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[1] हे यहोवा, तू मुझे अपने क्रोध में न डाँट, और न रोष में मुझे ताड़ना दे।

[2] हे यहोवा, मुझ पर दया कर, क्योंकि मैं कुम्हला गया हूँ; हे यहोवा, मुझे चंगा कर, क्योंकि मेरी हड्डियों में बेचैनी है।

[3] मेरा प्राण भी बहुत खेदित है। और तू, हे यहोवा, कब तक? (यूह. 12:27)

[4] लौट आ, हे यहोवा , और मेरे प्राण बचा; अपनी करुणा के निमित्त मेरा उद्धार कर।

[5] क्योंकि मृत्यु के बाद तेरा स्मरण नहीं होता; अधोलोक में कौन तेरा धन्यवाद करेगा?

[6] मैं कराहते-कराहते थक गया; मैं अपनी खाट आँसुओं से भिगोता हूँ; प्रति रात मेरा बिछौना भीगता है।

[7] मेरी आँखें शोक से बैठी जाती हैं, और मेरे सब सतानेवालों के कारण वे धुँधला गई हैं।

[8] हे सब अनर्थकारियों मेरे पास से दूर हो; क्योंकि यहोवा ने मेरे रोने का शब्द सुन लिया है। (मत्ती 7:23, लूका 13:27)

[9] यहोवा ने मेरा गिड़गिड़ाना सुना है ; यहोवा मेरी प्रार्थना को ग्रहण भी करेगा।

[10] मेरे सब शत्रु लज्जित होंगे और बहुत ही घबराएँगे; वे पराजित होकर पीछे हटेंगे, और एकाएक लज्जित होंगे।

भजन संहिता — Chapters