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[1] ढ़ेरेक ओ बात लोग के जे हमनी के बीच बीतलइ हे, इतिहास लिखे में हाँथा लगाय लन हे,

[2] जयस न कि ओखनी जे पहिलही से ई बात के देथेवाला आउर बचन के सेवक हलन, हमनी ले पहुँचय लन।

[3] एहिसे, हे सीरीमान थिायुफिलुस, हमरो ई सही जान पड़लो कि ऊ सभ बात के सँऊसे हाल सुरू से ठीक-ठीक परख के, ओकरा तोरा लागी सि लसि लेवार लिखिअइ

[4] जे से तूँ ई जान लहु कि ओ बात जेकर तूँ सिच्छा पय लऽ हे, कयसन अटल हइ।

[5] यहूदिया के राजा हेरोदेस के बखत अबिय्याह के दल में ज करयाह नाँव के एगो याज क हल, आउर ओकर मेहारू हारू न के खानदान के हली जेकरा नाँव इलीसि बा हलइ।

[6] ओ दून्नो परमेसर के सामने धरमी हलन, आउर परभु के सँउसे आग्यांवन आउर विधियन पर खाटी चले वाला हलन।

[7] उनका कोइयो अउलाद नञ हल, काहेकि इलीसि बा बाँभ्फ हली, आउर ओ दून्नो बूढ़ हलन।

[8] जब ऊ अप्पन मंडली के पारी पर परमेसर के सामने याज क के काम करऽ हलन,

[9] तो याजकवन के रेवाज के मोताबिक उनकर नाँव पर चिट्‌ठा निकस ल कि परभु के मनि्दल में जाके धूप ज रावे।

[10] धूप ज रावे के बखत मंडली के सँउसे लोग बाहिरे पराथाना करइत हलन।

[11] तखनी परभु के एगो स रगदूत धूप के बेदी के दहिना दन्‍न खड़ा होल उनका देखाय देलकय।

[12] ज करयाह देखके घबरय लन आउर घबरा के डेरा गेलन।

[13] बाकि स रगदूत उनका कहलन, हे ज करयाह, डरऽ मत, काहेकि तोर परारथाना सुन लेवल गेल हे, आउर तोहर मेहारू इलीसि बा से तोरा लागी एगो बेटा ज लमतो, आउर तूँ ओकरा नाम यूहन्‍ना रखिय हू।

[14] तोरा आनन्द आउर खुब्बे खुसी होतई: आऊर ढेर लोग उनकर जलम के ओभ्फह से खुस होतन,

[15] काहेकि ऊ परभु के नजर में महान होतन, आउर अँगूर के रस आउर दारू कहियो नञ पीतय; आउर अप्पन माय के पेटे से पवित्तर आतमा से भरल पूरल रहतइ;

[16] आउर इस राय लिय न में से ढ़ेरमनी के उनकर परभु परमेसर दन्‍न फेरतइ।

[17] ऊ एलिय्याह के आतमा आउर स मारथा में होके ओकर आगू आगू चलतइ कि पि तरन के मन बाल-बच्चा के दन्‍न पेफर दे आउर आग्यां नञ मानेवाला के धरमिय न के राह पर लावे, आउर परभु के लागी एगो लाय क परजा तइयार करे।”

[18] ज करयाह स रगदूत से पूछलथी, “ई हम कइसे बूझीअइ? काहेकि हम तो बूढ़ हियो, आउर हमर मेहरारू ओ बूढ़ी हो गेली हे।”

[19] स रगदूत उनका ज बाब देलन, “हम जि बराइल हिअइ, जे परमेसर के सामने खड़ा रहऽ हिअइ; आउर हम तोरा से बात करे आउर तोरा ई सुभसमाचार सुनावे ला भेजल गेल हियो।

[20] देखऽ, जे दिन ले ई बात पूरा नञ हो जाय, ओ दिन ले तूँ चूप रहबऽ आउर बोल नञ स कबहु, एहिसे तूँ हमर बात के जे अप्पन बखत पर पूरा होतइ, बिसवास नञ कय लऽ।”

[21] लोग ज करयाह के बाट जोहइत रहलन आउर अचम्भा करे लगलन कि उनका मनि्दल में एत्ते देर काहे लगलय।

[22] जब उ बाहिरे अयलन, तो ओखनी से बोल नञ स कलन: ई से उ बूझ गेलन कि ऊ मनि्दल में कोइ दरस न पय लन हे आउर ऊ ओखनी से इसारा करइत रहलन, आउर गोंग रह गेलन।

