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[1] काहेकि हमनी जानऽ ही कि जब हमनी के धरती पर के डेरा नियर घर गिरावल जएतई, त हमनी के परमेसर दन्‍न से सरग पर एगो अयसन घर मिलतई जे हाँथा से बनल घर नञ, बाकि ढेर दिन ला हे।

[2] एकरा में हमनी कराहइत आउर बड़ लालसा रखऽ ही कि अप्पन स रगीय घर के पहिर लिअई

[3] कि एकरा पहिरे से हमनी लंगा नञ पाय ल जयअई।

[4] आउर हमनी ई डेरा में रहइत बोझा से दबल कराहइत रहऽ ही, काहेकि हमनी उतारनाय नञ बलुक आउर पहिरे चाहऽ ही, जे से ऊ जे मरनीहार हे जि नगी में डूब जाय।

[5] जे हमनी के ई बात ला तइयार कयलन हे ऊ परमेसर हथ, जे हमनी के बयाना में आतमो देलन हे।

[6] ईसे हमनी हरमेसा हिम्मत बान्धले रहऽ ही आउर ई जानऽ ही कि ज बले हमनी देह में रहऽ ही, तबले परभु से अलग ही-

[7] काहेकि हमनी रू पके देखके नञ, बाकि बिसवास से चलऽ ही-

[8] एहिसे हमनी हिम्मत बान्ध् ले रहऽ ही, आउर देह से अलग होके परभु के ज उरे रहनाय आउरो उति्तम स मझऽ ही।

[9] ई ओज ह से हमनी के मन के उल्लास ई हे कि चाहे ज उरे रहिअई चाहे अलग रहिअई, बाकि हमनी उनखा अच्छा लगीअई।

[10] काहेकि जरू री हे कि हम सभ के हाल मसीह के नेयाय आस न के सामने खुल जाय, कि हरेक आमदी अप्पन-अप्पन भला-बुरा काम के बदला जे ऊ देह के ज रिए कयले हो पावय।

[11] एहिसे परभु के डर मानके हम लोग के स मझाव ही; बाकि परमेसर पर हमनी के हाल परगट हे, आउर हमर बिसवास ई हे कि तोहनी के विवेको पर परगट होल होतइ।

[12] हम तइयो अप्पन बड़ाइ तोहनी के सामने नञ करऽ ही, बाकि हम अपना बारे में तोहनी के घमण्ड करे के मउका दे ही कि तूँ उनकनी के ज बाव दे स कहु, जे मन पर नञ बलुक देखावटी बात पर घमंड करऽ हथ।

[13] जे हम बेसुध ही त परमेसर ला, आउर जे सचेत ही त तोहनी ला ही।

[14] काहेकि मसीह के परेम हमनी के लाचार कर दे हइ; एहिसे कि हमनी ई स मझऽ ही कि जब एगो सभ ला मरलय त सब मर गेलइ।

[15] आउर ऊ ई निरमित सभ ला मरलथी कि जे जि न्दा हथ, ओ आगू अपना लेल नञ जीअई बाकि ओकरा लागी जे उनका लेल मरलथी आउर फिन जी उठलथी।

[16] ईसे अब से हम केकरो देह के मोताबिक नञ स मझवई। हलांकि हम मसीहो के देह के मोताबिक जानली हल, तइयो अब से उनखा अयसन नञ बुझबई।

[17] एहिसे जे कोइ मसीह में हइ त उ नया सि रज न हइ: पुरानका बात बीत गेलइ हे देखहु, स भ बात नया हो गेल हइ।

[18] ई सभ बात परमेसर दन्‍न से हइ, जे मसीह के ज रिए अप ना जोरे हमनी के मेल-जोल कर लेलन, आउर मेल-जोल के सेवा हमनी के सँउप देलथी हे।

[19] यानि परमेसर मसीह में होके अपना जोरे दुनिया के मेल-जोल कर लेलथी, आउर उनकर पाप के दोष उनका पर नञ लगय लथी, आउर ऊ मेल-जोल के बचन हमनी के सँऊप देलथिन हे।

[20] ऐहिसे, हमनी मसीह के राज दूत हिअई मानऽ कि परमेसर हमनी के ज रिए बिनती करइत हे। हम मसीह दन्‍न से बिनती करऽ ही कि परमेसर के जोरे मेल-जोल कर लऽ।

[21] जे पाप से अनजान हल, ओकरे ऊ हमनी ला पाप बतय लन कि हम ओकरा में होके परमेसर के धरम निभावे वाला बन जयअई।

2 कुरिनि्थयन — Chapters