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[1] ईसे अब जे मसीह यीशु में हथ, उनकरा पर सजा के आग्यां नञ। (काहेकि ओ देह के मोताबिक नञ बलुक आतमा के मोताबिक चलऽ हथ।)

[2] काहेकि जि नगी के आत्मा के बेबसथा में मसीह यीशु में हमरा पाप के आउर मउत के बेबसथा से आजाद कर देलथी।

[3] काहेकि काम बेबसथा देह के ओज ह से अबर होके नञ कर स कलइ, ओकरा परमेसर कय लथिान, माने अपनही बेटा के पाप भरल देह के बराबरी में आउर पाप के बलिदान होवे ला भेज के, देह में पाप पर सजा के आग्यां देलथिन।

[4] एहिसे कि बेबसथा के विध हमनी में जे देह के मोताबिक नञ बलुक आतमा के मोताबिक चलऽ हइ, पूरा कयल जाय।

[5] काहेकि देह के आमदी देह के बात पर मन लगावऽ हथ; बाकि प वित्तर आतमा के बात पर मन लगावऽ हथ।

[6] देह पर मन लगानाय त मउत हे, बाकि आतमा पर मन लगानाय जि नगी आउर सानि्त हे,

[7] काहेकि देह पर मन लगानाय त परमेसर से बैमनस रखनाय हे, काहेकि नञ तो परमेसर के बेबसथा के अधीन हे आउर नञ हो स कऽ हे

[8] आउर जे देह के दसा में हथ, ओ परमेसर के खुस नञ कर स कऽ हथ।

[9] बाकि जब कि परमेसर के आतमा तोहनी में बस ऽ हे, त तोहनी देह के दसा में नञ बाकि आतमा के दसा में हऽ। जो केकरो में मसीह के आतमा नञ तो ऊ उनखर आमदी नञ।

[10] जो मसीह तोहनी में हथ, त देह पाप के मारे मरल हे बाकि आतमा धरम के ओज ह से जि न्दा हे।

[11] जो परमेसर के आतमा, जे यीसु के मरल में से जि यौलथिान, तोहनी में बस ल हे तो जे मसीह के मरल में से जि यौलथिान, ऊ तोहनी के नस वर देहो के अप्पन आतमा के ज रिये जे तोहनी में बस ल हे, जि यौथिान।

[12] एहिसे हे भाइवन, हमनी देह के करज दार नञ कि देह के मोताबिक दिन काटिअई,

[13] काहेकि जो तोहनी देह के मोताबिक दिन काटवहु त मरवहु, जो आतमा से देह के कारज के मारबहु त जि न्दा रहबहु।

[14] एहिसे कि जेतना लोग परमेसर के आतमा के चलाय ला पर चलऽ हथ, उहे परमेसर के बेटा हथ।

[15] काहेकि तोहनी के गुलामी के आतमा नञ मिललई कि फिन डेरावऽ हू, बाकि गोद लेवल के आतमा मिलल हे, जेकरा से हमनी हे अच्छा, हे पिताजी कहके पुकारऽ ही।

[16] आतमा अप नही हमनी के आतमा के जोरे गवाही दे हइ, कि हमनी परमेसर के लइकन हिअई

[17] आउर जो लइकन हिअइ तो बारिसो, बलुक परमेसर के बारिस आउर मसीह के संगतिया बारिस हथ, कि जब हमनी उनखा ज उरे दुःख उठइअई तो उनखा ज उरे महिमो पय अई।

[18] काहके हम स मझऽ ही कि ई बखत के दुख आउर बेथा ऊ महिमा के सामने, जे हमनी पर परगट होय वाला हे, कुच्छो नञ हइ

[19] काहेकि सीरिष्टि बड़ आस रा से परमेसर के बेटवन के परगट होवे के राह देखइत हे।

[20] काहेकि सीरिष्टि अप्पन हिच्छा से नञ बाकि अधीन करे वाला के दन्‍न से, बिना मतलब के मातहत ई आस रा से कयल गेलइ।

[21] कि सीरिष्टियो अपनही बिनास के गुलामी से छुटकारा पाके, परमेसर के लइकन के महिमा के आजादी हासि ल करतइ।

