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[1] आह, बने होतिस कि मोर मुड़ ह पानी के सोता अऊ मोर आंखीमन आंसूमन के सोता होतिन! मेंह रात अऊ दिन अपन मारे गय मनखेमन बर रोतेंव।

[2] आह, बने होतिस कि डहार रेंगइयामन बर मोर करा मरू-भुइयां म ठहिरे के एक जगह होतिस, ताकि मेंह अपन मनखेमन ला छोंड़के ओमन ले दूरिहा चल देतेंव; काबरकि ओमन जम्मो बेभिचारी अंय, बिसवासघाती मनखेमन के एक भीड़ अंय।

[3] “ओमन अपन जीभ ला धनुस म चघाय तीर सहीं लबारी मारे बर तियार रहिथें; ओमन सच्चई के दुवारा देस म जय नइं पावंय। ओमन एक पाप ले दूसर पाप करते रहिथें; ओमन मोला नइं चिनहंय,” यहोवा ह घोसना करत हे।

[4] “अपन संगीमन ले सचेत रहव; अपन बंस के कोनो मनखे ऊपर भरोसा झन करव। काबरकि ओमा के हर एक झन एक धोखा देवइया, अऊ हर एक परोसी एक निंदा-करइया ए।

[5] संगी ह संगी ला धोखा देथे, अऊ सच बात कोनो नइं कहंय। ओमन अपन जीभ ला लबारी मारे बर सिखोय हवंय; ओमन पाप कर-करके अपनआप ला थकात हें।

[6] तेंह छल-कपट के बीच म रहिथस; अपन छल-कपट म, ओमन मोला चिनहे बर इनकार करथें,” यहोवा ह घोसना करत हे।

[7] एकरसेति सर्वसक्तिमान यहोवा ह ये कहत हे: “देखव, मेंह ओमन ला तिपोके सुध करहूं अऊ परखहूं, काबरकि मोर मनखेमन के पाप के कारन मेंह अऊ का कर सकत हंव?

[8] ओमन के जीभ ह मिरतू के तीर सहीं अय; येह छल-कपट के बात करथे। अपन मुहूं ले ओमन अपन परोसीमन ले बड़े मया के संग गोठियाथें, पर ओमन अपन मन म अपन परोसीमन ला फंसाय के बात सोचथें।

[9] का मेंह अइसने बात बर ओमन ला सजा नइं दंव?” यहोवा ह घोसना करत हे। “का मेंह अइसने जाति ले खुद बदला नइं लंव?”

[10] मेंह पहाड़मन बर रोहूं अऊ बिलाप करहूं अऊ जंगल के चरागनमन के बारे म बिलाप के गीत गाहूं। ओमन उजाड़ पड़े हवंय अऊ उहां कोनो नइं जावंय, अऊ उहां गरूवा-बईलामन के नरियाय के अवाज सुनई नइं पड़य। जम्मो चिरईमन भाग गे हवंय अऊ पसुमन चले गे हवंय।

[11] “मेंह यरूसलेम ला एक खंडहर, सियारमन के एक डेरा बना दूहूं; अऊ मेंह यहूदा के नगरमन ला अइसने उजाड़ दूहूं कि उहां कोनो नइं रह सकहीं।”

[12] कोन ह अतेक बुद्धिमान ए कि येला समझय? यहोवा ह कोन ला बताय हवय कि ओह येला समझा सकय? देस के काबर बिनास हो गे हवय अऊ मरू-भुइयां सहीं उजाड़ पड़े हवय कि येला कोनो पार नइं कर सकंय?

[13] यहोवा ह कहिस, “येह एकर कारन होईस काबरकि ओमन मोर ओ कानून ला तियाग दे हवंय, जऊन ला मेंह ओमन के आघू रखे रहेंव; ओमन न तो मोर बात मानिन अऊ न ही मोर कानून के मुताबिक चलिन।

[14] एकर बदला, ओमन अपन मन के जिद्दी सुभाव के मुताबिक चलिन; ओमन बाल देवतामन के पाछू चलिन, जइसने कि ओमन के पुरखामन ओमन ला सिखाय रिहिन।”

[15] एकरसेति सर्वसक्तिमान यहोवा, इसरायल के परमेसर ह ये कहत हे: “सुनव, मेंह ये मनखेमन ला करू जेवन खवाहूं अऊ जहरिला पानी पीयाहूं।

[16] मेंह ओमन ला अइसने देसमन के बीच म तितिर-बितिर कर दूहूं, जेला न तो ओमन अऊ न ही ओमन के पुरखामन जानत रिहिन, अऊ जब तक मेंह ओमन के अन्त नइं कर दूहूं, तब तक मेंह तलवार लेके ओमन के पाछू पड़े रहिहूं।”

[17] सर्वसक्तिमान यहोवा ह ये कहत हे: “अब सोच-बिचार करव! बिलाप करइया माईलोगनमन ला बलावव; ओमा के सबले जादा कुसल माईलोगन ला बलावव।

[18] ओमन जल्दी आवंय अऊ हमर बर तब तक बिलाप करंय जब तक कि हमर आंखीमन ले आंसू नइं निकलय अऊ हमर आंखी के पलकमन ले पानी बहे नइं लगय।

[19] सियोन ले बिलाप करे के अवाज सुनई देवत हे: ‘हमन कतेक नास हो गेंन! हमन कतेक बड़े लज्जा म पड़ेंन! जरूरी ए कि हमन हमर देस ला छोंड़ देवन काबरकि हमर घरमन ला गिरा दिये गे हवय।’ ”

[20] एकरसेति, हे माईलोगनमन, यहोवा के ये बचन ला सुनव; ओकर मुहूं के बचन ला कान लगाके सुनव। अपन बेटीमन ला बिलाप करे बर सिखावव; एक-दूसर ला एक बिलाप के गीत सिखावव।

[21] मिरतू ह हमर खिड़कीमन ले होके भीतर आ गे हवय अऊ हमर गढ़मन म घुस गे हवय; येह लइकामन ला गलीमन ले अऊ जवानमन ला चऊक ले मिटा दे हवय।

[22] तेंह कह, “यहोवा ह ये घोसना करत हे: “ ‘मनखेमन के लासमन अइसने पड़े रहिहीं, जइसने खुला मैदान म गोबर, अऊ फसल लुवइया के पाछू लुये गय फसल, जेला कोनो संकेलनेवाला नइं रहंय।’ ”

[23] यहोवा ह ये कहत हे: “बुद्धिमान ह अपन बुद्धि ऊपर घमंड झन करय या बलवान ह अपन बल ऊपर घमंड झन करय या धनवान ह अपन धन ऊपर घमंड झन करय,

[24] पर जऊन ह घमंड करथे, ओह ये बात म घमंड करय: कि ओमन करा मोला जाने के समझ हवय, कि में ही ओ यहोवा अंव, जऊन ह धरती म दया, नियाय अऊ धरमीपन के काम करथंव, काबरकि इही बातमन म मेंह खुस होथंव,” यहोवा ह घोसना करत हे।

[25] “ओ दिनमन आवत हें,” यहोवा ह घोसना करत हे, “जब मेंह ओ जम्मो झन ला सजा दूहूं, जेमन के खतना सिरिप देहें म होय हवय—

[26] याने कि मिसर, यहूदा, एदोम, अमोन, मोआब के मनखे अऊ ओ जम्मो जऊन मन दूरिहा म सुनसान जगह म रहिथें। काबरकि ये जम्मो जातिमन सही म खतनारहित अंय, अऊ त अऊ इसरायल के जम्मो घराना ह घलो मन म खतनारहित अय।”

यरमियाह — Chapters