[1] फिन हम एगो स रगदूत के सरग से उतरइत देखली, जि नकर हाँथा में अथाह कुंड के कुंजी आउर एगो बड़ सि क्कड़ हलइ।
[2] ऊ ओ अज गर, माने पुरनका साँप के जे इब्लीस आउर सैतान हइ, पकड़ के हजार बरिस लागी बाँध् देलन,
[3] आउर ओकरा अथाह कुंड में गिरा के बन्द कर देलन आउर ओकरा पर मोहर लगा देलन कि ऊ हजार बरिस के पूरा होवे तक कोइ देस के लोग के फिन नञ भरमावे। एकरा बाद जरू री हल कि ऊ थोरे देर लेल फिन खोलल जाय।
[4] फिन हम सिंहास न देखली, आउर ओकरा पर लोग बइठ गेलन, आउर उनका नेया य करे के अखि तयार देल गेलइ। हम उनकर आतमवनो के देखली, जि नकर गरदन यीसु के गवाही देवे आउर परमेसर के बचन के मारे काटल गेल हलइ, आउर जे लोग नञ ऊ ज नावर के, आउर नञ ओकर मुरति के उपासना कयलन हल, आउर नञ ओकर छाप अप्पन लिलार आउर हाँथा पर लेलन हल। ऊ जि न्दा होके मसीह के जोरे हजार बरिस ले राज करइत रहलन।
[5] जबले हजार बरिस पूरा नञ होलइ तबले बाकि मरल नञ जी उठलय। ई तो पहिलका फिन से जी उठनाय के भागी हइ।
[6] धन्न आउर पबित्तर हथ ओ, जे ई पहिला फिन से जी उठनाय के भागी हथ। अइसन पर दूस रका मउत के कुच्छो अखि तयार नञ, बाकि ऊ परमेसर आउर मसीह के या ज क होतन आउर उनकरा जोरे हजार बरिस ले राज करतन।
[7] जब हजार बरिस पूरा हो जएतई त सैतान कइद से छोड़ देल जएतई।
[8] ऊ ओ देस सब के जे धरती के चारो दन्न होतइ, माने गोग आउर मागोग के जि नकर गिनती समुन्दर के बालू के बराबर होतइ, भरमा के लड़ाइ लेल ए कट्ठा करे निकस तई।
[9] ओ सँऊसे धरती पर फइल के स न्तवन के छावनी आउर पि या रा सहर के घेर लेतइ; आउर आग सरग से उतरके उनखनी के भस म करतई।
[10] उनका भरमावे वाला सैतान आग आउर गन्ध् क के ऊ तालाब में, जे में ऊ ज नावर आउर झूटठा भबिस बक्तो होतइ, पेफक देल ज ए तइ; आउर ओ रात दिन जुग-जुग ले दुख में तड़प इत रहतइ।
[11] फिन हम एगो बड़का उज्जर सिंहास न आउर उनका, जे ओकरा पर बइठल हथ, देखली; उनकर सामने से धरती आउर अस मान भाग गेलइ, आउर उनकरा लेल जगह नञ मिललइ।
[12] फिन हम छोट बड़ सब मरल के सिंहास न के सामने खड़ा देखली, आउर किताबवन खोलल गेलइ; आउर फिन एगो आउर किताब खोलल गेलइ, माने जि नगी के किताब; आउर ज इस न ऊ किताबवन में लिखल हलइ, ओइस ने उनकर काम के मोताबिक मरल के नेया य कयल गेलइ।
[13] समुन्दर ओ मरल के जे उनका में हलन दे देलन, आउर मउत आउर पाताल ऊ मरल के जे उनका में हलन दे देलन, आउर उनका में से हरेक के काम के मोताबिक उनकर नेया य कयल गेलइ।
[14] मउत आउर पाताल आग के तालाब में पेफक देल गेलइ। ई आग के तालाब दूस रका मउत हे
[15] आउर जे कोइ के नाँव जि नगी के किताब में लिखल नञ मिलल, ऊ आग के तालाब में पेफक देल गेलइ।