[1] इस प्रकार पूरे इस्राएल का नाम वंशावली में पूरा-पूरा लिख लिया गया. यह इस्राएल के राजा नामक पुस्तक में लिखा गया था. अपने विश्वासघात के कारण यहूदिया को बंधुआई में बाबेल ले जाया गया. li4
[2] वे, जो बंधुआई से लौटे, उनमें सबसे पहले वे थे, जो अपने-अपने नगरों में अपनी ही संपत्ति में आकर बसे थे, उनमें कुछ इस्राएली थे, कुछ पुरोहित थे, कुछ लेवी थे और कुछ मंदिर में सेवा के लिए ठहराए गए सेवक थे. li4
[3] कुछ यहूदिया के रहनेवाले बंधुए, कुछ बिन्यामिन के वंशज और कुछ एफ्राईम और मनश्शेह के वंशज आकर येरूशलेम में बस गए.
[4] उथाई, जो अम्मिहुद का पुत्र था, जो ओमरी का, जो इमरी का, जो बानी का, जो पेरेज़ के पुत्रों में से था, जो यहूदाह का पुत्र था.
[5] शीलोनी वंश के लोगों में से: पहलौंठा असाइयाह और उसके पुत्र.
[6] ज़ेराह के पुत्रों में से: येउएल. li4 उसके 690 संबंधी. li4
[7] बिन्यामिन वंश से: सल्लू, जो मेशुल्लाम का पुत्र था, जो होदावियाह का पुत्र था, जो हस्सनुआह का पुत्र था;
[8] इबनियाह येरोहाम का पुत्र था; एलाह जो उज्जी का पुत्र था, जो मिकरी का पुत्र था. और मेशुल्लाम शेपाथियाह का, जो रियुएल का, इबनियाह जेरोहाम का पुत्र था. li4
[9] पीढ़ियों की वंशावली के अनुसार ये बिन्यामिन वंश कुल 956 थे. पितरों के कुलों की वंशावली के अनुसार ये सभी अपने-अपने कुल के प्रधान थे. li4
[10] पुरोहितों में से: येदाइयाह; यहोइयारिब; याकिन;
[11] और अज़रियाह जो हिलकियाह का पुत्र था, जो मेशुल्लाम का, जो सादोक का, मेराइओथ का और जो अहितूब का, जो परमेश्वर के भवन का मुख्य अधिकारी था;
[12] और अदाइयाह, जो येरोहाम का, जो पशहूर का, जो मालखियाह का; जो मआसाई का, जो आदिएल का, जो याहत्सेरहा का, जो मेशुल्लाम का, जो मेशिलेमिथ का, जो इम्मर का पुत्र था. li4
[13] उनके रिश्तेदारों के अलावा, उनके पितरों के कुलों के प्रमुख ये 1,760 बलवान व्यक्ति परमेश्वर के भवन में सेवा के लिए तैयार व्यक्ति थे. li4
[14] लेवियों में से: शेमायाह, जो हस्षूब का पुत्र था, जो अज़रीकाम का, जो हशाबियाह का, जो मेरारी का पुत्र था;
[15] बकबक्कर, हेरेश, गलाल और मत्तानियाह, जो मीका का पुत्र था, जो ज़ीकरी का, जो आसफ का पुत्र था;
[16] और ओबदिया, जो शेमायाह का, जो गलाल का, जो यदूथून का; और बेरेखियाह, जो आसा का, जो एलकाना का, जो नेतोफ़ाथियों के गांवों में निवास करता रहा था. li4
[17] द्वारपाल थे: शल्लूम, अक्कूब, तालमोन, अहिमान और उनके संबंधी, जिनमें शल्लूम सबका प्रधान था.
[18] वे सभी अब तक राजा के पूर्वी द्वार पर चुने जाने के कारण लेवियों के शिविरों के द्वारपाल रहे.
[19] शल्लूम, जो कोरे का पुत्र था, जो एबीआसफ़ का, जो कोराह का और उसके पिता के परिवार के संबंधी, कोराह के वंशज सेवा करने के अधिकारी थे. वे शिविर की ड्योढ़ी के लिए के लिए चुने गए थे; ठीक जिस प्रकार उनके पूर्वज याहवेह के शिविर के अधिकारी थे, यानी फाटक के.
