Skip to content
Opens in a new window
Listen to this chapter • 0:35

[1] हे यहोवा के सब सेवकों, सुनो, तुम जो रात-रात को यहोवा के भवन में खड़े रहते हो , यहोवा को धन्य कहो। (प्रका. 19:5)

[2] अपने हाथ पवित्रस्थान में उठाकर, यहोवा को धन्य कहो।

[3] यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, वह सिय्योन से तुझे आशीष देवे।

भजन संहिता — Chapters