Skip to content
Opens in a new window
Listen to this chapter • 7:19

[1] जब भीड़ परमेसर के बचन सुने ला उनखा पर गिरइत पड़इत हल, आउर ऊ गन्‍नेस रत के तालाब किनारे पर खड़ा हलथी, तो अयसन होलइ,

[2] कि ऊ तालाब के किनारे दूगो नइया लगल देखलथी, आउर मछुआरमन ओकरा पर से उतरके जाल धोइत हलन।

[3] ओ नइया में से एगो पर, जे स मौन के हल, चढ़के ऊ ओकरा से बिनती कय लथी कि किनारा से थोरे हटा ले। तब ऊ बइठ के लोग के नइया पर से उपदेस देवे लगलथी।

[4] जब ऊ बतिया चुकलथी तो स मौन से कहलथी, “गहिरा में ले चलऽ, आउर मछरिय न के प कड़े लागी अप्पन जाल पेंफकहू।”

[5] स मौन ओकरा ज बाब देलन, “हे स्वामी, हमनी रात भर मेहनत कय ली आउर कुछ नञ पकड़ लिअइ; तइयो तोरा कहे पर जाल पेंफकवई।”

[6] जब ओखनी अयसन कयलन, तो ढ़ेर मछरिय न पकड़ा गेलइ आउर उनखर जाल फटे लगलय।

[7] ई पर ओखनी अप्पन संगतिय न के जे दोसर नइया पर हलन, इसारा कयलन कि आके हमर मदत करहू, आउर ओखनी आके दूनो नइया हीयाँ तक भर लेलन कि डूबे लगलय।

[8] ई देखके स मौन पतरस यीसु के गोड़ पर गिरके कहलन, “हे परभु हमरा भीरी से जा, काहेकि हम पापी आमदी हियो।”

[9] काहेकि एतना मछरिय न के पकड़य ला से उनका आउर उनकर संगतिय न के ढे़र ताज्जुब होलइ,

[10] आउर ओइस ही जबदी के बेटा याकूब आउर यूहन्नो के, जे स मौन के संगतिया हलन, ताज्जुब होलइ। तब यीसु स मौन से कहलथी, “मत डरऽ; अब से तूँ आमदिय न के जि न्दा पकड़ल करवहू।”

[11] आउर ओखनी नइया के किनारा पर ले अयलन आउर सभ कुछ छोड़के उनखा पीछू हो गेलन।

[12] जब ऊ कोनो सहर में हलथी, तो हुआँ कोढ़ से भरल एगो अमदी आय ल, आउर उ यीसु के देखके सास्टांग गिरके बिनती कय लकय, “हे परभु, तूँ चाहू त हमरा सुद्ध कर स कऽहू।”

[13] ऊ हाँथा बढ़ाके ओकरा छूलथी आउर कहलथी, “हम चाहऽ हियो, तूँ सुद्ध हो जा।” आउर ओकर कोढ़ तुरते ठीक हो गेलइ।

[14] तब ऊ ओकरा चेतउलथी, “केकरो से नञ कहिअहू, बाकि जाके अपनही आप के याज क के देखावहू, आउर अप्पन सुद्ध होवे के बारे में जे कुछ मूसा चढ़ावा बतउले हलन ओकरा चदावहू कि उनखा पर गवाही होय।”

[15] बाकि ओकर चरचा अउरो फइलते गेलइ, आउर भीड़ पर भीड़ उनखा सुने लागी आउर अप्पन बेमारियो से चंगा होवे लागी जमा होलइ।

[16] बाकि ऊ जंगल में अलग जाके पराथाना कइल करऽ हलथी।

[17] एक दिन अयसन होलइ कि ऊ उपदेस दे रहलथी हल, आउर फरीसी आउर बेबस्थाप क हुआँ बइठल हलन जे गलील आउर यहूदिया के सब गाम से आउर यरूसलेम से आयल हलन, आउर चंगा करे लागी परभु के स मारथा उनखा जौरे हल।

[18] तखनी कइगो लोग एगो आमदी के जे लकवा के रोगी हल, खटिया पर लय लन, आउर ओखनी ओकरा भीतर ले जाय आउर यीसु के सामने रखे के उपाय खोज इत हलन।

[19] बाकि जब भीड़ के मारे ओकरा भीतर नञ ले जा स कलन तो ओखनी छत पर चढ़के आउर खपड़ा हटा के ओकरा खटिया सहित बीच में यीसु के सामने उतार देलन।

[20] ऊ उनकर बिसवास देखके ओखनी से कहलथी, “हे आमदी, तोर पाप माफ होलइ।”

[21] तब सास तरी आउर फरीसी बकवास करे लगलन, “ई के हइ जे परमेसर के सिकायत करऽ हे? परमेसर के छोड़ आउर के पाप के माप फ कर स कऽ हे?”

