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[1] बाकि हप फताह के पहिले दिन अनहारे ओ उ महकऊआ उबटन के जे ओखनी तइयार कयले हली, लेके कब्बर पर आय ली।

[2] ओखनी पत्थार के कब्बर पर से ओघड़ल पय लन, बाकि भीतर जाके परभु यीसु के ल्हास नञ पय लन।

[4] जब ओ ई बात से हक्‍का-बक्‍का होइत हलथिान तो देखहू, दूगो आमदी चकमक कप ड़ा पहिरले उनका भीरी आके खड़ा होलन।

[5] जब ओ डेरा गेलथिान आउर भूइंया दन्‍न मुँह रहलथिान तो ओखनी उनका से कहलन, “तूँ जि न्दा के मरल में काहे खोजऽ हू?

[6] ऊ हीयाँ नञ, बाकि जी उठल हे। इयाद करहू कि ऊ गलील में अस ते तोहनी से कहलथी हल,

[7] ‘ज रू री हे कि आमदी के बेटा पाप यि न के हाँथा में पकड़वायल जाय, आउर कूरू स पर चढ़ावल जाय, आउर तेसर दिन जी उठय’।”

[8] तब उनखर बात ओखनी के धियान आय लइ,

[9] आउर कब्बर से लउट के उ ए गारहो के, अउर दोस रा सब के, ई सब बात कहलथिान।

[10] जे परेरितवन से ई बात कहलथिान ओ मरियम मगदलीनी आउर योअन्‍ना आउर याकूब के माय मरिय म आउर उनका जोरे के दोसर मेहरारू ओ हली।

[11] बाकि उनकर बात उनखा खिस्सा अइसन लगलय, अउर ओखनी उनकर अउरतिय नो नञ कयलन।

[12] तब पतरस उठके कब्बर पर ध् उगल गेलन, आउर भुफकके खाली कपड़ा पड़ल देखलन, आउर जे होलइ हल ओकरा से ताज्जुब करइत अप्पन घरे चल गेलन।

[13] उहे दिन उनका में से दूगो आमदी इम्माऊस नाँव के गाम जाइत हलन, जे यरूसलेम से कोइ सात मील के दूरी पर हल।

[14] ओ ई सभ बात पर जे होलइ हल, अपना में बतियाते जाइत हलन,

[15] आउर जब ओ अपना में बतियाते आउ पूछताछ करइत हलन तो यीसु अपने भीरी आके उनका जोरे हो गेलथी।

[16] बाकि उनकर आँखि अयसन बन्द कर देल गेलइ हल कि उनखा पहिचान नञ स कलन।

[17] ऊ ओखनी से पूछलथी, “ई का बात हइ, जे तोहनी चलइत चलइत अपना में करऽ हू?” ओ उदास खड़ा रह गेलन।

[18] ई सुनके ओखनी में से क्लियोपास नाँव के एगो आमदी कहलकय, “का तूँ यरूसलेम में अकेले परदेसी हे, जे नञ जानऽ हे कि ई दिन में ओकरा में का-का होलइ हे?”

[19] ऊ ओखनी से पूछलथी, “कउन बात?” ओखनी उनखा से कहलन, “यीसु नास री के बारे में जे परमेसर अउर सभ लोगवन के नगीच काम आउर बचन में स मारथा वाला भबिस वक्ता हलन,

[20] आउर परधान याजकवन आउर हमर सरदार वन उनखा प कड़वा देलन कि उनखा पर मउत के आग्यां देल जाय, अउर उनखा कूरू स पर चढ़वय लन।

[21] बाकि हमनी के आसा हल कि इहे इसरायल के छुटकारा देतन। ई स भ बात के अलावे ई घटना के होल तेसर दिन हे,

[22] आउर हमनी में से कइगो अउरतिय न हमनी के अज गुत में डाल देलथिन हे, जे भोरे कब्बर पर गेल हलथिान,

[23] अउर जब उनखर ल्हास नञ पय लन तो ई कहइत आय लथिान कि हमनी स रगदूत के दरस न पय लियो, जे कहलन कि ऊ जि न्दा हे।

[24] तब हमनी के संगतिय न में से कइगो कब्बर पर गेलन, आउर ज इस न अउरतिय न कहलथिान हल ओय स ने पय लन, बाकि उनखा नञ देखलन।”

[25] तब ऊ उनका से कहलथी, “हे निरबुदि्धय न, आउर भबिस बक्तवन के सब बात पर बिसवास करे में मन्दबुदि्धय न।

[26] का जरू री नञ हल कि मसीह ई दुख उठाके अप्पन महिमा में पइस जाय?

