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[1] हे परमेश्वर के पुत्रों, यहोवा का, हाँ, यहोवा ही का गुणानुवाद करो, यहोवा की महिमा और सामर्थ्य को सराहो।

[2] यहोवा के नाम की महिमा करो; पवित्रता से शोभायमान होकर यहोवा को दण्डवत् करो।

[3] यहोवा की वाणी मेघों के ऊपर सुनाई देती है; प्रतापी परमेश्वर गरजता है, यहोवा घने मेघों के ऊपर रहता है। (अय्यू. 37:4,5)

[4] यहोवा की वाणी शक्तिशाली है, यहोवा की वाणी प्रतापमय है।

[5] यहोवा की वाणी देवदारों को तोड़ डालती है; यहोवा लबानोन के देवदारों को भी तोड़ डालता है।

[6] वह लबानोन को बछड़े के समान और सिर्योन को साँड़ के समान उछालता है।

[7] यहोवा की वाणी आग की लपटों को चीरती है।

[8] यहोवा की वाणी वन को हिला देती है, यहोवा कादेश के वन को भी कँपाता है।

[9] यहोवा की वाणी से हिरनियों का गर्भपात हो जाता है। और जंगल में पतझड़ होता है; और उसके मन्दिर में सब कोई “महिमा ही महिमा” बोलते रहते है।

[10] जल-प्रलय के समय यहोवा विराजमान था; और यहोवा सर्वदा के लिये राजा होकर विराजमान रहता है।

[11] यहोवा अपनी प्रजा को बल देगा; यहोवा अपनी प्रजा को शान्ति की आशीष देगा ।

भजन संहिता — Chapters