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[1] यहोवा कोति ले ये बचन यरमियाह करा आईस:

[2] “यहोवा, इसरायल के परमेसर ह ये कहत हे: ‘जऊन बात मेंह तोर ले कहे हवंव, ओ जम्मो ला एक ठन किताब म लिख ले।

[3] ओ दिनमन आवत हें,’ यहोवा ह घोसना करत हे, ‘जब मेंह अपन इसरायली अऊ यहूदी मनखेमन ला बंधुवई ले वापिस लानहूं अऊ जऊन देस मेंह ओमन के पुरखामन ला अधिकार करे बर देय रहेंव, ओ देस म, मेंह ओमन ला फेर बसाहूं,’ यहोवा ह कहत हे।”

[4] जऊन बचन यहोवा ह इसरायली अऊ यहूदीमन के बारे म कहिस, ओमन ये अंय:

[5] “यहोवा ह ये कहत हे: “ ‘भय के मारे रोये के अवाज सुनई देवत हे— सांति नइं, पर आतंक के अवाज।

[6] पुछव अऊ देखव: का कोनो आदमी ह लइका ला जनम दे सकथे? त फेर मेंह काबर देखत हंव कि हर एक बलवान मनखे ह छेवारी होवइया माईलोगन सहीं अपन हांथ ला अपन पेट म रखे हवय, हर एक चेहरा मरे सहीं पीला हो गे हवय?

[7] ओह दिन ह कतेक भयंकर होही! ओ दिन सहीं अऊ कोनो दिन नइं होही। याकूब बर, ओह संकट के बेरा होही, पर ओला ओमा ले बचाय जाही।

[8] “ ‘ओ दिन,’ सर्वसक्तिमान यहोवा ह घोसना करत हे, ‘मेंह ओमन के गरदन के जुड़ा ला उतारके टोर दूहूं अऊ ओमन के बंधना ला कुटा-कुटा कर दूहूं; अऊ परदेसीमन ओमन ला फेर गुलाम नइं बनाहीं।

[9] पर ओमन यहोवा अपन परमेसर अऊ अपन राजा दाऊद के सेवा करहीं, जेला मेंह ओमन बर ठाढ़ करहूं।

[10] “ ‘एकरसेति, हे मोर सेवक याकूब, झन डर; हे इसरायल, भयभीत झन हो,’ यहोवा ह घोसना करत हे। ‘खचित, मेंह तोला दूरिहा जगह ले, अऊ तोर संतानमन ला बंधुवई के देस ले छुड़ाके लानहूं। याकूब ह फेर सांति अऊ सुरकछा म रहिही, अऊ कोनो ओला डरा नइं सकहीं।

[11] मेंह तोर संग हवंव अऊ मेंह तोला बचाहूं,’ यहोवा ह घोसना करत हे। ‘हालाकि जऊन जातिमन के बीच म, मेंह तुमन ला तितिर-बितिर कर दे हवंव ओ जम्मो जाति ला मेंह पूरा नास कर दूहूं, पर मेंह तुमन ला पूरा नास नइं करंव। मेंह तुम्हर ताड़ना करहूं, पर सिरिप एक सीमना के भीतर; मेंह तुमन ला बिगर ताड़ना के पूरा नइं छोड़ंव।’

[12] “यहोवा ह ये कहत हे: “ ‘तोर घाव ह नइं भरय, अऊ तोला लगे चोट ह ठीक नइं होवय।

[13] तोर मामला ला लड़े बर कोनो नइं ए, तोर घाव के कोनो ईलाज नइं ए, तोर बर कोनो चंगई नइं ए।

[14] तोर जम्मो संगवारीमन तोला भुला गे हवंय; ओमन तोर कोनो चिंता नइं करंय। एक बईरी ह जइसने मारथे, वइसने मेंह तोला मारे हंव अऊ एक निरदयी ह जइसने सजा देथे, वइसने मेंह तोला सजा दे हंव, काबरकि तोर अपराध ह बहुंत बड़े हे अऊ तोर पापमन बहुंत अकन हवंय।

[15] अपन घाव अऊ ओ पीरा ऊपर काबर रोवत हस, जेकर कोनो ईलाज नइं ए? तोर बड़े अपराध अऊ बहुंते पाप के कारन मेंह तोर संग अइसने करे हवंव।

[16] “ ‘पर ओ जम्मो, जऊन मन तोला खावत हें, ओमन खुद खा लिये जाहीं; तोर जम्मो बईरीमन बंधुवई म चल दीहीं। जऊन मन तोला लूटत हें, ओमन खुद लूटे जाहीं; ओ जम्मो, जऊन मन तोला लूटत हें, ओमन ला मेंह लूटहूं।

[17] पर मेंह तोला फेर भला-चंगा करहूं अऊ तोर घावमन ला ठीक कर दूहूं,’ यहोवा ह घोसना करत हे, ‘काबरकि तोला जाति ले निकाले गे मनखे कहे जाथे, येह सियोन ए, जेकर चिंता कोनो नइं करंय।’

[18] “यहोवा ह ये कहत हे: “ ‘मेंह याकूब के तम्बूमन ला फेर बसाहूं अऊ ओकर निवासमन ऊपर दया देखाहूं; सहर ला अपन ही खंडहर ऊपर फेर बनाय जाही, अऊ महल ह अपन ही जगह म फेर ठाढ़ होही।

[19] ओमन ले धनबाद के गीत अऊ आनंद मनाय के अवाज आही। मेंह ओमन के गनती ला बढ़ाहूं, अऊ ओमन नइं घटहीं; मेंह ओमन के आदरमान बढ़ाहूं, अऊ ओमन तुछ-नीच नइं समझे जाहीं।

[20] ओमन के लइकामन पुराना जमाना के सहीं होहीं, अऊ ओमन के समाज ह मोर आघू म स्थापित होही; जऊन मन ओमन ला सताथें, ओ जम्मो ला मेंह सजा दूहूं।

[21] ओमन के अगुवा ओमन के बीच म ले ही एक झन होही; ओमन ऊपर राज-करइया घलो ओमन के बीच ले ही होही। मेंह ओला लकठा म लानहूं अऊ ओह मोर लकठा म आही— काबरकि कोन ए ओ, जऊन ह मोर लकठा म आय बर अपनआप ला दे दीही?’ यहोवा ह घोसना करत हे।

[22] ‘ये किसम ले तुमन मोर मनखे होहू, अऊ मेंह तुम्हर परमेसर ठहिरहूं।’ ”

[23] देखव, यहोवा के कहर ह गुस्सा के कारन भड़क जाही, एक भयंकर आंधी ह दुस्टमन के मुड़ ऊपर किंदरत हवय।

[24] जब तक यहोवा ह अपन हिरदय के उदेस्य ला पूरा नइं कर लीही तब तक ओकर भड़के गुस्सा ह सांत नइं होही। अवइया दिन म तुमन ये बात ला समझहू।

यरमियाह — Chapters