[1] यीसु फिन उनका से परभ्फो में कहे लगलथी,
[2] “सरग के राज उ राजा नियन हे, जे अप्पन बेटा के बियाह कयलन।
[3] आउर उ अप्पन दासवन के पेठवलन कि नेओतल लोग के बिआह के भोज में बोलावय; बाकि उन्खनी आवे नञ चाहलन। फिन उ अउर दासवन के ई कहके पेठावलन, ‘नेओतल लोगवन से कहिं: देखहु, हम भोज तइयार कर चुकली हे, हमर बइल आउर पोस ल ज नावर मारल गेल हइ, आउर स भ कुछ तैयार हे बियाह के भोज में आवहु।’
[5] बाकि ओ बात टार के चल देलन: कोइ अप्पन खेत पर, कोइ अप्पन बेपार में।
[6] अउर लोग जे बच रहल हल ओकर दास मन के पकड़ के ओकरा बेइज्ज त कय लक आउर मार देलकय।
[7] तब राजा के किरोध् आय ल, आउर उ अप्पन फौज पेठाके ओ हतियारवन के बरबाद कयलन, आउर ओखनी के सहर के ज रा देलन।
[8] तब उ अप्पन दासवन से कहलन, ‘बियाह के भोज त तइयार हे बाकि नेओतल लोग जोग नञ हथ।
[9] एहिसे चउराहवन पर जाहिं आउर जेतना लोग तोरा मिलो, स बके बियाह के भोज में बोला लेहिं।’
[10] ई से ओ दास वन स ड़क पर जाके का खराब का भला, जेतना मिललई, स भके जमा कय लक; आउर बियाह के घर अतिथिाय न से भर गेलइ।
[11] “जब राजा अतिथिाय न (मेहमान) के देथे भीतर अयलन, तो ऊ हुआँ एगो अमदी के देखलन, जे बियाह के कपड़ा नञ प हिरले हल।
[12] ऊ ओकरा से पूछलन, ‘हे दोस्त, तूँ बियाह के कपड़ा बिना हीयाँ काहे आ गेलऽ?’ ओकर मुँह बन्द हो गेलइ।
[13] तब राजा दासवन से कहलन, ‘एकर हाँथा-गोड़ बाँध् के ओकरा बाहर अन्धार में रख देहिं, हुआँ रोवे आउर दाँत पीस नाय होतइ।’
[14] काहेकि बोलावल तो ढेरेक हथ बाकि चुनल थोरके हथ।”
[15] तब फरीसियन जाके आप स में राय कयलन कि ओकरा कय सूँ बात में फँस य अई।
[16] ई से ओखनी अप्पन चेलमन हेरोदिय न के जोरे उनखा भीरी ई कहे भेज लन, “हे गुरू, हम जानइत ही कि तूँ स च्चा हे, आउर परमेसर के राह स च्चाइ से सि खावऽ हे, आउर केकरो परवाह नञ करऽ हू, काहेकि तूँ आमदी के मुँह देखके बात नञ करऽ हु।
[17] एहिसे हमरा बतावऽ तूँ का सोचइत हे? कैसर के चुंगी देनाय ठीक हे कि नञ।”
[18] यीसु उनकर बदमासी जान के कहलथी, “हे कपटियन हमरा काहे प रखइत हु?
[19] चुंगी के सि क्का हमरा देखावहु।” तब उ उन्खा भीरी एगो दीनार ले अय लन।
[20] ऊ उनखा से पूछलथी, “ई छाप आउर नाँव केकर हे?”
[21] ओखनी उनखा से कहलन, “कैसर के।” तब उनखा से कहलथी, ‘जे कैसर के हे, उ कैसर के, आउर जे परमेसर के हे, उ परमेसर के देहु।”
[22] ई सुनके ओखनी अचम्भा कयलन, आउर उनखा छोड़के चल गेलन।
[23] उहे दिन स दूकी जे कहऽ हथ कि मरल के फिन से जी उठनाय हइये नञ हे, ओकरा भीरी अयलन अउर उनखा से पूछलन,
[24] “हे गुरू, मुसा कहलन हल कि जे कोइ आमदी बेऔलाद मर जाय, त ओकर भाय ओकर मेहारू से बियाह करके अप्पन भाय लागी बंस पइदा करे।
[25] अब हमनी हीयाँ सात भाइ हलन, पहिला बियाहके मर गेलन, आउर सनतान न होवे के ओभ्फह से अप्पन मेहारू के अप्पन भाइ लगी छोड़ गेलन।
[26] ई तरे दोसर आउर तेस रका कयलन, आउर सातो ले इहे होलइ।
[27] स बके बाद उ मेहरारू ओ मर गेलइ।
[28] ई से जी उठे पर उ ओ सातो में से केकर मेहारू होतइ? काहेकि उ स भके मेहारू हो चुकल हली।”
[29] यीसु उनका ज बाब देलथी, “तूँ धरम सास तर आउर परमेसर के स मारथा नञ जानइत हऽ; एहिसे भूल में पड़ल हु।
[30] काहेकि जीउ उठे पर उ नञ बियाह करतई आउर नञ बियाह में देल जयतई बाकि सरग में परमेस र के दूतवन के नियन होतइ।
[31] बाकि मरल के जीउ उठे के बारे में का तूँ ई बचन नञ प ढ़लहीं जे परमेसर तोरा से कहलथी;
[32] ‘हम इब्राहिम के परमेस र, आउर इसहाक के परमेस र, आउर याकुब के परमेसर हिय इ’? ऊ मरल के नञ बाकि जि न्दा के परमेस र हे।”
[33] ई सुनके लोग उनकर उपदेस से भौचक होलन।
[34] जब फरीसियन सुनलन कि यीसु स दूकिय न के मुँह बन्द कर देलथी, त ओखनी इक्ट्ठा होलन।
[35] उनखा में से एगो बेबस्थाप क उनखा परखे लेल उनखा से पूछलन,
[36] “हे गुरू, बेबसथा में कउन आग्यां बड़ हे?”
[37] ऊ ओकरा से कहलथी, “तूँ परमेसर अप्पन परभु से अप्पन स उँसे मन आउर अप्पन स उँफसे परान आउर अप्पन स उँसे बुदि्ध के जोरे परेम रखहु।
[38] बड़का आउर मुख आग्यां तो इहे हे।
[39] आउर ओकरे जयस न ई दोस रको हे कि तूँ अप्पन पड़ोसी से अप्पने नियन परेम रखऽ।
[40] ई हे दूगो आग्यां स उँसे बेबस्था आउर भबिसवक्तवन के आधार हइ।”
[41] जब फरीसी इक्ट्ठा हलन, त यीसु उनका से पूछलथी,
[42] “मसीह के बारे में तूँ का सोचइत हऽ? ऊ केकर बेटा हे। ओखनी उनखा कहलन, “दाऊद के।”
[43] ऊ उनखा से पूछलन, “त दाऊद आतमा में होके ओकरा परभु काहे कहऽ हथ?”
[44] परभु, हमर परभु से कहलन, हमरा दहिने बइठऽ, जबले कि हम तोहर दुस मन के तोहर गोड़ के तरे नञ कर दियो।’
[45] भला, जब दाऊद उनखा परभु कहऽ हथ, त ऊ ओकर बेटा कइसे होलथी?”
[46] एकर ज बाब में कोइयो एगो बात नञ कह स कलइ। ओ दिन से केकरो फिन उनखा से कुछ पूछे के हिम्मत नञ होलइ।