[1] अब बिसवास आस रा कयल चीज के विचार आउर बिनदेखल चीज के प रमान हे।
[2] काहेकि एकरे बारे में पुरनिया लोग के नीमन गवाही देल गेलइ।
[3] बिस वासे से हमनी जान जा ही कि स ऊँसे सि रिष्टी के रचना परमेसर के बचन से उनक होलइ हे। बाकि ई नञ कि जे कुछ देथे में आवऽ हे, ऊ देखल चीज से बनल हो।
[4] बिस वासे से हाबिल कैन से बलि उति्तम परमेसर ला चढ़य लन, आउर ओकरे ज रिए ओकर धरमी होवे के गवाहियो देल गेलइऽ, काहेकि परमेसर ओकर भेंट के बारे में गवाही देलथी; आउर ओकरे ज रिए ऊ मरइयो पर अबले बतिआव हे।
[5] बिस वासे से हनोक उठा लेल गेलइ कि मउत के नञ देखय, आउर ओकर पता नञ मिलल काहेकि परमेसर ओकरा उठा लेलथी हल, आउर उनका उठावे के पहिले उनकर ई गवाही देल गेलइ हल कि ऊ परमेसर के खुस कय लक हे।
[6] अउर बिस वास बिना उनखा खुस करनाय अनहोनी हे काहेकि परमेसर भीरी आवे वाला के बिसवास करे के चाही कि ऊ हथ, आउर अपना खोजे वाला के फर दे हथ।
[7] बिस वासे से नूह ऊ बात के बारे में जे तखनी देखाइ नञ दे हल, चेतउनी पाके भक्ति से अप्पण घराना के बचावे ला ज हाज बनय लन, आउर ओकरा दिया ऊ दुनिया के दोषी बतय लन; आउर ऊ धरम के बारिस होलन जे बिसवास से होवऽ हे।
[8] बिस वासे से इबराहिम जब बोलवल गेलन त आग्यां मानके अइसन ज गह निकस गेलन जेकरा तरका में लेवेवाला हलन; आउर ई नञ जानऽ हलन कि हम केन्ने जा ही, तइयो निकस गेलन।
[9] बिसवास से ऊ परतिग्यां कयल देस में, पराया देस में परदेसी निय न, रहके इसहाक आउर याकूब स मेत, जे उनका जोरे ऊहे परतिग्यां के बारिस हलन, तम्बू में बास कयलन।
[10] काहेकि ऊ ओ असि्थार नेव वाला सहर के राह देखऽ हलन, जेकरा रचेवाला आउर बनावे वाला परमेसर हथ।
[11] बिसवास से सारा अपने बूढ़ियो होने पर गरभ धारन करे के स मारथा पय लन, काहेकि ऊ परतिग्यां करे वाला के बिसवास स च्चा जानलन हल।
[12] ईहे ओज ह से एक्के आमदी से, जे मरल अइसन हल, आस मान के तारेगन आउर समुन्दर के सोती के बालू निय न अनगिनत बंस पइदा होलइ।
[13] ई सभ लोग बिस वासे के दसा में मरलन; आउर ओहनी परतिग्यां कय ल चीज नञ पय लन, बाकि ओकरा दूर से देखके खुस होलन आउर मान लेलन कि हमनी धरती पर परदेसी आउर बाहरी हिअइ।
[14] जे अइसन बात कह हथ, ओ देखावऽ हथ कि अप्पण देस के खोज में हथ।
[15] आउर जे देस से ओखनी निकस आयल हलन, जे ओकर सुध् करतथी त ओखनी के बहुरे के मउका हल।
[16] बाकि ओखनी एगो उति्तम माने स रगीय देस के चाह में हथ; एहिसे परमेसर उनकर परमेस र कहावे में उनका से नञ लजावऽ, काहेकि परमेसर ओखनी लेल एगो सहर तइयार कय लथी हे।
[17] बिस वासे से इबराहिम, परखल जाय के बखत, इस हाके के बलि चढ़य लन; आउर जे परतिग्यां के सच मानलन हल।
[18] अउर जेकरा से ई कहल गेल हल, “इस हाक से तोहर बंस कहय तो,” ऊहे अप्पण ए कलउता के चढ़ावे लगलन।
[19] काहेकि ऊ मान लेलन कि परमेसर स मारथा वाला हथ कि ओकरा मरल में से जि यावे ईसे उनकनी में से परझो के ढंग पर ऊ उनकरा फिन मिललन।