[22] यीसु उनकर मन के बात जानके, ओखनी से कहलथी, “तूँ अप्पन मन में का बिवाद कर रहइत हे?

[23] स हज का हे? का ई कहनाय कि तोहर पाप माप फ होलइ,’ चाहे ई कहनाय कि ‘उठऽ आउर चलऽ फिरऽ’?

[24] बाकि एहिसे कि तूँ जानऽ कि मनुस के बेटा के धरती पर पाप माफ करइयो के अधिकार हे।”- ऊ ओ लकवा के रोगी से कहलथी “हम तोरा से कहऽ हियो, उठऽ आउर अप्पन खटिया उठाके अप्पन घरे चल जाऽ।”

[25] उ तुरत उनखा सामने उठलय, आउर जेकरा पर उ पड़ल हलइ ओकरा उठाके, परमेसर के बड़ाइ करइत अप्पन घर चल गेलइ।

[26] तब सब चकित होलन आउर ढ़ेर डेराके कहे लगलन, “आभ्फ हमनी अजीब बात देखलिअइ।”

[27] एकरा बाद ऊ बाहर गेलथी आउर लेवी नाँव के एगो चुंगी लेवेवाला के चुंगी के चउकी पर बइठल देखलथी, आउर ओकरा से कहलथी, “हमरा पीछू आबऽ।”

[28] तब उ सब कुछ छोड़के उठलय, आउर उनखा पीछू हो गेलइ।

[29] तब लेवी अप्पन घर में उनखा लागी एगो बड़का भोज देलकइ; आउर चुंगी लेवेवालन के आउर आन लोग जे उनखा ज उरे खाना खाय बइठलन हलन, एगो बड़का भीड़ हलइ।

[30] एकरा पर फरीसी आउर उनकर सास तरी उनखर चेलमन से ई कहके कुड़कुड़ाय लगलन, “तूँ चुंगी लेवे वालन आउर पाापियन के ज उरे काहे खा-पीय ऽ हु?”

[31] यीसु उनका ज बाब देलथी, “वैद्य भला-चंगा लागी नञ, बाकि बेमरिय न लागी जरू री हे।

[32] हम धरमिय न के नञ, बाकि पापि य न के मन फिरावे लागी बोलावे आयल ही।”

[33] ओखनी उनखा से कहलन, “यूहन्‍ना के चेलमन त हरमेसा उपास रखइत आउर पराथाना कइल करऽ हथ, आउर ओइस ही फरीसियन के चेलमनो, बाकि तोर चेलमन तो खा-पीय हथ।”

[34] यीसु उनका से कहलथी, “का तूँ बरातिय न से, ज बले दूल्हा उनका संगे रहतइ उपास करवा स कऽ हू?

[35] बाकि ओहो दिन अय तइ, जेकरा में दूल्हा उनका से अलग कयल जयतइ, तब ओ उ दिन में उपास करतइ।”

[36] ऊ एगो आउर परझो उनका से कहलथी: “कोइ आमदी नया कपड़ा में से प फाड़के पुरनका कपड़ा में पैबन्द नञ लगावऽ हइ, नञ तो नयका फट जयतइ आउर उ पैबन्द पुरनका में मेलो नञ खय तइ।

[37] आउर कोइ नयका अंगुर के रस पुरनका मस क में नञ भरऽ हइ, नञ तो नयका अंगुर के रस मस क के फाड़के बह जयतइ, आउर मस को बेरबाद हो जयतइ।

[38] बाकि नयका अंगूर के रस नय के मस कमन में भरे के चाहि।

[39] कोइ आमदी पुरनका अंगूर के रस पीके नयका नञ चाहऽ हइ काहेकि उ कहऽ हे कि पुरनके नीमन हइ।”

लूका — Chapters