[1] “ई बात हम तोरा से एहिसे कहलियो कि तूँ ठेस नञ खा।
[2] ओ तोरा अराध् नालय से निकास देतइ, बाकि ऊ बखत आवऽ हे, कि जे कोइ तोरा मार देतो उ बुभ्फतइ कि हम परमेसर के सेवा करऽ ही। अयसन ओ एहिसे करतइ कि ओखनी नञ पिता के जानलन हे आउर नञ हमरा जानऽ हथ।
[4] बाकि ई बात हम एहिसे तोरो से कहलियो, कि जब इनकर बखत आवे तो तोरा ईयाद आ जाय कि हम तोरा से प हिलही कह देलियो हल। “हम सुरू में तोहनी से ई बात एहिसे नञ कहलियो काहेकि हम तोहनी जोरे हलियो।
[5] बाकि अब हम अपना भेजेवाला के भीरी जा ही, आउर तोहनी में से कोइ हमरा से नञ पूछइत हऽ, ‘तूँ कहाँ जाइत हऽ?’
[6] बाकि हम जे ई बात तोहनी से कहलियो हे, एहिसे तोहनी के मन दुख से भर गेलइ हे।
[7] तइयो हम तोहनी से सच कहइत हियो कि हमर जानाय तोहनी लेल नीमन हे, काहेकि जे हम नञ जयबइ तो ऊ मदतगार तोहनी भीरी नञ अय तइ; बाकि जे हम जयबइ, तो ओकरा तोहनी भीरी भेज बइ।
[8] ऊ आके दुनिया के पाप आउर धरम मोताबिक आउर नेयाय के बारे में निरू त्तर करतइ।
[9] पाप के बारे में एहिसे कि ओ हमरा पर बिसवास नञ करऽ;
[10] आउर धरमिकता के बारे में एहिसे कि हम पिता के भीरी जा हियो, आउर तोहनी हमरा फिन नञ देखवहू
[11] नेयाय के बारे में एहिसे कि दुनिया के सास क दोषी ठहरावल गेल हे।
[12] “हमरा तोरा से आउरो ढ़ेरमनी बात कहे के हइ, बाकि अखनी तूँ ओकरा स ह नञ स कबऽ।
[13] बाकि जब ऊ माने सच के आतमा अय तइ, त तोहनी के स ब स च के राह बतय तइ, काहेकि ऊ अपना दन्न से नञ कहतई बाकि जे कुछ सुनतइ उहे कहतइ, आउर आवेवाला बात तोहनी के बतइतो।
[14] ऊ हमर गुनगान करतइ, कहोकि ऊ हमर बात में से लेके तोहनी के बतइतो।
[15] जे कुछ पिता के हे, ऊ स भ हमर हे एहिसे कहलियो कि ऊ हमर बात में से लेके तोहनी के बतइतो।
[16] “थोरे देर में तोहनी हमरा नञ देखवहु, आउर फिन थोरे देर में हमरा देखवहु।”
[17] तब उनखर कुछ चेलमन अपना में कहलन, “ई का हे जे ऊ हमनी से कहऽ हे, आप स में कहलन, ‘थोरे देर में तोहनी हमरा नञ देखवहु, आउर फिन थोरे देर में हमरा देखवहु?’ आउर ई ‘एहिसे कि हम पिता भीरी जा हियो?”
[18] तब ओखनी कहलन, “ई थोरे देर’ जे ऊ कहऽहे का बात हे? हमनी नञ जानऽ हियो कि ऊ का कहऽ हे।”
[19] यीसु ई जानके कि ओ हमरा से पूछे चाहऽ हथ, ऊ कहलथी, “का तोहनी आप स में हमर ई बात के बारे में पूछताछ करऽ हु, ‘थोरे देर में तोहनी हमरा नञ देखवहु, आउर फिन थोरे देर में हमरा देखवहु’?
[20] हम तोहनी से सच स च कहऽ हियो कि तोहनी रोवहु आउरर भोकार पाड़ के रोवहु, बाकि दुनिया आनन्द करतई, तोहनी के सोक होतइ, बाकि तोहनी के सोक आनन्द में बदल जएतइ।
[21] परसब के बखत अउरत के दुख होवऽ हे, काहेकि ओकर दुख के बखत आ पहुँचल हे, बाकि जब ऊ बच्चा के जलम दे चुकऽ हे, तो ई खुसी से कि दुनिया में एगो आमदी पइदा होलइ, ऊ दुख के इयाद नञ करऽ हे।
[22] ओय सही तोहनियो के अखनी त सोक हे, बाकि हम तोहनी से फिन मिलवो आउर तोहनी के मन आनन्द से भर जयतइ; आउर तोहनी के खुसी कोइ तोहनी से छीन नञ लेतइ।
[23] ओ दिन तोहनी हमरा से कुछ नञ पूछवहु। हम तोरा से स च्चो कहऽ हियो, जे पिता से कुछ माँगवहु, त ऊ हमर नाँव से तोहनी के देतो।
[24] अ बले तोहनी हमर नाँव से कुछ नञ माँगलऽ, माँगहु, त पय वहु जेसे तोहनी के आनन्द पूरा हो जाय।
[25] “हम ई बात तोहनी से परभ्फो में कहलियो हे, बाकि ऊ बखत आवइत हे कि हम तोहनी से फिन परझो में नञ कहबो, बाकि खोलके तोहनी के पिता के बारे में बतइबो।
[26] ऊ दिन तोहनी हमर नाँव से माँगवहु आउर हम तोहनी से ई नञ कहऽ हियो कि हम तोहनी लेल पिता से बिनती करवई
[27] काहेकि पिता त अप ने तोहनी से परेम रखऽ हथ, एहिसे कि तोहनी हमरा से परेम रखलऽ हे आउर ईहो कि बिस वास कय लऽ हे कि हम पिता दन्न से आयल ही।
[28] हम पिता दन्न से दुनिया में आयल हिअई हम फिन दुनिया छोड़ के पिता भीरी जा हिअई।”
[29] उनखर चेलमन कहलकय, “देखऽ, अब त तूँ खोलके कहऽ हे, आउर कोइ प रभ्फो नञ कहइत हे।
[30] अब हम जान गेलियो कि तूँ सभ कुछ जानऽ हे आउर एकर ज रू रत नञ कि कोइ तोरा से कुछ पूछय; एकरा से हम बिसवास करऽ हियो कि तूँ परमेसर दन्न से आयल हऽ।”
[31] ई सुनके यीसु ओखनी से कहलथी, “का तोहनी अब बिसवास करऽ हू?
[32] देखहु, ऊ बखत आवऽ हे बाकि आ पहुँचल हे कि तोहनी सब छितिर-बितिर होके अप्पन अप्पन राह लेवऽ, आउर हमरा अस गरे छोड़ देबहु तइयो हम अस गरे नञ काहेकि पिता हमरा जोरे हथ।
[33] हम ई बात तोहनी से एहिसे कहलियो कि तोहनी के हमरा में सानि्त मिले। दुनिया में तोहनी के दुख होवऽ हे, बाकि ढाढ़स बाँध् हु, हम दुनिया के जीत लेलियो हे।”