[1] ई ओज ह से ज बकि गबाहवन के अइसन बड़ बादर हमनी के घेरले हइ, त आवहु, हरेक रोकेवाला चीज आउर ओझरावे वाला पाप के दूर करके, ऊ दउड़ जेकरा में हमनी के ध् उगे के हइ धीरज से ध् उगिअई
[2] आउर बिसवास के सि रजे वाला आउर स मपूरन करे वाला यीसु दन्न ताकइत रहिअई, जे ऊ खुसी लेल जे उनका सामने ध् इल हल, लाज के कुछ चिन्ता नञ करके कुरू स के दुख स हलथी, आउर परमेसर के सिंघास न के दाहिना दन्न जा बइठलथी।
[3] एहिसे उनका पर धियान करहु, जे अप्पण खिलाप फ में पापि य न के ए तना बिरोध् सह लेलथी कि तोहनी निरास होके हिम्मत नञ छोड़ दहु।
[4] तोहनी पाप से लड़इत ओकरा से अइसन भिडन्त नञ करलहु कि तोहनी के खून बहल हो
[5] आउर तोहनी ऊ उपदेस के भूल गेलऽ हे जे तोहनी के बेटवन नियन देल जा हे: “ऐ हमर बेटा, परभु के डाँट के हलका बात नञ बूझऽ, अउर जब ऊ तोरा घुड़के त हिम्मत नञ हारऽ।
[6] काहेकि परभु जेकरा से परेम करऽ हथ, ओकरा डाँटबो करऽ हथ, आउर जेकरा बेटा बना ले हथ, ओकरा कोड़ो लगाव हथ।”
[7] तोहनी दुख के डाँट स मझके सह लहु परमेसर तोहनी के बेटा बूझके तोहनी जोरे बरताव करऽ हथ। ऊ कउन बेटा हे जेकरा बाप डाँटऽ नञ हे?
[8] जे ऊ डाँट जेकर भागी सब होवऽ हथ, तोहनी के नत्न होलइ त तोहनी बेटा नञ, बाकि बेभिचार के लइकन होवऽ।
[9] फिन ज बकि हमनी के देह के नाता से पि तो हमनी के डाँटऽ हलन आउर हमनी उनकर आदर कय ली, त का आतमा के पिता के अउरो अ खि तयार में नञ रहिअ ई जेसे हमनी जि न्दा रहिअई।
[10] ओ त अप्पण-अ प्पण स मझ के मोताबिक थोरे दिन ला डाँट-डप ट करऽ हलथी, बाकि ऊ त हमनी के फाय दा ला करऽ हथ कि हम्हुं उनकर पवित्तरइ के भागी हो ज ए अ ई।
[11] अ खनी के बखत में हर तरे के डाँट-डप ट खुसी के नञ बाकि सोके के बात देखाइ दे हइ; तइयो जे ओकरा स हइत-स हइत पक्का हो गेल हथ, बाद में ओखनी के चैन जोरे धरम के नतीजा मिलऽ हे।
[12] एहिसे ढीला हाँथा आउर अबर ठेहुना के सीधा करहु,
[13] अप्पण पइर ला सोझ राहता बनाव कि लंगड़ा भटक नञ जाए बाकि भला-चंगा हो जाय।
[14] सबसे मेल मिलाप रखहु, आउर ऊ पवित्तरइ के पीछू रहऽ जेकरा बिना कोइ परभु के कहियो नञ देखतइ।
[15] धियान से देखइत रहु, अ इस न नञ हो कि कोइ परमेसर के किरपा से बचल रह जाय, चाहे कोइ कड़ुआ ज ड़ प फूटके दुख देवे, आउर ओकरा से ढेर लोग असुद्ध हो जाय।
[16] अइसन नञ होय कि कोइ आमदी बेभिचारी, चाहे ए साव नियन अधरमी होय जे एक बेर के खाना के बदला में अप्पण पहिलउठ होवे के पद बेच देलकय।
[17] तोहनी जानऽ हु कि बाद में जब ऊ आसीरबाद पावे चाहलकय त जोग नञ गिनल गेलइ, आउर लोर बहा-बहाके खोज इयो पर मन फिराव के मउका ओकरा नञ मिललय।
[18] तोहनी त ऊ पहाड़ नगीच, जे छुअ ल जा स कऽ हल, आउर आग से धधकऽ हल, आउर करिया बादर, आउर अन्धार, आउर अन्ध् ड़ के नगीच,
[19] आउर तुरही के आवाज, आउर बोलेवाला के अ इस न आवाज के नगीच नञ अ य लऽ, जेकरा सुनेवाला लोग बिनती कयलन कि अब हमनी से आउर नञ बतियावल जाय।
[20] काहेकि ओ ऊ आग्यां के सह नञ स कलन: “जे कोइ ज नावरो पहाड़ के छुए त ओकरा पर ढेला फेकल जाय।”
[21] आउर ऊ दरसन अ इस न डेराय वाला हल कि मूसा कहलन, “हम ढेर डरऽ आउर थारथारा ही।”
[22] बाकि तोहनी सि य्योन के पहाड़ नगीच, आउर जि न्दे परमेसर के स हर, स रगीय यरूसलेम, के नगीच आउर लाखो स रगदूतवन
[23] आउर ओ पहिलउठवन के साधारन स भा आउर कलीसिया, जेकर नाँव सरग में लिखल हइ, आउर सभ के नेयायी परमेसर भीरी, आउर सि द्ध कयल धरमिय न के आतमावन,
[24] आउर नय का वाचा के बिचमान यीसु आउर छींटय वाला ऊ खून भीरी आयल हु, जे हाबिल के खून से उति्तम बात कहऽ हे।
[25] सचेत रहु, आउर ऊ कहेवालन से मुँह नञ फेरहु, काहेकि ओखनी जब धरती पर के चेतउनी देवेवालन से मुँह मोड़के नञ बच स कलन, त हम स रग पर से चेतउनी देवेवालन से मुँह मोड़के कइसे बच स कबइ?
[26] तखनी त उनकर आवाज धरती के डोला देलकय, बाकि अब ऊ ई परतिग्यां कय लथी हे, एक बेर फिन हम खाली धरती के नञ बाकि आस मानो के हिला देवइ।”
[27] आउर ई बात ‘ए क बेर फिन’ ई बात के परगट करऽ हे कि जे चीज डोलावल जा हइ, ओ सि रज ल चीज होवे के ओज ह से हट जयतइ; जेसे जे चीज डोलावल नञ जा हइ, ओ अ डिग बनल रहय।
[28] ई मारे हमनी ई राज के पाके जे डोले वाला नञ आभारी होय अ ई, आउर भक्ति, आउर भय जोरे परमेसर के अइसन अराधना करिअई जेकरा से ऊ खुस होवऽ हथ;
[29] काहेकि हमनी के परमेसर भस म करेवाला आग हथ।