवइया हथ तोहनी के बिसवास करे में सब तरह के खुसी आउर सानि्त से भर देथ, कि पवित्तर आतमा के स मारथा से तोहनी के आस रा बढ़इत जाय।
[14] हे हमर भाइवन, हम अपने तोहनी के बारे में पक्का तरे जानऽ ही कि तोहनियो अपने भलाइ से भरल आउर इस वरीय गियान से भरल, आउर एक दोस रा के सि खा स कऽ हु।
[15] तइयो हम कहीं-कहीं इयाद दियावे लेल तोहनी के जे ढेर साहस करके लिखली। ई ऊ किरपा के ओज ह से होलइ जे परमेसर हमरा देलथी हे,
[16] कि हम आन जात लेल मसीह यीसु के सेवक होके परमेसर के सुभसमाचार के सेवा याज क नियन करिअई, जेकरा से आन जात के भेंट चढ़ावल जानाय, पवित्तर आतमा से पवित्तर बनके स कारल जाय।
[17] एहिसे ओ बात के बारे में जे परमेसर से स म्बन्ध् रखऽ हइ, हम मसीह यीशु में बड़ाइ कर स कऽ हिअई।
[18] काहेकि ऊ बात के छोड़ के हमरा आउर कोइ बात के बारे में कहे के हिम्मत नञ, जे मसीह आन जात के आग्यां माने लागी बचन, आउर करम,
[19] आउर चिन्हा, आउर अज गूत काम के स मारथा से, आउर पवित्तर आतमा के स मारथा से हमरे दिया कय लथी; हीयाँ ले कि हम यरूसलेम से लेके चारो दन्न इल्लुरिकुम ले मसीह के सुभसमाचार के पूरा-पूरा परचार कय ली।
[20] बाकि हमर मन के हुलास ई हे कि ज हँ-ज हँ मसीह के नाँव नञ लेल गेलइ, हुएँ सुभसमाचार सुनय अई अयसन नञ हो कि दोस रा के नेव पर घर बनय अई।
[21] बाकि जयस न लिखल हे ओय स ने हो, “जि नका उनखर सुभसमाचार नञ पहुँचलय, उहे देखतन आउर जे नञ सुनलन उहे स मझतन।”
[22] एहिसे हम तोहनी भीरी आवे से बेर-बेर रू कल रहली।
[23] बाकि अब ई देस मन में हमर काम लेल आउर जगह नञ रहलय, आउर ढेर बरिस से हमरा तोहनी भीरी आवे के लालसा हे।
[24] एहिसे जब हम इस्पेन जयबई त तोहनी भीर होते ज य बई, काहेकि हमरा आस रा हे कि ऊ जातरा में तोहनी से भेंट होतइ, आउर ज ब तोहनी के संगति से हमर जी भर जाए त तोहनी हमरा कुछ दूर आगू पहुँचा दिहऽ।
[25] बाकि अखनी त हम साति्वक लोग के सेवा करे ला यरूसलेम जा ही।
[26] काहेकि मकिदुनिया आउर अखया के लोग के ई अच्छा लगलय कि यरूसलेम के साति्वक लोग में गरीब लागी कुछ बेहरी करिअई।
[27] ओखनी के अच्छा त लगलय, बाकि ओ उनकर करज दारो हथ, काहेकि जे आन जात उनकर आतमिक बात में भागी होलन, त ओखनियो के उचित हे कि दुनियादारी के बात में उनखर सेवा करय।
[28] एहिसे हम ई काम पूरा करके आउर उनकरा ई बेहरी देके तोहनी भीरी होइत इस्पेन ज य बइ।
[29] आउर हम जानऽ हीअई कि जब हम तोहनी भीर अय बई, त मसीह के भरपूर आसीरबाद जोरे अय बई।
[30] हे भाइवन, हमर परभु यीसु मसीह के आउर पवित्तर आतमा के परेम के इयाद दिलाके हम तोहनी से बिनती करऽ हियो, कि हमरा लागी परमेसर से परारथाना करे में हमरा ज उरे मगन रहऽ
[31] कि हम यहूदिया के अबिस वासीय न से बचल रहिअई, आउर हमर उ सेवा जे यरूसलेम लेल हे, साति्वक लोग के भावे
[32] आउर हम परमेसर के हिच्छा से तोहनी भीर खुब्बे खुसी से आके तोहनी जोरे आराम पय अई।
[33] सानि्त के परमेसर तोहनी ज उरे रहथ। आमीन।