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[1] फिन ऊ एकरा बारे में कि रोज पराथाना करनाय आउर हियाव नञ छोड़े के चाही, ओखनी से ई परझो कहलथी;

[2] कउनो सहर में एगो नेयायी रहऽ हल, जे नञ परमेसर से डेरा हल आउर नञ कोइ आमदी के परवाह करऽ हल।

[3] उहे स हर में एगो बिध् वो रहऽ हली, जे ओकरा भीरी आ-आके कहल करऽ हली, ‘हमरा नेयाय देके हमरा मुद्‌दइ से बचावऽ।’

[4] कुछ बखत ले त ऊ नञ मानलकय बाकि आखिर में बिचार करके कहलकय, काहेकि हम नञ परमेसर से डेराही, आउर नञ अमदिय नो के कुछ परवाह करऽ ही;

[5] तइयो ई विध् वा हमरा स तइते रहऽ हे, एहिसे हम ओकरा नेयाय देलय बई, कहीं अयसन नञ होय कि बेर बेर आके हमर नाक में दम करे।’

[6] परभु कहलथी, “सुनहू, ई अध् रमी नेयायी का कहऽ हे?

[7] एहिसे का परमेसर अप्पन चुनल के नेयाय नञ देलइतथी जे रात दिन उनखर दुहाइ देइत रह हथ? का उनका बारे में देर करतथी?

[8] हम तोरा से कहऽ हियो, ऊ तुरत उनकरा नेयाय देतथी। तइयो आमदी के बेटा जब अय तई, त का ऊ धरती पर बिसवास पय तइ?”

[9] ऊ उनकरा से जे अपना पर भरोसा रखऽ हलन, कि हम धरमी ही, आउर दोस रा के हीन बुभ्फऽ हलन, ई परभ्फो कहलथी:

[10] “दूगो आमदी मनि्दल में पराथाना करे ला गेलइ, एगो फरीसी हल आउर दोसर चुंगी लेवेवाला।

[11] फरीसी खड़ा होके अपना मन में अइसे पराथाना करे लगलय, ‘हे परमेस र, हम तोरा ध् नबाद करऽ हियो कि हम दोसर आमदिय न नियन अन्धेर करे वाला, अनियायी आउर बेभिचारी नञ, आउर नञ ई चुंगी लेवे वाला नियन हिअई।

[12] हम हफ्ता में दू बेर उपास रखऽ ही; हम अप्पन सब कमाइ के दस मा हिस्सो दे ही।’

[13] “बाकि चुंगी लेवेवाला दूर खड़ा होके, सरग दन्‍न आँख उठावइयो नञ चाहलकय, बाकि अप्पन छाती पीट-पीटके कहलकय, ‘हे परमेस र, हम पापी पर दया करऽ।’

[14] हम तोरा से कहऽ हियो कि ऊ दोसर नञ, बाकि इहे आमदी धरमी ठहरावल जाके अप्पन घर गेल; काहेकि जे कोइ अपनही आप के बड़ बनय तई, ऊ छोट कयल जयतइ, आउर जे अपनही आप के छोट बनय तई, ऊ बड़ कयल जयतइ।”

[15] फिन लोग अप्पन लइकनो के उनखा भीरी लावे लगलन कि ऊ ओखनी पर हाथा रखे बाकि चेलमन देखके ओखनी के डाँटलन।

[16] यीसु लइकन के भीरी बोलाके कहलथी, “लइकन के हमरा भीरी आवे देहू, आउर ओखनी के माना नञ करहू: काहेकि परमेसर के राज अय स ने के हे।

[17] हम तोहनी से सच कहऽ हियो कि जे कोइ परमेसर के राज के लइका नियन नञ स कारतइ ऊ ओकरा में कहियो नञ पइस पय तइ।”

[18] कोइ सरदार उनखा से पूछलकय, “हे उति्तम गुरू अनन्त जि नगी पावे ला हम का करिअई?”