[23] जब उनकर सेवा के दिन पूरा होलइ, त ऊ अप्पन घर चल गेलथी।

[24] ई दिन के बाद उनकर मेहरारू इलीसि बा पेट से होलथिान; आउर पाँच महिना तक अपनही आप के ई कहके लुकाउले रखलथी,

[25] “आमदिय न में हमर अप मान दूर करे लागी परभु इ दिन में किरपा दिरिष्टी करके हमरा लेल अयसन कयलन हे।”

[26] छट्‌ठा महिना में परमेसर दन्‍न से जि बराइल स रगदूत गलील के नास रत सहर में,

[27] एगो कुमारी के भीरी भेजल गेलन जेकर छेका यूसुफ नाँव के दाऊद के खानदान के एगो मरद से होलइ हल: कुमारी के नाँव मरियम हल।

[28] स रगदूत उनका भीरी भीतरे आके कहलन, “खुसी आउर मंगल तोहर हो, जेकरा ऊपर इस बर के किरपा हे! परभु तोरा जोरे हथ!”

[29] ऊ ओ बचन से ढ़ेर घबरा गेलथिान, आउर सोचे लगलथिान कि ई कउन तरे के आदरभाव हे?

[30] स रगदूत उनखा से कहलन, “हे मरिय म, डरऽ मत, काहेकि परमेसर के किरपा तोरा पर होलइ हे।

[31] देखऽ, तूँ गरभवती होबऽ, आउर तोरा एगो बेटा पैदा होतइ, तूँ ओकर नाम यीसु रखिय हू।

[32] ऊ महान होतइ आउर परम परधान के बेटा कहलइतइ; आउर परभु परमेसर ओकर पिता दाऊद के सिंहास न ओकरा देतथिान,

[33] आउर ऊ याकूब के खानदान पर हरमेसा राज करतइ; आउर ओकर राज के अन्त नञ होतइ।”

[34] मरियम स रगदूत से कहलथिान, “ई कइसे होतइ। हम तो मरद के जानते नञ हिअइ।”

[35] स रगदूत उनखा ज बाब देलन, “प वित्तर आतमा तोरा पर उतरतइ, आउर परम परधान के स मारथा तोरा पर छाँह करतइ, एहिसे ऊ पवित्तर जे पइदा हावेवाला हे, परमेसर के बेटा कहलइतइ।

[36] आउर देखहू, तोर रिस्तेदार इलीसि बा के बुढ़ाड़ी में बेटा हावेवाला हे, ई ओकरा, जे बाँझ कहलावऽ हली छट्‌ठा महीना हइ।

[37] काहेकि जे बचन परमेसर के से होबऽ हे उ बिना परभाव नञ होबऽ हे।”

[38] मरियम कहलथिान, “देखहू, हम परभु के दासी हिअइ, हमरा तोर बचन के मोताबिक होय।” तब स रगदूत उनखा भीरी से चल गेलन।

[39] तखनीये मरियम उठके ज ल्दीये पहाड़ी देस में यहूदा के एगो सहर गेलथिान,

[40] आउर ज करयाह के घरे जाके इलीसि बा के नमस्ते कय लथिान।

[41] जयस ही इलीसि बा मरियम के नमस्ते सुनलथिान, ओय सही बच्चा उनकर पेट में उछललय, आउर इलीसि बा पबित्तर आतमा से परीपूरन हो गेली।

[42] आउर उ जोर से पुकार के कहलथिान, “तूँ आउरतिय न में धन्‍न हे, आउर तोर पेट के फर धन्‍न हे।

[43] ई किरपा हमरा कहाँ से होलइ कि हमर परभु के माय हमरा भीरी आय ली?

[44] देखहू, जयस ही तोहर नमस्ते के आबाज हमरा कान में पड़लय, तय सही बच्चा हमर पेट में खुसी से उछल गेलइ।

[45] धन्‍न हे ऊ जे बिसवास कयलन कि जे बात परभु दन्‍न से ओकरा कहल गेलइ, ओ पूरा होतइ!”

[46] तब मरियम कहलथिान, “हमर परान परभु के बड़ाइ करऽ हइ

[47] आउर हमर आतमा हमरा उद्धार करबइया परमेसर से खुब्बे खुस होलइ,

[48] काहेकि ऊ अप्पन दासी के दीनता पर नजर कयले हथ, एहिसे देखहू, अब से सब जुग-जुग के लोग हमरा धन्‍न कहतइ,

[49] काहेकि ऊ हमरा लागी बड़का बड़का काम कयले हथ। उनखर नाँव पवित्तर हइ,

[50] आउर उनखर दया उनका पर, जे उनखा से डरऽ हथ, पीढ़ी दर पीढ़ी ले बनल रहऽ हइ।

[51] ऊ अप्पन बाहुबल देखवलथी, आउर जे अपनही अपना के बड़ स मझऽ हलन, ओखनी के छितर बितर कय लथी।

