[1] एहिसे हे पवित्तर भाइवन, तोहनी जे सरग के बोलाहट में भाग लेवे वाला हु, ऊ परेरित आउर महायाज क यीसु पर जिनका हमनी स कारऽ ही, धियान करहु।
[2] ऊ अपना के काम पर लगावे वाला लागी बिसवास जोग हलथी, जइसे मूसो परमेस र के स ऊँसे घर में हलथी।
[3] काहेकि यीसु मूसा से एतना बढ़के महिमा जोग स मझल गेल हथ, जेतना कि घर के बनावे वाला घर से बढ़के आदर रखऽ हे।
[4] काहेकि हरेक घर के कोइ न कोइ बनावेवाला होवऽ हे, बाकि जे सभ कुछ बनय लथिान ऊ परमेस र हथ।
[5] मूसा त परमेसर के स ऊँसे घर में सेवक नियर बिसवास जोग रहलन कि जे बात के बखान होवे वाला हल, उनकर गवाही देथ।
[6] बाकि मसीह बेटा नियर परमेस र के घर के अधिकारी हथ; आउर उनकर घर हम ही, जे हम साहस पर आउर अप्पण आसा के घमण्ड पर आखिर ले मज बूती से अडिग रहिअई।
[7] ईसे जइसे पवित्तर आतमा कहऽ हे, “जे आझ तोहनी उनकर आवाज सुनहु,
[8] त अप्पण मन के कठोर नञ करहु, जइसे कि किरोध् देलावे के बखत आउर परीक्षा के दिन जंगल में कय लऽ हल।
[9] ज हँ तोहनी के पुरखन हमरा जाँच के परखलन आउर चालीस बरिस ले हमर काम देखलन।
[10] ई मारे हम ऊ बखत के लोग से खीसि या गेली, आउर कहली, ‘इनकर मन हरमेसा भटकइत रहऽ हइ, आउर ई लोग हमर रहता के नञ चिन्हलन।’
[11] तब हम किरोध में आके स पत खय ली, ‘ओ हमर आराम में पइस नञ प य तन’।”
[12] ऐ भाइवन, चउकस रहु कि तोहनी में अइसन खराब आउर अबिस वासी मन वाला नञ हो, जे तोहनी के जि न्दे परमेसर से दूर हटा ले जाव।
[13] बलुक जे दिन ले आझ के दिन कहल जा हे, रोज एक दोस रा के स मझइते रहु, अइसन नञ हो कि तोहनी में से कोइ पाप के धोखा में आके कड़ा हो जाय।
[14] काहेकि हम मसीह के भागीदार होलिअइ हे, जे हम अप्पण पहिल भरोसा पर आखिर ले मज बूती से अड़ल रहिअई।
[15] ज इस न कहल जा हइ, “जे आझ तूँ परमेसर के आवाज सुनहु, त अप्पण मन के कड़ा नञ करहु, ज इस न कि किरोध दिलावे के बखत कय लऽ हल।”
[16] भला कउन लोग सुनियो के किरोध दिलय लन? का ऊ सभ नञ, जे मूसा दिया मिस्र से निकस ल हलन?
[17] अउर परमेसर चालीस बरिस ले कउन लोग से खीसीयाय ल रहलन? का ओहनिये से नञ जे पाप कयलन, आउर उनकर ल्हास जंगल में पड़ल रहलइ?
[18] आउर ऊ केकरा से स पत खय लथी कि तूँ हमर आराम में पइस नञ स कबहु? का खाली उनकरा से नञ जे आग्यां नञ मानलन?
[19] ईसे हम देखइत ही कि ओ बिसवास नञ रखे के ओज ह से पइस नञ स कलन।