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[1] इस्राएल अब यह कहे, “मेरे बचपन से लोग मुझे बार बार क्लेश देते आए हैं,

[2] मेरे बचपन से वे मुझ को बार बार क्लेश देते तो आए हैं, परन्तु मुझ पर प्रबल नहीं हुए।

[3] हलवाहों ने मेरी पीठ के ऊपर हल चलाया , और लम्बी-लम्बी रेखाएँ की।”

[4] यहोवा धर्मी है; उसने दुष्टों के फंदों को काट डाला है;

[5] जितने सिय्योन से बैर रखते हैं, वे सब लज्जित हो, और पराजित होकर पीछे हट जाए!

[6] वे छत पर की घास के समान हों, जो बढ़ने से पहले सूख जाती है;

[7] जिससे कोई लवनेवाला अपनी मुट्ठी नहीं भरता , न पूलियों का कोई बाँधनेवाला अपनी अँकवार भर पाता है,

[8] और न आने-जानेवाले यह कहते हैं, “यहोवा की आशीष तुम पर होवे! हम तुम को यहोवा के नाम से आशीर्वाद देते हैं!”

भजन संहिता — Chapters