[1] दावीद ने दावीद नगर में अपने लिए भवन बना लिए. उन्होंने परमेश्वर के संदूक के लिए भी एक जगह तैयार की और उसके लिए शिविर खड़ा किया.
[2] तब दावीद ने आदेश दिया कि, “परमेश्वर के संदूक को लेवियों के अलावा और कोई न उठाए, क्योंकि याहवेह ने हमेशा के लिए याहवेह के संदूक को उठाने के लिए और अपनी सेवा के लिए उन्होंने ही चुना है.”
[3] दावीद ने सारे इस्राएल को येरूशलेम में इकट्ठा किया कि याहवेह के संदूक को येरूशलेम में उनके द्वारा उसके लिए तैयार किए गए स्थान पर लाया जाए. li4
[4] दावीद ने अहरोन के इन पुत्रों और लेवियों:
[5] को इकट्ठा किया कोहाथ के पुत्रों में से उरीएल, जो प्रधान था और उसके 120 रिश्तेदार;
[6] मेरारी के पुत्रों में से असाइयाह, जो कि प्रधान था और उसके 220 संबंधी;
[7] गेरशोम के पुत्रों में से योएल, जो प्रधान था और उसके 130 संबंधी;
[8] एलिज़ाफ़ान के पुत्रों में से, शेमायाह, जो प्रधान था और उसके 200 संबंधी;
[9] हेब्रोन के पुत्रों में से, एलिएल, जो प्रधान था और उसके 80 संबंधी;
[10] उज्ज़ियल के पुत्रों में से, अम्मीनादाब, जो प्रधान था और उसके 112 भाइयों को.
[11] तब दावीद ने सादोक और अबियाथर नामक पुरोहितों को और उरीएल असाइयाह, योएल, शेमायाह, एलिएल और अम्मीनादाब नामक लेवियों को बुलवाकर.
[12] उन्होंने उन्हें संबोधित करते हुए कहा, “आप सभी लेवी पितरों के कुलों के प्रधान हैं; आप लोग अपने आपको शुद्ध कीजिए-अपने आपको और अपने रिश्तेदारों, दोनों को, कि आप लोग याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर के संदूक को उस जगह पर ले आएं, जो मैंने उसके लिए तैयार किया है.
[13] पहली बार में आप लोगों ने इसको नहीं निभाया था, इसलिये याहवेह, हमारे परमेश्वर का क्रोध हम पर भड़क गया था. हमने व्यवस्था के अनुसार इसके उठाने के लिए उनकी इच्छा ही मालूम नहीं की थी.”
[14] तब पुरोहितों और लेवियों ने अपने आपको शुद्ध किया कि वे याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर के संदूक को ले आएं.
[15] इसलिये लेवी वंशजों ने परमेश्वर के संदूक को उसमें लगी बल्लियों के द्वारा उठाया, जैसा मोशेह द्वारा आदेश दिया गया था, जैसा याहवेह ने मोशेह को बताया था.
[16] दावीद ने लेवियों के प्रधानों को यह आदेश दे रखा था कि वे अपने गायक संबंधियों को चुनें कि वे बाजों के साथ और ऊंची आवाज की झांझ के साथ आनंद में गायें.
[17] इसलिये लेवियों ने इसके लिए इन लोगों चुना: योएल के पुत्र हेमन और उसके संबंधियों को, बेरेखियाह के पुत्र आसफ और मेरारी के पुत्रों में से उनके संबंधियों को, कुशायाह के पुत्र एथन को;
[18] उनके साथ उनके संबंधियों को, जो दूसरे पद में थे, त्सेखरियाह, बेन, जआत्सिएल, शेमिरामोथ येहिएल, उन्नी, एलियाब, बेनाइयाह, मआसेइयाह, मत्तीथियाह, एलिफेलेहू, मिकनेइया ओबेद-एदोम और येइएल को, जो द्वारपाल थे.
[19] गायक हेमन, आसफ और एथन की जवाब-दारी थी कांसे की झांझ को बजाना.
[20] ज़करयाह, आज़ेल, शेमिरामोथ, येहिएल, उन्नी, एलियाब मआसेइयाह और बेनाइयाह की जवाब-दारी थी तन्तु वादन पर अलामोथ के अनुसार बजाना.
[21] किंतु मत्तीथियाह, एलिफेलेहू, मिकनेइया, ओबेद-एदोम, येइएल और अज़रियाह की जवाब-दारी थी शेमिनिथ शैली में तन्तु वादन के अनुसार बजाना
[22] लेवियों का प्रधान केनानियाह सभी गानों का अधिकारी था. वह संगीत में कुशल था, इसलिये वह निर्देश दिया करता था.
[23] बेरेखियाह और एलकाना संदूक के लिए ठहराए गए द्वारपाल थे.
[24] शेबानियाहु, योशाफत, नेथानेल, आमासाई, ज़करयाह, बेनाइयाह और एलिएज़र, ये सभी पुरोहित थे. इनकी जवाब-दारी थी परमेश्वर के संदूक के सामने तुरहियां बजाना. ओबेद-एदोम और येहियाह भी संदूक के लिए ठहराए गए द्वारपाल थे.
[25] इसलिये बहुत ही आनंद में भरकर दावीद, इस्राएल के पुरनिए और सहस्र पति ओबेद-एदोम के घर से याहवेह के संदूक को लाने के लिए गए.
[26] उन्होंने सात बछड़ों और सात मेढ़ों की बलि चढ़ाई क्योंकि संदूक उठानेवाले लेवियों को याहवेह द्वारा दी जा रही सहायता साफ़ ही थी.
[27] इस मौके पर दावीद ने उत्तम-उत्तम मलमल का बागा पहना हुआ था, जैसा कि संदूक उठानेवाले लेवियों ने और गायकों और गाने वालों को निर्देश देनेवाले केनानियाह ने भी. इसके अलावा दावीद मलमल का एफ़ोद भी पहने हुए थे.
[28] तब याहवेह की वाचा के संदूक को पूरे इस्राएल ने जय जयकार करते हुए, नरसिंगे, तुरही, झांझों और तन्तु वादनों के ऊंचे संगीत के आवाज के साथ लाया गया.
[29] जैसे ही याहवेह की वाचा का संदूक दावीद नगर में आया, खिड़की से शाऊल की पुत्री मीखल ने खुशी में नृत्य करते राजा दावीद को देखा और मन ही मन वह दावीद को तुच्छ मानने लगी.