[1] जे तोहनी हमर थोरेस न मुरू खइ सह लेतऽ त केतना नीमन होइत; हाँ, हमर स हियो लऽ।
[2] काहेकि हम तोहनी के बारे में परमेसर के धुन लगय ले रहऽ ही, एहिसे कि हम एक्केगो आमदी से तोहनी के बात लगय ली हे कि तोहनी के पवित्तर कुमारी नियन मसीह के स उँप दिअई।
[3] बाकि हम डरऽ ही कि जइसे साँप अप्पन चलाकी से हव्वा के बहकय लक, ओय सही तोहनी के मन ऊ सीधाइ आउर पवित्तरइ से जे मसीह के जोरे होवे चाही, कहीं भरष्ट नञ कयल जाय।
[4] जे कोइ तोहनी भीरी आके कोइ दोसर यीसु के परचार करय, जेकर परचार हम नञ कय ली; चाहे कोइ आउर आतमा तोहनी के मिले, जे पहिले नञ मिलल हल; चाहे आउर कोइ सुभसमाचार सुनावे जेकरा तोहनी पहिले नञ मानलऽ हल, त तोहनी ओकरा सह ले हऽ।
[5] हम त स मझऽ ही कि हम कोइ बात में बड़ से बड़ परेतिवन से कम नञ हिअई।
[6] जे हम बोले में अनाड़ी ही, तइयो गियान में नञ। हम एकरा हर बात में सब तरह से तोहनी लागी परगट कय ली हे।
[7] का एकरा में हम कुछ पाप कय ली कि हम तोहनी के परमेसर के सुभसमाचार फौ में सुनाइली; आउर अपने ही अपने के नीचा कय ली कि तोहनी ऊँचा हो जा?
[8] हम आन कलीसियवन के लूटली, माने हम उनकरा से मजूरी लेली जेसे तोहनी के सेवा करिअई।
[9] आउर जब हम तोहनी जोरे हलिए आउर हमरा कमी होलए, त हम केकरो पर भार नञ देली, काहेकि मकिदुनिया से भाइवन आके हमर कमी के पूरा कयलन; आउर हम सब बात में अपने ही अपने के तोहनी पर भार बने से रोकली, आउर रोकले रहबइ।
[10] जे मसीह के स च्चाइ हमरा में हइ तो अखाया देस में कोइ हमरा ई घमण्ड से नञ रोकतई।
[11] काहे? का एहिसे कि हम तोहनी से परेम नञ रखऽ ही? परमेसर ई जानऽ हथ हे कि हम परेम रखऽ ही।
[12] बाकि जे हम करऽ ही, उहे करइत रहबइ कि जे लोग मउका खोजऽ हथ ओहनी के हम मउका नञ दिअई, जे से जे बात में ओ घमण्ड करऽ हथ, ओकरा में ओ हमरे ज कत होय।
[13] काहेकि अयसन लोग झूठा परिति, आउर धोखेबाज, आउर मसीह के परेरितवन के ध् च्चड़ धरे वाला हथ।
[14] ई कुछ अज गुत के बात नञ काहेकि सैतान अप नहूं चमकइत स रगदूत के ध् च्चड़ धरऽ हे।
[15] एहिसे जे ओकर सेवको धरम के सेवकवन अयसन धच्चड़ धरे, त कोइ बड़ बात नञ, बाकि उनकर अन्त उनकर काम के मोताबिक होतइ।
[16] हम फिन कहऽ हियो, कोइ हमरा मुरू ख नञ स मझे, नञ त मुरू खे बूझके हमर सह लेहु, जेसे थोरेस न हम्हूं घमण्ड कर स किअई।
[17] ई डींग मारे में जे कुछ हम कहऽ हियो, ऊ परभु के आग्यां के मोताबिक नञ बाकि मानऽ मुरखइये से कहऽ हियो।
[18] बाकि ढ़ेर लोग देह के मोताबिक घमण्ड करऽ हथ, त हम्हूं घमण्ड करवइ।
[19] तोइनी त स मझदार होके खुसी से मुरू खवन के सह लेहू।
[20] काहेकि जब तोहनी के कोइ दास बना ले हइ, चाहे खा जा हइ, चाहे फँसा ले हइ, चाहे अपनही अपना के बड़ बनाव हे, चाहे तोहनी के मुँह पर थाप्पड़ मारऽ हे, त तोहनी सह लेहु।
[21] हमर कहनाय बेइज्ज तिये के तरे हे, मानऽ हम एकरा ला अबर अयसन हलूँ। बाकि जो कोइ बात में कोइ हिम्मत करऽ हे- हम मुरू खइ में कहऽ हियो त हम्हूं हिम्मत करऽ हियो।
[22] का उहे इबरानी हथ? हम्हूं ही। का उहे इस राय ली हथ? हम्हूं ही। का उहे इबराहिम के बंस ज हथ? हम्हूं ही।
[23] का ओही मसीह के सेवक हथ-हम पागल नियन कहऽ ही-हम उनकरा से बढ़के हिअई। बेसी मेहनत करे में, बेर बेर कइद होवे में, कोड़ा खाय में, बेर बेर मउत के जोखिम में
[24] पान बेर हम य हूदिवन के हाँथा से उनचालीस-उनचालीस कोड़ा खइली।
[25] तीन बेर हम बेंत से पीटय ली, एक बेर हमरा पर पथाराव कयल गेल; तीन बेरी ज हाज, जेकरा पर हम चढ़ली हल, टूट गेलइ, एक रात-दिन हम समुन्दर में काटली।
[26] हम बेर-बेर जातरा में नदिवन के खतरा में डकइतमन के खतरा मे, अप्पन जातवाला से जोखिम में आन जात से जोखिम में स हरमन के जोखिम में जंगल के जोखिम में समुन्दर के जोखिम में झूट्ठा भाइवन के बीच जोखिम में रहली।
[27] मेहनत आउर दुख मे बेर बेर जागइत रहे में भूख-पि यास में बेर बेर उपास करे में जाड़ा में उघारे रहे में
[28] आउर दोसर बात छोड़के जेकर बरनन हम नञ करऽ ही सब कलीसियवन के चिन्ता रोजे हमरा स तावऽ हे।
[29] केकर अबरइ से हम अबर नञ होवऽ ही? केकर ठोकर खाय से हमर जी नञ दुख हे?
[30] जे घमण्ड करनाय जरू री हे, त हम अप्पन अबरइ के बात पर घमण्ड करबई।
[31] परभु यीसु के परमेसर आउर पिता जे हरमेसा धन्न हथ, जानइत हथ कि हम झूठ नञ बोल ही।
[32] दमिस्क में अतिरास राजा दन्न से जे हाकिम हल, ऊ हमरा पकडे़ ला दमिसि्कवन के सहर पर पहरा बइठा देलन हल, आउर हम टोकरी में जंगल से होके सहर के दीवार पर से उतारल गेली, आउर ओकर हाँथा से बच निकस लिअई।