[20] बिस वासे से इस हाक याकूब आउर ए साव के आवेवाला बात के बारे में असीरबाद देलन।
[21] बिस वासे से याकूब मरे बखत युसुप फ के दुन्नो बेटवन में से ए क-ए क गो के आसीष देलन, आउर अप्पण डंटा के मुठिया के आस रे दण्डबत कयलन।
[22] बिस वासे से युसुप फ, जब ऊ मरे पर हल, त इसरायल के लइकन निकस जाय के चरचा कयलन, आउर अप्पण हाड़ के बारे में आग्यां देलन।
[23] बिस वासे से मूसा के माय बाप उनका ज लमे के बाद तीन महीना ले लुकावले छिप वले रहलन, काहेकि ऊ देखलन कि बुतरू सुन्नर हे, आउर ओ राजा के आग्यां से नञ डेरय लन।
[24] बिस वासे से मूसा सि यान होके फिरौन के बेटी के बेटा कहावे से नकार देलन। काहेकि उनका पाप में थोरे दिन के सुख भोगे से परमेसर के लोग ज उरे दुख भोगनाय बेसी उति्तम लगलय।
[26] ऊ मसीह के ओज ह से कलंक स हनाय मिस्र के खजाना से बड़ दउलत स मझलन, काहेकि उनकर आँख फर पावे ला लगल हल।
[27] बिस वासे से राजा के किरोध् से नञ डेराके ऊ मिस्र छोड़ देलन, काहेकि ऊ अनदेखल के मानो देखइत अडिग रहलन।
[28] बिस वासे से ऊ फसह आउर खून छींटे के बिध मानलन कि पहिलउठ के नास करेवाला इस राय लिय न के नञ छुए।
[29] बिस वासे से ओ लाल समुन्दर के पार अइसे उतर गेलन, जइसे सूखल ज मीन पर से आउर अब मिस्र के लोग ओइस ने करे चाहलन त सब डूब के मर गेलन।
[30] बिस वासे से जब ओ सात दिन ले चक्कर लगा चुकलन त यरीहो के दीवार गिर गेलइ।
[31] बिस वासे से राहाब बेस्या आग्यां नञ माने वाला के ज उरे, नष्ट नञ होली एहिसे कि ऊ भेदिय न के नीमन से रखलकी हल।
[32] अब आउर का कहियो? काहेकि बखत नञ रहल कि गिदोन के, बाराक आउर सि मसोन के, यि फतह के, आउर दाऊद आउर स मुय ल के, आउर भबिसवक्तवन के बखान करिअई।
[33] इनखनी बिस वासे के ज रिए राज जीतलन; ध् रम के काम कयलन; परतिग्यां कयल चीज पय लन, सिंधों के मुँह बन्द कयलन;
[34] आग के लप ट के ठंढा कयलन; तरवार के धार से बच निकस लन; अब्बर में बरियार होलन; लड़ाइ में बहादुर निकस लन; बिदेसी फौज मन के मार भगय लन।
[35] अउरतिय न अप्पण मरल के फिन जि न्दा पय लन; केतना त मार खाइत-खाइत मर गेल आउर मुक्ति नञ चाहलन, एहिसे कि उति्तम फिन से जी उठनाय के भागी होइअई।
[36] कइगो मजाक में उड़ावल जाय; आउर कोड़ा खाय बाकि बान्ध् ल जाय, आउर कइद में पड़े के ज रिये परखल गेलन।
[37] ढेला फेकल गेलइ; आरी से चीराय ल; उनकर जाँच कयल गेलइ; तरवार से मारल गेलन, ओ कंगाली में, आउर कष्ट में, आउर दुख भोगइत भेड़मन आउर बकरिय न के खाल ओढ़ले, ऐने-ओने मारल-मारल फिरलन;
[38] आउर जंगल, पहाड़, खोह में, आउर धरती के दरार में भटकइत रहलन। दुनिया उनकर जोग नञ हल।
[39] बिस वासे के मारे ई सब के बारे में नीमन गवाही देल गेलइ, तइयो उनका प रतिग्यां कयल चीज नञ मिललइ।
[40] काहेकि परमेसर हमनी लेल पहिले से एगो उति्तम बात तय कय लथी, कि ऊ बिना हमनी के सि द्ध नञ होवे।