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[1] “हे बिनयामीन गोत्र के मनखेमन, अपन सुरकछा बर भागव! यरूसलेम ले भागव! तकोआ सहर म तुरही फूंकव! बेत-हकेरेम नगर म संकेत देवव! काबरकि उत्तर दिग ले बिपत्ति, बल्कि भयंकर बिनास आही सहीं लगत हे।

[2] मेंह सियोन के, बहुंत सुघर अऊ नाजुक बेटी ला नास कर दूहूं।

[3] चरवाहामन अपन भेड़-बकरीमन संग ओकर बिरूध आहीं; ओमन अपन तम्बू ओकर चारों कोति गड़ियाहीं, अऊ हर एक झन अपन खुद के भाग म चराहीं।”

[4] “ओकर बिरूध लड़ई के तियारी करव! उठव, हमन मंझन के बेरा हमला करबो! पर, हाय, दिन के अंजोर ह कम होवत जावत हे, अऊ संझा के परछाई ह लम्बा होवत जावत हे।

[5] एकरसेति उठव, हमन रथिया के बेरा हमला करबो अऊ ओकर किलामन ला गिरा देबो!”

[6] सर्वसक्तिमान यहोवा ह ये कहत हे: “रूखमन ला काटव अऊ यरूसलेम के बिरूध घेराबंदी के टीला बनावव। ये सहर ला सजा जरूर मिलना चाही; येह अतियाचार ले भर गे हवय।

[7] जइसने कुआं म ले पानी निकलथे, वइसने ही यरूसलेम ले बुरई निकलथे। हिंसा अऊ बिनास के बात ओमा सुनई देवत रहिथे; ओकर बेमारी अऊ घावमन हमेसा मोर आघू म हवंय।

[8] हे यरूसलेम, चेत जा, नइं तो, मेंह तोर ले मुहूं मोड़के दूरिहा चल दूहूं अऊ तोर भुइयां ला उजाड़ दूहूं ताकि येमा कोनो झन रह सकंय।”

[9] सर्वसक्तिमान यहोवा ह ये कहत हे: “ओमन ला इसरायल के बचे भाग ला अंगूर के नार म बांचे अंगूर सहीं बटोरन दव; जइसने कोनो अंगूरमन ला संकेलथे, वइसने अपन हांथ ला डारामन ऊपर फेर बढ़ा।”

[10] मेंह काकर ले बात करंव अऊ चेतावंव? कोन ह मोर बात ला सुनही? ओमन के कान ह बंद हो गे हवय एकरसेति ओमन सुन नइं सकंय। यहोवा के बचन ह ओमन ला बने नइं लगय; येमा ओमन ला खुसी नइं मिलय।

[11] पर मेंह यहोवा के कोरोध ले भर गे हवंव, अऊ मेंह येला भीतर नइं धरे सकंव। “गली म येला लइकामन ऊपर अऊ एक संग जूरे जवानमन ऊपर ढार दे; घरवाला अऊ घरवाली दूनों अऊ डोकरामन जेमन के उमर हो गे हवय, ओमन येमा धरे जाहीं।

[12] ओ मनखेमन के खेत-खार अऊ ओमन के घरवाली सहित ओमन के घर ला आने मन ला दे दिये जाही, जब मेंह अपन हांथ ला ओमन के बिरूध बढ़ाहूं जऊन मन ये देस म रहिथें,” यहोवा ह ये घोसना करत हे।

[13] “छोटे ले लेके बड़े तक, जम्मो के जम्मो अनाज के लालची अंय; अगमजानी अऊ पुरोहितमन घलो वइसने जम्मो के जम्मो धोखाधड़ी करथें।

[14] ओमन मोर मनखेमन के घावमन म अइसे पट्टी बांधथें मानो ओमा जादा चोट नइं लगे रिहिस। ओमन कहिथें, ‘सांति हे, सांति हे,’ जबकि उहां सांति नइं ए।

