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[1] हे भाइवन, हमर मन के लालसा आउर उनकरा ला परमेसर से हमर प रारथाना हे कि ओखनी कि मुक्ति मिलय।

[2] काहेकि हम उनकर गवाही दे हियो कि उनकरा परमेसर लागी धुन रहऽ हे, बाकि स मझदारी जोरे नञ।

[3] काहेकि ओखनी परमेसर के धारमिकता से अनजान होके, आउर अप्पन धारमिकता साबित करेके ज तन करके, परमेसर के धारमिकता के अधीन नञ होलन।

[4] काहेकि हरेक विस वास करवैइया ला धारमिकता के निरमित मसीह बेबसथा के अन्त हे। उद्धार सभ के लेल

[5] काहेकि मूसा ई लिखलन हे कि जे आमदी ऊ धारमिकता पर जे बेबस था से हे, चलऽ हे, ऊ ओकरे से जि न्दा रहतई।

[6] बाकि जे धारमिकता बिसवास से हे, ऊ अय से कहऽ हे, “तूँ अप्पन मन में ई नञ कहिय हु कि सरग के जयतइ?” (माने मसीह के नीचे लावे ला!)

[7] चाहे “पाताल लोक में के उतरई?” (माने मसीह के मरल में से जीआ के उपर लावे ला!)

[8] बाकि ऊ का कहऽ हे? ई कि “बचन तोरा भीरी हे, तोहर मुँह में आउर तोहर मन में हे,” ई उहे बिसवास के बचन हे, जे हम प रचार करऽ ही,

[9] कि जो तूँ अप्पन मुँह से यीसु के परभु जानके स कारबहु, आउर अप्पन मन से बिसवास करऽ कि परमेसर उनका मरल में से जि यौलथी, त तूँ जरू र उद्धार पय बहु।

[10] काहेकि धारमिकता लेल मन में बिसवास कयल जा हे, आउर उद्धार लागी मुँह से स कारल ज हे।

[11] काहेकि पवित्तर सास तर ई कहऽ हे, “जे कोइ उनखा पर बिसवास करतइ ऊ लज्जि त नञ होतइ।”

[12] यहूदियन आउर यूनानिय न में कुछ भेद नञ, एहिसे कि ऊ सभ के परभु हथ आउर अप्पन सब नाम लेवइया लागी उदार हथ।

[13] काहेकि, “जे कोइ परभु के नाम लेतइ, उद्धार पय तइ।”

[14] फिन जेकरा पर ओखनी बिसवास नञ कयलन, ओ उनखर नाँव कइसे ले? आउर जेकरा बारे में सुनलन नञ ओकरा पर कइसे बिसवास करे? आउर परचारक बिना कइसे सुने?

[15] आउर जो भेजल नञ जाय त कइसे परचार करिअई? जयस न लिखल हे, “उनकर पइर कय स न सोहनगर हइ, जे निमन बात के सुस माचार सुनावऽ हथ!”

[16] बाकी स भे ऊ सुभ स माचार पर धियान नञ देलन: यसायाह कहऽ हथ, “हे परभु, के हमनी के स माचार पर बिस वास कयलन हे?”

[17] ईसे बिसवास सुने से आउर सुननाय मसीह के बचन से होवऽ हे।

[18] बाकि हम कहऽ ही, का उनकनी नञ सुनलन? सुनलन त ज रूर हे, काहेकि लिखल हे, “उनखर आवाज स ऊँसे धरती पर, आउर उनखर बचन दुनिया के छोर ले पहुँच गेल हई।”

[19] हम फिन कहऽ हियो, का इस राय ली नञ जानऽ हलन? पहिले त मूसा कहऽ हथ, “हम उनकरा दिया जे देस नञ, तोहनी के मन में डाह उप जयबो, हम एगो मुरू ख जात के ज रिये तोहनी के खिस देलय बो।”

[20] फिन यसायाह बड़ हियाव से कहऽ हथ, “जे हमरा नञ खोजऽ हलन, ओखनी हमरा पा लेलन, आउर जे हमरा पूछतहु नञ हलन, ओखनी पर हम परगट हो गेलिअई।”

[21] बाकि इसराएल के बारे में ऊ इ कहऽ हथ, “हम भर दनि अप्पन हाथा एगो आग्यां नञ माने वाला आउर बहस करे वाला परजा दन्‍न पसारले रहलिअई।”

रोमियो — Chapters