[52] ऊ बरियार के उनकर सिंघास न से गिरा देलथी, आउर दीनवन के ऊँचा कय लथी।

[53] ऊ भूखलकन के बढ़िया चीज से तिरपित कय लथी, आउर ध् नगर के छूच्छे हाँथा निकाल देलथी।

[54] ऊ अप्पन सेवक इसरायल के स म्भार लेलथी कि अप्पन ओ दया के इयाद करय,

[55] जे इबराहिम आउर ओकर बंस पर हरमेसा रहतइ, जयस न ऊ हमनी के पुरखन से कहलथी हल।”

[56] मरियम करीब तीन महीना इलीसि बा के जोरे रहके अप्पन घरे लउट गेलथिान।

[57] तब इलीसि बा के परस व के बखत पूरा होलइ, आउर ऊ बेटा के जलम देलथिन।

[58] उनकर पड़ोसि य न आउर रिस्तेदारवन ई सुनके कि परभु ओकरा पर बड़ दया कयलन हे, ओकरा जोरे आनन्द मनवलन,

[59] आउर अ य स न होलइ कि आठवाँ दिन ओ लइका के खतना करे अ य लन आउर ओकर नाँव बाप के नाँव पर ज करयाह रखे लगलन।

[60] एकरा पर ओकर माय ज बाब देलथिन “नञ, बाकि ओकर नाम यूहन्‍ना रखल जाय।”

[61] ओखनी उनका से कहलन, “तोर स म्बन्धी में केकरो ई नाँव नञ!”

[62] तब ओखनी ओकर बाप से इसारा से पूछलन कि तूँ ओकर नाम का रखे चाहऽ हे?

[63] उ सि लेट मँगा के लिख देलन,” ओकर नाँव यूहन्‍ना हे,” आउर सभ के अचरज होलइ।

[64] तब ओकर मुँह आउर जीभ तुरते खुल गेलइ, आउर बोले आउर परमेसर के ध् नबाद करे लगलन।

[65] ओकर अ गल-बगल के सभ रहवैइया पर डर फइल गेलइ, आउर ओ सब बात के चरचा यहूदिया के स ऊसे पहाड़ी देस में फइल गेलइ,

[66] आउर सभ सुनर्वइया अप्पन-अप्पन मन में बिचार करके कहलन, “ई लइका कयसन होतइ?” काहेकि परभु के हाँथा ओकरा जोरे हल।

[67] ओकर बाप ज करयाह पबित्तर आतमा से भर गेलन, आउर भविसबानी करे लगलन:

[68] “प रभु इसरायल के परमेसर धन्‍न हो, काहेकि ऊ अप्पन लोगसभ के सुधलन आउर उनका मुक्ति दिलउलन हे,

[69] आउर अप्पन सेवक दाऊद के घराना में हमनी लागी एगो उद्धार के तागत देखवलन,

[70] (ज य स न ऊ अप्पन पबित्तर भबिस बक्तवन के ज रिये जे दुनिया के सुरू से होते आयल हथ, कहलन हल,)

[71] माने हमनी के दुस मनवन से, आउर हमनी के सब बइरीय न के हाँथा से हमनी के उद्धार कयलन हे,

[72] कि हमनी के पि तरन पर दया करके अप्पन पबित्तर वाचा के धियान करय,

[73] आउर ऊ स पत जे ऊ हमर पिता इबराहिम से खइले हलन

[74] कि उ हमनी के ई देतइ कि हम अप्पन दुसमनवन के हाँथा से छूटके,

[75] उनखा सामने पबित्तर आउर धरम से जि नगी भर निडर रहके उनकर सेवा करइत रहिअइ।

[76] आउर तूँ हे लइका, परम परधान के भबिस बक्ता कहलए बहऽ, काहेकि तूँ परभु के राह तइयार करे लेल उनका आगू-आगू चलबऽ,

[77] कि ओकर लोग के उद्धार के गियान देहू, जे ओकर पाप के छमा से हासि ल होबऽ हइ।

[78] ई हमनी के परमेसर के उहे बड़का दया से होतइ जेकरा मारे ऊपर से हमनी पर भोर के अंजोर होतइ,

[79] कि अन्धार आउर मउत के छँहि में बइठेवाला के रोसनी दे आउर हमनी के गोड़ के सानि्त के राह में सीधा चलावे।”

[80] आउर ऊ लइका बढ़इत आउर आतमा में मज गूत होइत गेलइ, आउर इसरायल पर परगट होवे के दिन ले जंगल में रहलइ।

लूका — Chapters