[1] कुछ समय बाद दावीद ने फिलिस्तीनियों को युद्ध में हराया और फिलिस्तीनियों के कब्जे के गाथ और उसके नगर उनके अधिकार से छीन लिए.
[2] दावीद ने मोआब देश को भी हराया और मोआब के लोग दावीद के सेवक हो गए. वे दावीद को कर देने लगे.
[3] दावीद ने ज़ोबाह के राजा हादेदेज़र को भी हामाथ तक जाकर हराया क्योंकि हादेदेज़र फरात नदी के तट पर एक स्मारक बनाने की योजना बना रहा था.
[4] दावीद ने हादेदेज़र से 1,000 रथ, 7,000 घुड़सवार और 20,000 पैदल सैनिक छीन लिए और रथों के घोड़ों के पैंरो की प्रमुख नस काट दी, किंतु सौ रथों में इस्तेमाल के लिए पर्याप्त घोड़ों को छोड़ दिया.
[5] जब ज़ोबाह के राजा हादेदेज़र की सहायता के लिए दमिश्क से अश्शूरी वहां आए, दावीद ने 22,000 अश्शूरियों को मार दिया.
[6] दावीद ने दमेशेक के अश्शूरी सैनिकों के बीच एक रक्षक सेना ठहरा दी. अश्शूरी दावीद के सेवक बन गए और उन्हें कर देने लगे, दावीद जहां कहीं गए, उन्हें याहवेह की सहायता मिलती रही.
[7] हादेदेज़र के सेवकों द्वारा ले जाई गई सोने की ढालों को दावीद ने लाकर येरूशलेम में रख दिया.
[8] इसके अलावा दावीद हादेदेज़र के नगर तिभाह और कून से भारी मात्रा में कांसा ले आए, जिनसे शलोमोन ने पानी रखने के बर्तन, खंभे और दूसरे बर्तन बनाए थे.
[9] जब हामाथ के राजा तोऊ ने यह सुना कि दावीद ने ज़ोबाह के राजा हादेदेज़र की संपूर्ण सेना को हरा दिया है,
[10] उसने अपने पुत्र हादरोम को राजा दावीद से भेंट करने के लिए भेजा, कि वह राजा को बधाई दे सके; क्योंकि दावीद ने हादेदेज़र से युद्ध कर उसे हरा दिया था. हादेदेज़र तोऊ से युद्ध करता रहा था. राजा तोऊ ने अपने पुत्र के साथ सोने, चांदी और कांसे की तरह-तरह की वस्तुएं भेजी थी.
[11] दावीद ने इन सभी वस्तुओं को उन वस्तुओं के साथ याहवेह को समर्पित कर दी, जो वह उन सभी पराजित देशों यानी एदोम, मोआब, अम्मोन के वंशजों, फिलिस्तीनियों और अमालेक से लेकर आए थे.
[12] इसके अलावा ज़ेरुइयाह के पुत्र अबिशाई ने नमक की घाटी में 18,000 सैनिकों की एदोमी सेना को हराया.
[13] इसके बाद उसने एदोम देश में अपनी रक्षक सेना ठहरा दी और सभी एदोमवासी दावीद के सेवक बन गए. दावीद जहां कहीं जाते, याहवेह उनकी सहायता करते थे.
[14] दावीद सारे इस्राएल के शासक थे, उन्होंने अपनी सारी प्रजा के लिए न्याय और सच्चाई की व्यवस्था की थी.
[15] ज़ेरुइयाह के पुत्र योआब सेना पर अधीक्षक था और अहिलूद के पुत्र यहोशाफ़ात था लेखापाल;
[16] अहितूब का पुत्र सादोक और अबियाथर का पुत्र अहीमेलेख पुरोहित थे, शावसा उनका सचिव था;
[17] यहोयादा का पुत्र बेनाइयाह केरेथि और पेलेथी नगरवासियों पर मुख्य अधिकारी बनाया गया था; दावीद के पुत्र दावीद के साथ उच्च अधिकारी थे.