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[1] फिन ऊ हमरा अस्फटिक अइसन लउकइत, जि नगी के पानी के नदी देखाय लन, जे परमेसर आउर मेमना के सिंहास न से निकस के

[2] ऊ सहर के स ड़क के बीचे बीच बहऽ हल। नदी के ई पार आउर ऊ पार जि नगी के पेफड हल; ओकरा में बारहऽ तरह के फर लगऽ हलइ, आउर ऊ हर महीने फरऽ हल, आउर ऊ फेड़ के पत्तवन से देस-देस के लोग चंगा होवऽ हलन।

[3] फिन स राप नञ होतइ, आउर परमेसर आउर मेमना के सिंहास न ऊ सहर में होतइ आउर ओकर दास ओकर सेवा करतई।

[4] ओखनी उनकर मुँह देखतन, आउर उनकर नाँव ऊ लोग के लिलार पर लिखल होतइ।

[5] फिन रात नञ होतइ, आउर ऊ लोग के दीया आउर सुरू ज के इंजोर के जरू रत नञ होतइ, काहेकि परभु परमेसर ओखनी के इंजोर देतथी, आउर ऊ जुग-जुग ले राज करतथी।

[6] फिन ऊ हमरा से कहलन, “ई बात बिसवास के जोग आउर सच हइ। परभु, जे भबिसवक्तवन के आतमवन के परमेसर हथ, अप्पन स रगदूत के एहिसे भेज लन कि अप्पन दास मन के ऊ बात, जेकरा हाली पूरा होनाय जरू री हइ, देखावथा।”

[7] “देखहु, हम हाली आवेवाला हियो! धन्‍न हे ऊ, जे ई किताब के भबिसबानी के बात के मानऽ हथ।”

[8] हम ऊहे यूहन्‍ना ही, जे ई बात सुनऽ आउर देखऽ हलन। जब हम सुनली आउर देखली, त जे स रगदूत हमरा ई बात देखावऽ हलन, हम उनकर पइर पर साष्टांग करे लेल गिर पड़ली।

[9] बाकि ऊ हमरा से कहलन, “देखऽ, अइसन मत करऽ, काहेकि हम तोहर, आउर तोहर भाइ भबिस बक्तवन, आउर ई किताब के बात के मानेवाला के संगतिया दास ही। परमेस रे के साष्टांग करऽ।”

[10] फिन ऊ हमरा से कहलन, “ई किताब के भबिसबानी के बात के बन्द मत करऽ; काहेकि बखत नगीच हे।

[11] जे अनिया य करऽ हे, ऊ अनिया ये करइत रहे आउर जे मइल हे, ऊ मइल बनल रहे आउर जे धरमी हे, ऊ धरमी बनल रहे आउर जे स न्त हथ; ऊ स न्त बनल रहथ।”

[12] “देखऽ, हम तुरते आवे वाला हियो आउर हरेक के काम के मोताबिक बदला देवे लेल परिणाम हमरा भीरी हे।

[13] हम अलप फा आउर ओमेगा, पहिला आउर आखिरी, आदि आउर अन्त हिअई।

[14] “ध् न्‍न ऊ हथ, जे अप्पन कपड़ा धो ले हथ, काहेकि उनका जि नगी के फेड़ भीरी आवे के अखि तयार मिलतइ, आउर ऊ फाटकवन से होके सहर में पइस तन।

[15] बाकि कुतवन, आउर टोन्हवन, आउर बेभिचारी, आउर हतिया रवन, आउर मूरति पूजे वाला, आउर हरेक झूठ चाहनेवाला, आउर गढ़ेवाला बाहिर रहतइ।

[16] “हम यीसु अप्पन स रगदूत के एहिसे भेज ली कि तोहनी आगे कलीसियवन के बारे में ई बात के गवाही देहु। हम दाऊद के मूल आउर बंस ज, आउर चमकइत भुरू कवा तारा ही।”

[17] आतमा आउर दुलहिन दुन्नो कहऽ हथ, “आ!” आउर सुने वालो कहे, “आ!” जे पि या स ल होय ऊ आवे, आउर जे कोइ चाहे ऊ जि नगी के पानी फौ में ले।

[18] हम हरेक के, जे ई किताब के भबिसबानी के बात सुनऽ हे, गवाही दे हियो: जे कोइ आमदी ई बात में बढ़ावे त परमेसर ऊ बिप त्त के, जे ई किताब में लिखल हइ, ओकरा पर बढ़ए तथी।

[19] जे कोइ ई भबिसबानी के किताब के बात में से कुछ निकास दे, त परमेसर ऊ जि नगी के फेड़ आउर पवित्तर सहर में से, जेकर बखान ई किताब में हे, ओकर हिस्सा निकास देतथी।

[20] जे ई बतवन के गवाही दे हइ ऊ ई कहऽ हइ, “हाँ, हम तुरते अवैइया हियो।” आमीन। हे परभु यीसु आवऽ!

[21] परभु यीसु के किरपा स न्त लोग के जोरे रहे। आमीन।

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