Skip to content
Opens in a new window
Listen to this chapter • 6:33

[1] तखनी कुछ लोग आ गेलन, आउर उनखा से ओ गलीलिय न के चरचा करे लगलन, जि नकर खून पि लातुस उनखे बलिदान के जोरे मिलय लन हल।

[2] ई सुन के ऊ उनका ज बाब में ई कहलथी, “का तूँ स मझइत ह कि इ गलीली आउर स ब गलीलिय न से बेसी पापी हलन कि ओखनी पर अयसन बिप त पड़लइ?

[3] हम तोरा से कहऽ हियो कि नञ; बाकि जे तूँ मन नञ फिरय वहु तो तोहनियो सब इहे तरे से खतम होबहु।

[4] चाहे, का तूँ स मभ्फइत ह कि ओ अठारहो लोग जेकरा पर सीलोह के गुम्बज गिरलइ, आउर ओ दबके मर गेलन: यरूसलेम के आउर सब रहवैइया से बेसी पापी हलन?

[5] हम तोरा से कहऽ हियो कि नञ; बाकि जे तूँ मन नञ फिरय वहु तो तोहनियो सब ईहे तरे खतम होबहु।”

[6] फिन यीसु ईहो परझो कहलथी: “केकरो अंगुर के बगइचा में एगो अंजीर के फेड़ लगल हलइ। उ ओकरा में फर खोजे आय ल, बाकि नञ पय लकय।

[7] तब उ बगइचा के रखवार से कहलन, ‘देखऽ, तीन बरिस से हम ई अंजीर के पेफड़ में फर खोजे आवऽ ही, बाकि नञ मिलऽ हइ। एकरा काट देहू कि ई ज मीनो के काहे छेकले हे?’

[8] उ उनखा ज बाब देलकय, हे मालिक, एकरा एक बरिस आउर रहे दहू कि हम एकरा चारो दन्‍न खोद के खाद दिअई।

[9] जो आगू फरे तो बेस, नञ तो ओकरा काट दिय हू’।”

[10] सबत के दिन ऊ एगो आराध् नालय में उपदेस देइत हलथी।

[11] हुआँ एगो अउरत हली जेकरा अठारह बरिस से एगो कमजोर करे वाली दुष्टआतमा लगल हली, आउर उ कुबड़ हो गेली हल आउर कउनो तरह से सोझा नञ हो स कऽ हली।

[12] यीसु ओकरा देखके बुलाके कहलथी, “हे अउरत, तूँ अप्पन कमजोरी से छूट गेली।”

[13] तब ऊ ओकरा पर हाँथा रखलथी, आउर उ तुरत सोझ हो गेली आउर परमेसर के बड़ाइ करे लगली।

[14] एहिसे कि यीसु सबत के दिन ओकरा चंगा कय लथी हल, अराध् नालय के सरदार खिसि या के लोग से कहे लगलन, “छो दिन हे जेकरा में काम करे के चाही, ईसे ऊहे दिन में आके चंगा होवऽ, बाकि सबत के दिन में नञ।”

[15] ई सुनके परभु ज बाब देलथी, “हे कप टिय न, का सबत के दिन तोहनी में से सब एगो अप्पन बैल चाहे गदहा के थान से खोलके पानी पि लावे नञ ले जाहू?

[16] त का सही नञ हल कि ई अउरत जे इबराहिम के बेटी हे जेकरा सैतान अठारह बरिस से बाँधले हल, सबत के दिन ई बन्ध् न से छोड़ावल जाइत?”

[17] ज ब ऊ ई बात कहलथी, तो उनखर सब बिरोधी लज्जा गेलन, आउर स उँसे भीड़ उ महिमा के काम में जे ऊ करऽ हलथी, अननि्दत होलन।

[18] फिन ऊ कहलथी, “परमेसर के राज केकरा नीयर हे? आउर हम ओकर मिलान केकरा से दिअई?

