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[1] तुम्हारे बीच में यौन अनैतिकता के बारे में सूचना मिली है। ऐसी गंदी हरकत जिसे गैरमसीही भी सहन नहीं कर सकते। वह यह कि एक आदमी अपने पिता की पत्नी के साथ रहता है।

[2] और शोकित होने तथा उस आदमी को बाहर करने के बजाए तुम घमण्ड कर रहे हो।

[3] इसलिए हालांकि मैं खुद वहाँ पर नहीं हूँ, मैं आत्मा में वहाँ हूँ और मानो वहाँ मौजूद होकर फै़सला सुना चुका हूँ।

[4] मैं यीशु मसीह के नाम में (अधिकार में) आत्मा में वहाँ प्रभु यीशु मसीह की सामर्थ के साथ उपस्थित होऊँगा।

[5] इस आदमी की देह के नाश होने के लिए इसे शैतान के सुपुर्द कर दो, ताकि प्रभु के दिन में उसकी आत्मा बच सके।

[6] इस सम्बन्ध में तुम्हारा घमण्ड ठीक नहीं है। क्या तुम्हें यह मालूम नहीं कि थोड़ा सा खमीर सारे आटे को खमीर कर देता है।

[7] अपने बीच में से पुराने खमीर को निकाल डालो ताकि नया गूँधा हुआ आटा हो जाओ-तुम तो सच में बिना खमीर के हो। इसलिए कि मसीह हमारे फ़सह के मेम्ने कुर्बान हो चुके हैं।

[8] इसलिए हम बुराई और अशुद्धता के पुराने खमीर के साथ त्यौहार न मनाएँ। लेकिन बिना खमीर की उस रोटी से जो ईमानदारी और सच्चाई की है।

[9] मैंने तुम से कहा था कि व्यभिचारियों (यौन पाप) में लिप्त लोगों के साथ मत रहो।

[10] मेरा मतलब यौन पाप में लिप्त अविश्‍वासी, लालची, अंधेर करने वाला मूर्तिपूजक नहीं, क्योंकि ऐसे में तो तुम्हें दुनिया से निकल जाना पड़ेगा।

[11] मैं तुम्हें लिख रहा हूँ कि जो मसीही होने का दावा करते हैं लेकिन यौन पाप, लालच, मूर्तिपूजा, गाली-गलौच, मतवालापन और अंधेर करने के शिकार हैं, ऐसे लोगों के साथ मत उठो-बैठो।

[12] मेरी यह ज़िम्मेदारी नहीं है कि मैं बाहर वालों का इन्साफ़ करूँ। लेकिन यह तुम्हारी ज़िम्मेदारी है कि चर्च में जो लोग पाप में बने हुए हैं, तुम उनका इन्साफ़ करो।

[13] परमेश्‍वर तो बाहर वालों (अविश्‍वासियों) का न्याय करेंगे। लेकिन उस कुकर्मी (दुष्ट व्यक्‍ति) को तुम चर्च से बाहर निकालो।

1 कुरिन्थियों — Chapters