[27] तब ऊ मूसा से अउर स ब भबिस बक्तवन से सुरू करके स उँसे पबितर किताब में से अपना बारे में लिखल बात के माय ने, उनका स मभ्फा देलथी।

[28] एतने में ओ उ गाम के नगीच पहुँचलन ज हँ उ जाइत हलन, आउर उनकर ढंग से अ य स न बुझलइ कि ऊ आगे बढ़े चाहऽ हे।

[29] बाकि ओखनी ई कहके उनखा रोकलन, “हमरा जौरे रहऽ, काहेकि सांझ होय वाला हे आउर दिन अब बीत गेलइ हे।” तब ऊ उनका जोरे रहे ला भीतर गेलथी।

[30] ज ब ऊ उनका ज उरे खाय बइठलथी, तो ऊ रोटी लेके ध् न्‍न वाद कय लथी आउर ओकरा तोड़के ओखनी के देवे लगलथी।

[31] तब उनकर आँखि खुल गेलइ; आउर ओखनी उनखा चिन्ह लेलन, अउर उ उनकर आँखि से छिप गेलथी।

[32] ओखनी अपना में कहथिान, “जब ऊ राह में हमनी से बतिऔते हलथी आउर प बितर किताब के माय ने हमनी के स मझउते हलथी, तो का हमनी के मन में जोस नञ पैदा होलइ?”

[33] ओ तखनिये उठके यरूसलेम लउट गेलन, अउर ओ एगारहो आउर उनकर संगतिय न के ए कट्‌ठे पय लन।

[34] ओ कहइत हलन, “प रभु स च्चो जी उठल हथ, आउर स मौन के देखाइ देलथी हे।”

[35] तब ओहनी राह के बात उनका बता देलन अउर इहो कि ऊ उनका रोटी तोड़े बखत कइसे पहचानलन।

[36] ओ ई बात कहिये रहलन हल कि ऊ अपनही उनका बीच में आ खड़ा होलथी, अउर कहलथी, “तोहनी के सानि्त मिलो।

[37] बाकि ओखनी घबरा गेलन आउर डेरा गेलन, आउर स मभ्फलन कि हमनी कोनो भूत के देखइत ही।

[38] ऊ ओखनी से कहलथी, काहे घबराइत हऽ? आउर तोहनी के मन में काहे संका उठइत हे?

[39] हमर हाँथा अउर हमर गोड़ देखहू कि हम उहे ही। हमरा छूके देखहू, काहेकि आतमा के हाड़ माँस नञ होवऽ हे ज इस न हमरा मे देखइत हू।”

[40] ई कहके ऊ ओखनी के अप्पन हाँथा गोड़ देखइलथी।

[41] जब खुसी के मारे उनकन्हीं के बिसवास नञ होलय, आउर ओ अज गुत करऽ हलन, त ऊ ओखनी से पूछलथी, “का हीयोँ तोहनी पाले कुछ खाना हे?”

[42] ओखनी उनखा भूँज ल मछरी के गुडि़या देलन।

[43] ऊ लेके उनका सामने खाय लथी।

[44] फिन ऊ उनकरा से कहलथी, “ई हमर ओ बात हइ, जे हम तोहनी ज उरे अस ते तोरा से कहली हल कि जरू री हे कि जेत्ते बात मूसा के बेबसथा आउर भबिस बक्तवन आउर भज न के किताब में हमरा बारे में लिखल हे, सब पूरा होय।”

[45] तब ऊ पबित्तर किताब बूभेफ ला उनकर स मझ खोल देलथी,

[46] आउर उनकरा से कहलथी, “हलांकि लिखल हे कि मसीह दुख उठइतइ, आउर तीस रका दिन मरल में से जी उठतइ,

[47] आउर यरूसलेम से लेके सब जात में मन फिराव के अउर पाप के माप फी के परचार, उनखरे नाँव से कयल जयतइ।

[48] तोहनी ई सभ बात के गवाह हु।

[49] आउर देखहु, जेकर वादा हमर पिता कैले हथ, हम ओकरा तोहनी पर उतारबो अउर जबले सरग से स मारथा नञ पावहु, तबले तोहनी इहे सहर में ठहरल रहु।”

[50] तब ऊ ओखनी के बैतनिय्याह ले बाहिर ले गेलथी, आउर अप्पन हाँथा उठाके ओाखनी के आसीरबाद देलथी;

[51] आउर ओखनी के आसीरवाद देइत ऊ ओखनी से अलग हो गेलथी आउर सरग पर उठा लेल गेलथी।

[52] तब ओ उनखा दण्डवत करके बड़ खुसी से यरूसलेम लउट गेलन;

[53] अउर ओ लगातार मनि्दर में हाज री देके परमेसर के गुनगान कयल करऽ हलन।

लूका — Chapters