[19] उ राइ के एगो दाना नीय न हे, जेकरा कोइ आमदी लेके अप्पन बगइचा में बोय लक: आउर उ बढ़के पेफड़ हो गेल; आउर अकास के चिडि़मन ओकर डाँढवन पर बसेरा कय लक।”

[20] ऊ फिन कहलथी, “हम परमेसर के राज के मिलान केकरा से दियो?

[21] उ खमीर के नीय न हे, जेकरा कोइ अउरत ले के तीन पसेरी आटा में मिलय लकय, आउर होइत होइत सब आटा खमीरा हो गेलइ।”

[22] ऊ स हरे-स हर, आउर गामे-गाम होके उपदेस करइत यरूसलेम दन्‍न जा रहलथी हल,

[23] तो कोइ उनखा से पुछलकय, “हे परभु, का उद्धार पावे वाला थोड़के हथ?” ऊ ओकरा से कहलथी,

[24] “स केत दुआर से पइसे के जतन करहू, काहेकि हम तोरा से कहऽ हियो कि ढ़ेरमनी पइसे चाहतइ, आउर नञ कर स कतइ।

[25] जब घर के मालिक उठके दुआर बन्द कर चुकल होय, आउर तूँ बाहिर खड़ा दुआर खटखटा के कहे लगहु, ‘हे परभु हमरा लागी खोल द,’ आउर ऊ ज बाब देथिान, ‘हम तोरा नञ जानइत ही, तूँ कहाँ के हूं?’

[26] तब तूँ कहे लगबहू, ‘हम तोरा सामने खय ली-पीली आउर तूँ हमनी के बजारे में उपदेस देल्हु।’

[27] बाकि ऊ कहतइ, “हम तोरा से कहऽ हियो, हम नञ जानऽ ही तूँ कहाँ से ह। हे कुकरम करे वालन, तूँ सब हमरा से दूर होवऽ।’

[28] हुआँ रोनाय आउर दाँत पीस नाय होतइ; जब तूँ इबराहिम आउर इसहाक आउर याकूब आउर सब भबिस बक्तवन के परमेसर के राज में बइठल, आउर अपने ही आप ना के बाहिरे निकास ल देखबहू,

[29] आउर पुरूब आउर पचि्छम, उत्तर आउर दक्खिन से लोग आके परमेसर के राज के भोज में सामिल होतइ।

[30] आउर देखहू, कुछ पि छला हथ ओ पहिला होतन, आउर कुछ जे पहिलका हथ, ओ पि छला होतन।”

[31] उ घड़ी कुछ फरीसियन आके उनखा से कहलकन, हीयाँ से निकस के चल जा, काहेकि हेरोदस तोरा मार देवे चाहइत हे।”

[32] ऊ ओखनी से कहलथी, “जाके उ लोमड़ी से कह देहू कि देखहू, हम आभ्फ आउर कल्ह दुष्टआतमवन के निकास ऽ आउर बेमरिय न के चंगा करऽ ही, आउर तेसर दिन अप्पन काम पूरा करबइ।

[33] तइयो हमरा आभ्फ आउर कल्ह आउर परसू चलनाय जरू री हे, काहेकि हो नञ स कऽ हे कि कोइ भविस बक्ता यरूसलेम के बाहिर मारल जाय।

[34] “हे यरूसलेम! हे यरूसलेम! तूँ भबिस बक्तवन के मार दे हे, आउर जे तोरा भीरी पेठावल गेलन उनका पर पथाराव करावऽ हे। केत्ते बेर हम ई चाहलियो कि ज इसे मुरगी अप्पन बचवन के अप्पन डैना के तरे जमा करऽ हे, ओय सही हम्हु तोर लइकन के जमा करिअई, बाकि तूँ ई नञ चाहलहू।

[35] देखहू, तोरा घर तोरे लागी उजाड़ छोड़ल जा हे, आउर हम तोरा से कहऽ हियो: जबले तूँ नञ कहबहु, ‘ध् न्‍न हे ऊ जे परभु के नाँव से आवऽ हे,’ तबले तूँ हमरा फिन कभी नञ देखबहू।”

लूका — Chapters