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[1] हम अप्पन मन में इहे ठान लेली हल कि फिन तोहनी भीरू उदास करे नञ अय इयो।

[2] काहेकि जे हम तोरा उदास करियो त हमरा खुसी देवे वाला के होतइ, खाली उहे जेकरा हम उदास कय ली?

[3] आउर हम ईहे बात तोहनी के एहिसे लिखली कि कहीं अयसन नञ हो कि हमरा आवे पर, जिनका से खुसी मिले के चाही हम उनकरा से उदास होय अई काहेकि हमरा तोहनी सभ पर ई बात के भरोसा हे कि जे हमर खुसी हे, उहे तोहनियो के हइ।

[4] बड़ दुख आउर मन के कष्ट से हम ढेरेक लोर बहा-बहाके तोहनी के लिखली हल, एहिसे नञ कि तोहनी उदास होवऽ बाकि एहिसे कि तोहनी ऊ बड़ परेम के जान लेहु, जे हमरा तोहनी से हे।

[5] जे कोइ उदास कय लक हे, त हमरे नञ बलुक (कि ओकरा जोरे बेसी कड़ाइ नञ करिअई) कुछ-कुछ तोहनियो के उदास कय लक हे।

[6] अयसन आमदी ला ई सजा जे भाइवन में से ढेरेक देलन, ढेरेक हे।

[7] एहिसे एकरा से भल ई हे कि ओकर अप राध् माप फ करहु आउर सानि्त देहु, नञ हो कि अयसन आमदी ढेर उदासी में डूब जाय।

[8] ई मारे हम तोहनी से बिनती करऽ हियो कि ओकरा अप्पन परेम के प रमान देहु।

[9] काहेकि हम एहिसे लिखलियो हल कि तोहनी के परख लियो कि तोहनी हमर सभ बात के माने ला तइयार हु कि नञ।

[10] जेकरा तूँ कुछ माप फ करऽ हु ओकरा हम्हुं माप फ करऽ ही; काहेकि हम्हुं जे कुछ माप फ कय ली हे, जे कय ली हो, त तोरा मारे मसीह के जगह में होके माप फ कय ली हे।

[11] कि सैतान के हमरा पर चाल नञ चले, काहेकि हम ओकर उपाय से अनजान नञ।

[12] जब हम मसीह के सुभसमाचार सुनावे न्नोआस अय ली, आउर परभु हमरा ला एगो दुआर खोल देलथी,

[13] तो हमर मन में चैन नञ मिलल, एहिसे कि हम अप्पन भाइ तीतुस के नञ पय ली; एहिसे उनका से बिदा होके हम मकिदुनिया चल गेली।

[14] बाकि परमेसर के ध् नवाद हो जे मसीह में हरमेसा हमरा जीत के ज स न में लेले चलऽ हथ, आउर अप्पन गियान के सुगन्ध् हमनी के ज रिए सभ जगह पैफलावऽ हथ।

[15] काहेकि हम परमेसर के नगीच उद्धार पावेवाला आउर नास होवेवाला दुन्नो ला मसीह के सुगन्ध् ही।

[16] कुछ ला त मरे के निरमित मउत के गन्ध्, आउर केतना ला जि नगी के निरमित जि नगी के सुगन्ध। भला ई बात के जोग के हइ?

[17] काहेकि हम ओ ढेरेक ज कत नञ जे परमेसर के बचन में मिलावट करऽ हथ; बाकि मन के स च्चाइ से आउर परमेसर दन्‍न से परमेसर के हाजिर जान के मसीह में बोलऽ हिअई।

2 कुरिनि्थयन — Chapters