[20] इसके पहले एलिएज़र का पुत्र फिनिहास इन सबके ऊपर प्रधान अधिकारी रहा. याहवेह उसके साथ रहता था.
[21] मिलापवाले तंबू के द्वार पर मेषेलेमियाह के पुत्र ज़करयाह को द्वारपाल रखा गया था. li4
[22] ड्योढ़ी के लिए चुने गए ये द्वारपाल गिनती में 212 थे. उनकी गिनती उनके गांवों की वंशावली में की गई है. दावीद और दर्शी शमुएल ने इनको विश्वासयोग्य देखकर इन्हें इस पद पर ठहराया था.
[23] ये सब और इनके पुत्र याहवेह के भवन के द्वारों के अधिकारी थे अर्थात तंबू के पहरेदार.
[24] ये द्वारपाल पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण, चारों दिशाओं में ठहराए गए थे.
[25] हर सप्ताह उनके गांवों से उनके भाई-बंधुओं का वहां आकर उनके साथ रहना तय था.
[26] क्योंकि चार प्रमुख द्वारपालों को, जो लेवी थे, परमेश्वर के भवन के कमरों और खजाने की जवाब-दारी सौंपी गई थी.
[27] रात में वे परमेश्वर के भवन के आस-पास ही रहते थे, क्योंकि इसकी रक्षा करना और इसे हर सुबह खोलना उन्हीं की जवाब-दारी थी.
[28] इनमें से कुछ बलि चढ़ाने वाले बर्तनों के अधिकारी थे, क्योंकि जब ये बाहर ले जाए जाते और लौटाए जाते थे, उनकी गिनती करना ज़रूरी होता था.
[29] इनमें से अन्यों को मेजों, सभी पवित्र बर्तनों, साथ ही मैदा, अंगूर के रस, तेल, गन्धरस और मसालों के प्रबंध के लिए चुना गया था.
[30] पुरोहितों के दूसरे पुत्रों की जवाब-दारी थी इस्तेमाल के लिए मसालों को तैयार करना,
[31] एक लेवी, कोराहवंशी शल्लूम के पहलौंठे मत्तीथियाह की जवाब-दारी थी पतली-पतली रोटियां बनाना.
[32] इसके अलावा कोहाथ के संबंधियों में से कुछ व्यक्ति हर शब्बाथ भेंट की रोटी तैयार करने के अधिकारी थे.
[33] लेवी के पितरों के कुलों के प्रधान, जो गायक थे, मंदिर के कमरों में ठहराए गए थे. उन्हें अन्य कोई काम सौंपा नहीं गया था, क्योंकि उनका काम ही ऐसा था, जिसमें वे रात-दिन व्यस्त रहते थे.
[34] ये सभी अपनी-अपनी पीढ़ियों के अनुसार लेवी के पितरों के कुलों के प्रधान थे, जिनका घर येरूशलेम में ही था.
[35] गिबयोन नगर में येइएल के पिता गिबयोन का घर था, उसकी पत्नी का नाम माकाह था.
[36] उसका पहलौंठा पुत्र था अबदोन, इसके बाद पैदा हुए ज़ुर, कीश, बाल, नेर, नादाब,
[37] गेदोर, आहियो, ज़करयाह और मिकलोथ.
[38] मिकलोथ पिता था शीमियम का. ये सभी अपने संबंधियों के सामने येरूशलेम में रहते थे.
[39] नेर कीश का पिता था, कीश शाऊल का, शाऊल योनातन, मालखी-शुआ, अबिनादाब और एशबाल का.
[40] योनातन का पुत्र था: मेरिब-बाल और मेरिब-बाल पिता था मीकाह का,
[41] मीकाह के पुत्र: पिथोन, मेलेख, ताहरिया और आहाज़.
[42] आहाज़ पिता था याराह का, याराह अलेमेथ, अज़मावेथ और ज़िमरी का, ज़िमरी, मोत्सा का.
[43] मोत्सा, बिनिया का. रेफ़ाइयाह उसका पुत्र था, उसका पुत्र एलासाह था और उसका पुत्र आज़ेल.
[44] आज़ेल के छः पुत्र थे, उनके नाम है: अज़रीकाम, बोखेरु, इशमाएल, शिआरियाह, ओबदिया और हनान, ये सभी अत्सेल के पुत्र थे.