[1] का हम फिन अप्पन बड़ाइ करे लगियो? चाहे हमरा आन लोग नियर पैरवी के चिटठी तोहनी भीरी लावे चाहे तोहनी से लेनाय हइ? हमर चिट्ठी तूँ ही हऽ, जे हमर करेजा पर लिखल हइ आउर ओकरा सब आमदी चिन्हऽ आउर पढ़ऽ हथ।
[3] ई परगट हे कि तोहनी मसीह के चिटठी हु, जेकरा हम सेवक नियर लिखली, आउर जे सि याही से नञ बाकि जि न्दे परमेसर के आतमा से, पत्थार के पटिवन पर नञ, बाकि करेजा के माँस के पटिया पर लिखली हे।
[4] हम मसीह के ज रिए परमेसर पर अयसन भरोसा रखऽ ही।
[5] ई नञ कि हम अप नही आप से ई जोग ही कि अपना दन्न से कोइ बात के बिचार कर स किअई, बाकि हमर जोगता परमेसर दन्न से हइ,
[6] जे हमरा नयका वाचा के सेवक होवे जोगो कयलन, आवाज के सेवक नञ बलुक आतमा के काहेकि आवाज मरऽ हइ, बाकि आतमा जि आवऽ हइ।
[7] जे मउत के ऊ वाचा जेकर अच्छर पत्थारमन पर खोदल गेलइ हल, हीयाँ ले चमके वाला होलइ कि मूसा के मुँह पर के चमक के मारे जे घटतो जा हल, इस राय ली उनकर मुँह पर नजर नञ कर स कलन हल,
[8] त आतमा के वाचा आउरो चमके वाला काहे नञ होतइ?
[9] काहेकि जब दोषी बतावे वाला वाचा बेसी आभा वाला हल, त धरमी बतावे वाला वाचा आउरो आभा वाला काहे नञ होतइ?
[10] आउर जे बेसी आभा वाला हल, उहो ऊ चमक के ओज ह से जे ओकरा से बढ़के आभा वाला हल, कुछ आभा वाला नञ रहलय।
[11] काहेकि जब ऊ जे घटइत जा हल बेसी आभा वाला हल, त ऊ जे अ सि्थार रहतइ अउरो बेसी आभा वाला काहे नञ होतइ।
[12] एहिसे अयसन आसा रखके हम हियाव से बोलऽ ही,
[13] आउर मूसा ज कत नञ, जे अप्पन मुँह पर परदा डाललन हल जे से इस राय ली ऊ घटे वाला चमक के अन्त नञ देखय।
[14] बाकि ओखनी के मति मन्द हो गेलइ, काहेकि आझ ले पुरनका नेम पढ़इत बखत उनकर हिया पर उहे परदा पड़ल रहऽ हे, बाकि ऊ मसीह में उठ जा हे।
[15] आझ ले जब कहियो मूसा के किताब पढ़ल जा हे, व उनकर हिया पर परदा पड़ल रहऽहे।
[16] बाकि जब कहियो उनकर हिया परभु दन्न फिरतइ, तब उ परदा उठ जयतई।
[17] परभु त आतमा हथ: आउर जहिं कहीं परभु के आतमा हे हुआँ आजादी हे।
[18] बाकि जब हमनी के उघारल मुँह से परभु के परताप अइसे परगट होवऽ हे, ज इसे अय ना में, त परभु दिया जे आतमा हथ, हम उहे चमके वाला रू पमें खंड-खंड करके बदलइत जा ही।