[22] काहेकि हम जानऽ ही कि स ऊँसे सीरीष्टि अबले मिलके कराहऽ आउर दुख से तड़प ऽ हे

[23] आउर खाली उहे नञ बाकि हमनियो जिनका पाले आतमा के पहिला फर हे, अपनही अपना में कराहऽ हिअई आउर गोद लेवल के, माने अप्पन देह के छुटकारा के राह देखऽ हिअई।

[24] ई आस रा के ज रिये हमनी के उद्धार होलइ हे बाकि जे चीज के आस रा कयल जा हे, जब ऊ देथे में आवे में त फिन आस रा कहाँ रहलइ? काहेकि जे चीज के कोई देखइत हे ओकर आस रा का करतई?

[25] बाकि जे चीज के हमनी नञ देखऽ हि जो ओकर आस रा रखऽ ही, त धीरज से ओकर राहो देखऽ ही।

[26] ईहे तरे आतमो हमनी के कमजोरी में मदत करऽ हे: काहेकि हमनी नञ जानऽ हि कि परारथाना कउन तरे करे के चाही, बाकी आतमा अपनही अयसन आह भर भरके, जे बयान से बाहिर हइ, हमनी ला बिनती करऽ हे,

[27] आउर मन के प रखेवाला जानऽ हे कि आत्मा के मनसा का हे? काहेकि ऊ सातविक लोग ला परमेसर के हिच्छा के मोताबिक बिनती करऽ हे।

[28] हम जानऽ ही कि जे लोग परमेसर से परेम रखऽ हथ, उनका ला सब बात मिलके भलाइये के पइदा करऽ हे माने उनकनीये ला जे उनखर हिच्छा के मोताबिक बोलावल हथ।

[29] काहेकि जिनका ऊ पहिले से जान लेलथी हे उनकनी प हिले से बतय लथी हे कि उनकर बेटा जयस न होय, वेसे ऊ ढ़ेर भाइवन में प हिलौंठ होवे।

[30] फिन जेकरा ऊ पहिले से बतवले हलथी, उनका बोलय बो कय लथी, आउर जेकरा बोलय लथी, उनका धरमीयो बनय ए न हे, आउर जेकरा ध् रमी बनय लन, उकनरा महिमो दलथी हे।

[31] ईसे हमनी ई बात के बारे में का कहिअई? जो परमेसर हमरा दन्‍न हथ, त हमनी के बिरोधी के हो स कऽ हे?

[32] जे अप्पन खास बेटो के नञ छोड़लथिान बाकि उनखा हमन्‍नी ला दे देलथिन, ऊ उनखा ज उरे हमनी के आउर सभ कुछ काहे नञ देतथान,

[33] परमेसर के चुनल पर दोष के लगय तई? परमेस रे हथ जे उनकरा धरमी साबित कय हथिान हे।

[34] फिन के हे जे सजा के आग्यां देतई? मसीहे हथ जे मर गेलथी बाकि मुरदवन में से जीयो उठलथी, आउर परमेसर के दहिना दन्‍न हथ, आउर हमनी लेल बिनतीयो करऽ हथ।

[35] के हमनी के मसीह के परेम से अलग करतई? का दुःख चाहे आप फत, चाहे अकाल चाहे उपद्धर, चाहे बेहाई, चाहे जोखिम, चाहे तरवार?

[36] जयस न लिखल हे, “तोहनी लेल हम भर दिन मारल जा ही, हमनी बलि होय वाला भेड़मन नीयर गिनल जा ही।”

[37] बाकि ई सभ बात में हमनी उनखा ज रिये जे हमनी से परेम कय लथी हे, जीतनाइयो से बढ़के हथ।

[38] काहेकि हम ज रूर जानऽ ही कि नञ मउत, नञ जि नगी, नञ स रगदूत, नञ राज, नञ बरतमान, नञ भबिस, नञ स मारथा, नञ ऊँचा,

[39] नञ गहिरा, आउर नञ कोइ अऊर सीरीष्टी हमनी के परमेसर के परेम से जे हमनी के परभु मसीह यीसु हथ, अलग कर स कतई।

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