[19] यीसु ओकरा से कहलथी, “तूँ हमरा उति्तम काहे कहइत हे? कोई उति्तम नञ खाली एगो, माने परमेसर।

[20] तूँ आग्यंवन के त जानऽ हे: बेभिचार नञ करिअहू, हतिया नञ करिअहू, आउर चोरी नञ करिअहू, भूठ गवाही नञ दिहऽ, अप्पन पिता आउर अप्पन माय के आदर करिहऽ।”

[21] उ कहलकय, हम त ई स भ लइकाइये से मानइत आवऽ ही।”

[22] ई सुनके यीसु ओकरा से कहलथी, “तोरा में अभियो एगो घटइत हे, अप्पन सभ कुछ बेचके गरीबवन में बाँट देहू आउर तोरा स रग में धन मिलतो, आउर आके हमरा पीछू हो जा।”

[23] ऊ ई सुनके ढ़ेर उदास हो गेलइ, काहेकि ऊ ढ़ेर ध् निक हल।

[24] यीसु ओकरा देखके कहलथी, “ध् निक के परमेसर के राज में पइस ना कत्ते मोस किल हे।

[25] परमेसर के राज में ध् निक के पइसे से, ऊँट के सूइया के भूर में से निकस नाय आसान हे।”

[26] एकरा पर सुनेवालन कहलन, “त फिन केकर उद्धार हो स कऽ हे?”

[27] ऊ कहलथी, “जे आमदी से नञ हो स कऽ हे, उ परमेसर से हो स कऽ हे।”

[28] पतरस कहलन, “देखऽ, हम त घर दुआर छोड़के तोरा पीछू हो गेल हिअई।”

[29] ऊ उनकरा से कहलथी, “हम तोरा से स च्चो कहऽ हियो कि अय स न कोइ नञ जे परमेसर के राज ला घर, चाहे मेहरारू, चाहे भय वन, चाहे माय-बाप, चाहे बाल-बच्चा के छोड़ देले हो

[30] आउर ई बखत कइ गुना बेसी नञ पावे आउर आवेवाला जुग में अनन्त जि नगी।”

[31] फिन ऊ बारहो के संगे ले जाके ओखनी से कहलथी, “देखहू, हम यरूसलेम जा हियो, आउर जेतना बात आमदी के बेटा ला भबिसवक्तवन दिया लिखल गेलइ हे, ओ सभ पूरा होतइ।

[32] काहेकि ऊ आन जात के हाँथा में स ऊँप ल ज य तइ, आउर ओ ओकर हँसी उडय तइ, आउर ओकर अप मान करतइ, आउर ओकरा पर थूकतई,

[33] आउर ओकरा कोड़ा मारतई, आउर जान मार देतई आउर ऊ तेसर दिन जी उठतई।”

[34] बाकि ओखनी ई बात में से कोइ बात नञ स मभ्फलन; आउर ई बात उनका से छिप ल रहलइ, आउर जे कहल गेलइ हल ऊ उनकरा स मभ्फ में नञ आयल।

[35] जब ऊ यरीहो के नगीच पहुचलथी, त एगो आन्ध्र स ड़क के बगल में बइठल भीख माँगगइ हलइ।

[36] उ भीड़ के आवाज सुनके पूछे लगलइ, “ई का होइत हे?”

[37] ओखनी ओकरा बतय लन, “यीसु नास री जाइत हथ।”

[38] तब ऊ पुकार के कहलकय, “हे यीसु, दाऊद के स न्तान, हमरा पर दया करऽ।”

[39] जे आगे-आगे जाइत हलन, ओ ओकरा डाँटे लगलन कि चुप रहऽ, बाकि ऊ अउरो चिचियावे लगलय, “हे दाऊद के स न्तान, हमरा पर दया करऽ।”

[40] तब यीसु खड़ा होके आग्यां देलथी कि ओकरा हमरा भीरी लाहीं, आउर जब ऊ भीरी आयल तो ऊ ओकरा से पूछलथी,

[41] “तूँ का चाहऽ हे कि हम तोरा ला करिओ?” ऊ कहलकय, “हे परभु, ई कि हम देथे लगिअई।”

[42] यीसु ओकरा से कहलथी, “देथे लग; तोहर बिस वास तोरा अच्छा कर देलको हे।”

[43] तब ऊ तुरत देथे लगलय आउर परमेसर के बड़ाइ करइत उनखा पीछू हो गेलइ; आउर स भलोग ई देखके परमेसर के अस तुति कयलन।

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