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[1] ई ओज ह से चाही कि हम ऊ बात पर अउरो मन लगय अई जे हम सुनली हे, आउरो मन लगय अइ, अइसन नञ हो कि बहक के ओकरा से दूर चल जएअई।

[2] काहेकि जे बचन स रगदूतवन के ज रिए कहल गेलइ हल। जब ऊ नञ बदललइ आउर हरेक अप राध् आउर आग्यां नञ माने के ठीक-ठीक सजा मिललइ,

[3] त हमनी अइसन बड़ उद्धार से निस चिन्त रहके कइसे बच स कऽ ही? जेकर चरचा पहिले पहल प रभु दिया होलइ, आउर सुनेवाला के ज रिये हमरा बिसवास होलइ।

[4] आउर संगे परमेस रो अप्पण मरजी के मोताबिक चिन्ह, अदबुद काम, तरह-तरह के स मारथा के काम, आउर पवित्तर आतमा के बरदान के बाँटे के ज रिए एकर गवाही देइत रहलथी।

[5] परमेसर ऊ आवे वाला दुनिया के जेकर चरचा हम करनी के करइत ही, स रगदूतवन के अखि तयार में नञ कय लथी।

[6] बलुक कोइ कहीं ई गवाही देलक हे, “आमदी का हे कि तूँ ओकर सुधि् लेवऽ हु? चाहे आमदी के बेटा का हे कि तूँ ओकर फिकिर करऽ हु?

[7] तूँ ओकरा स रगदूतवन से कुच्छे कम कय लऽ; तूँ ओकरा पर महिमा आउर आदर के मुकुट रखलऽ, आउर ओकरा अप्पण हाँथा के काम पर अखि तयार देलहु।

[8] तूँ सभ कुछ ओकर पइर के तरे कर देलऽ। एहिसे ज बकि ऊ स भकुछ ओकर अखि तयार में कर देलथी, त ऊ कुच्छो नञ छोड़लथी जे ओकर अखि तयार में नञ हो। बाकि हम अबले सभ कुछ ओकर अखि तयार में नञ देखऽ ही।

[9] बाकि हम यीसु के जे स रगदूतवन से कुच्छे कम कय ल गेलइ हल, मउत के दुख उठावे के ओज ह से महिमा आउर आदर के मउर पहिरले देखऽ ही, जेसे परमेसर के किरपा से ऊ हरेक आमदी लेल मउत के सुआद चखे।

[10] काहेकि जेकरा लेल सभ कुछ हे आउर जेकरा दिया स भकुछ हे, ओकरा ईहे नीमन लगल कि जब ऊ ढेरमनी बेटवन के महिमा में पहुँचावे, त उनकर उद्धार करेवाला के दुख उठावे के मारे सि द्ध करे।

[11] काहेकि पवित्तर करेवाला आउर जे प वित्तर कयल जा हथ, सब एक्‍के ज ड़ से हथ; ईहे ओज ह से ऊ उनका भाइ कहे से नञ लजावऽ हथ।

[12] ऊ कहऽ हथ, “हम तोहर नाँव अप्पण भाइवन के सुनाय म; स भा के बीच में हम तोहर भज न गाय म।”

[13] आउर फिन ई, “हम ओकरा पर भरोसा रखबइ।” आउर फिन ई, “देखऽ हम ऊ लइकन स मेत जेकरा परमेसर हमरा देलथी।”

[14] एहिसे ज बकि लइकन मांस आउर खून के भागी हथ, त ऊ अप नहुं उनके ज कत उनकर स हभागी हो गेलन, जेसे मउत के ज रिए ओकरा जेकरा मउत पर तागद मिलऽ हल, माने सैतान के बेकार कर दे

[15] आउर जेतना मउत के डर के मारे जि नगी भर गुलामी में फँस ल हलन, उनकरा छोड़ा लेवे।

[16] काहेकि ऊ त स रगदूतवन के नञ बलुक इबराहिम के बंस के स म्भारऽ हे।

[17] ई मारे ओकरा चाही हल, कि स भ बात में अप्पण भाइवन ज कत बने जेकरा से ऊ ओ बात में जे परमेसर से लगाव रखऽ हे, एगो दयालु आउर बिसवास जोग महायाज क बने जेसे लोग के पाप ला प रारथाना करे।

[18] काहेकि जब ऊ परीच्छा के हालत में दुख उठय लन, त ऊ उनकरो स हाय ता कर स कऽ हे जि नकर परीच्छा होवऽ हे।

इबरानियन — Chapters