[1] जे सातगो स रगदूतवन भीरी ऊ सातगो कटोरा हल, उनकरा में से एगो आके हमरा से ई कहलन, “एन्ने आवऽ, हम तोरा बड़की बेस वा के सजा देखइयो, जे ढेरेक पानी पर बइठल हे,
[2] जेकरा जोरे धरती के राज वन बेभिचार कयलन; आउर धरती के रहवैइया उनकर बेभिचार के दारू से मता गेलन हल।”
[3] तब ऊ हमरा आतमा में जंगल ले गेलन, आउर हम लाल रंग के ज नावर पर, जे निन्दा के नाँव से भरल हल आउर जेकर सातगो माथा आउर दस गो सींग हल; एगो अउरत के बइठल देखली।
[4] ई अउरत बैंगनी आउर लाल रंग के कपड़ा पहिरले हली, आउर सोना आउर बेस कीमती रतन आउर मोतिय न से स ज ल हली, आउर ओकर हाँथा में एगो सोना के कटोरा हल जे घिनावल चीज से आउर ओकर बेभिचार के असुद्ध चीज वन से भरल हलइ।
[5] ओकर माथा पर ई नाँव लिखल हल, “रहस-बड़का बेबीलोन धरती के बेस वामन आउर घिनाय ल चीज मन के माय।”
[6] हम ऊ आउरत के स न्त लोग के खून आउर यीसु के गवाहवन के खून पीये से मताय ल देखली; ओकरा देखके हम अचरज में पड़ गेली।
[7] तब ऊ स रगदूत हमरा से कहलन, “तूँ काहे अचरज में पड़ गेलऽ? हम ई अउरत आउर ऊ ज नावर के तोरा भेद बताव ही जेकरा पर ऊ स वार हइ आउर जेकरा सातगो माथा आउर दस गो सींग हइ।
[8] जे ज नावर तूँ देखल हे, ऊ पहिले त हल बाकि अब नञ हइ, आउर अथाह कुण्ड से निकस के बिनास में पड़तई आउर धरती के रहवैइया जि नकर नाँव दुनिया के सि रज न के बखत से जि नगी के किताब में लिखल नञ गेल, ई ज नावर के ई दसा देखके कि पहिले हल अ ब नञ हे आउर फिन आ ज य तई, तज्जुब करतई।
[9] ऊ बुदि्ध लेल जे में गिया न हे, ईहे मउका हे: ऊ सातो माथा सातगो पहाड़ हइ जेकरा पर ऊ अउरत बइठल हइ।
[10] ऊ सातो राजो हथ, पान ठो हो चुकल हथ, आउर एगो अ खनी हथ, आउर एगो अ बले अ य लन नञ, आउर जब अ य तन त कुछ बखत ले उनकर रहनाइयो ज रू री हे।
[11] जे ज नावर पहिले हल, आउर अब नञ हे, ऊ अपने अठमा हे आउर ऊ सातो में से पइदा होलइ, आउर बिनास में पड़तई।
[12] जे दस गो सींग तूँ देखलहु ऊ दसो राजा हथ जे अ बले राज नञ पय लन, बाकि ऊ ज नावर के जोरे घड़ी भर लेल राज वन ज कत अ खि तयार पय तन।
[13] ई सब एक मन होतन, आउर ओ अप्पन अप्पन स मारथा आउर अ खि तयार ऊ ज नावर के देतन।
[14] ओ मेमना से लड़तन, आउर मेमना ओखनी पर जीत पय तइ, काहेकि ऊ परभुअन के परभु आउर राज वन के राजा हे, आउर जे बोलावल आउर चुनल आउर बिस वासी हथ ओ उनकरा जोरे हथ, ऊहो जीत पय तन।”
[15] फिन ऊ हमरा से कहलन, “जे पानी तूँ देखलहु, जेकरा पर बेस वा बइठल हे, ऊ त लोग आउर भीड़ आउर देस आउर भासा हइ।
[16] जे दस गो सींग तूँ देखलहु, ऊ आउर ज नावर ऊ बेस वा से बइर रखतइ, आउर ओकरा बेबस आउर लंगा कर देतइ, आउर ओकर मांस खा ज ए तइ, आउर ओकरा आग में ज रा देतइ।
[17] काहेकि परमेस र उनकर मन में ई पेसा देतथी कि ओ उनकर मनसा पूरा करे, आउर जबले परमेस र के बचन पूरा नञ होय तबले एक मन होके अप्पन-अप्पन राज ज नावर के दे देथ।
[18] ऊ अउरत, जेकरा तूँ देखलहु हे, ऊ बड़ सहर हे जे धरती के राज वन पर राज करऽ हइ।”