[15] का ओमन अपन घिनौना बरताव बर सरमिंदा हवंय? नइं, ओमन बिलकुल ही सरमिंदा नइं एं; ओमन सरमिंदा होवई जानंय ही नइं। एकरसेति ओमन गिरे मनखेमन के बीच म गिरहीं; ओमन गिराय जाहीं, जब मेंह ओमन ला सजा दूहूं,” यहोवा ह कहत हे।

[16] यहोवा ह ये कहत हे: “सड़क के चऊकमन म ठाढ़ होवव अऊ देखव; पुराना रसता के बारे म पुछव, पुछव कि बने रसता कहां हवय, अऊ ओही म रेंगव, अऊ तुमन ला अपन मन म सांति मिलही। पर तुमन कहेव, ‘हमन येमा नइं रेंगन।’

[17] मेंह तुम्हर बर पहरेदारमन ला बईठाके कहेंव, ‘तुरही के अवाज ला सुनव!’ पर तुमन कहेव, ‘हमन नइं सुनन।’

[18] एकरसेति, हे जाति-जाति के मनखेमन, सुनव; तुमन, जऊन मन गवाह अव, धियान देवव कि ओमन के का होही।

[19] हे धरती, सुन: मेंह ये मनखेमन ऊपर ओ बिपत्ति लानत हंव, जऊन ह ओमन के योजना के फर अय, काबरकि येमन मोर बात ला नइं सुनिन अऊ मोर कानून के इनकार करिन।

[20] सेबा के सुगंध या दूरिहा देस ले आय मीठ तेजपान ऊपर मेंह का धियान दंव? तुम्हर होम-बलिदानमन गरहन करे लईक नो हंय; तुम्हर बलिदानमन ले मोला खुसी नइं होवय।”

[21] येकर कारन यहोवा ह ये कहत हे: “मेंह ये मनखेमन के आघू म बाधा डालहूं। दाई-ददा अऊ लइकामन, परोसी अऊ संगवारीमन, ओकर ऊपर ठोकर खाके नास होहीं।”

[22] यहोवा ह ये कहत हे: “देखव, उत्तर दिग के देस ले एक सेना आवत हे; धरती के छोर ले एक बड़े जाति ला उभारे जावत हे।

[23] ओमन धनुस अऊ बरछी धरे हवंय; ओमन कठोर अंय अऊ दया नइं देखावंय। जब ओमन अपन घोड़ामन ऊपर सवार होथें त ओमन गरजत समुंदर सहीं अवाज करथें; हे बेटी सियोन, ओमन तोर ऊपर हमला करे बर लड़ई म कतार बांधे मनखेमन सहीं आथें।”

[24] हमन ओमन के बारे म खबर सुने हन, अऊ हमर हांथमन ढीला पड़ गे हवंय। पीरा ह हमन ला अइसने जकड़े हवय, जइसने छेवारी होवत माईलोगन ला पीरा होथे।

[25] बाहिर मैदान कोति झन जावव, या सड़कमन म झन रेंगव, काबरकि बईरी करा तलवार हवय, अऊ चारों कोति आतंक छाय हवय।

[26] हे मोर मनखेमन, बोरा के कपड़ा पहिरव, अऊ राख म लोटव; जइसने एकलऊता बेटा के मरे ले बिलाप होथे वइसने कलप-कलपके बिलाप करव, काबरकि नास करइया ह अचानक हमर ऊपर आ जाही।

[27] “मेंह तोला धातु के परखनेवाला अऊ मोर मनखेमन ला खदान के धातु बनाय हंव, ताकि तें धियान दे अऊ ओमन के चालचलन ला परख।

[28] ओमन जम्मो कठोर बिदरोही हो गे हवंय, अऊ निन्दा करत हवंय। ओमन कांसा अऊ लोहा सहीं हो गे हवंय; ओमन जम्मो झन खराप आचरन करथें।

[29] धूकनी ह सीसा ला आगी म जलाय बर जोर से धूकथे, पर सुध करई ह बेकार हो जावत हे; काबरकि दुस्ट मनखेमन पछताप नइं करिन।

[30] ओमन ला नकली चांदी कहे जाथे, काबरकि यहोवा ह ओमन ला अस्वीकार करे हवय।”

यरमियाह — Chapters