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[1] मोआब देस के बारे म: सर्वसक्तिमान यहोवा, इसरायल के परमेसर ह ये कहत हे: “नबो ऊपर हाय, काबरकि येह नास हो जाही। किरयातैम ह कलंकित होही अऊ ओकर ऊपर कब्जा कर लिये जाही; मजबूत गढ़ ह कलंकित होही अऊ बिखर जाही।

[2] अब मोआब के परसंसा नइं होही; हेसबोन सहर म मनखेमन ओकर नुकसान करे के योजना बनाहीं: ‘आवव, हमन ओ देस के अन्त कर देवन।’ हे मदमेन के मनखेमन, तुमन ला घलो सांत कर दिये जाही; तलवार ह तुम्हर पीछा करही।

[3] होरोनैम ले दुख के कारन रोये के अवाज आही, बड़े बिनास अऊ दुख के अवाज सुनई दीही।

[4] मोआब के सतियानास हो जाही; ओकर छोटे लइकामन चिचियाहीं।

[5] ओमन लूहीत करा पहाड़ी ऊपर चघहीं, अऊ ओमन अब्बड़ रोवत ऊपर जाहीं; होरोनैम के खाल्हे के रसता म बिनास के कारन दुख के चिचियाहट सुनई देवत हे।

[6] भागव! अपन परान बचाय बर भागव; सुनसान जगह म एक झाड़ी के सहीं हो जावव।

[7] काबरकि तुमन अपन काम अऊ धन ऊपर भरोसा रखथव, ये खातिर तुमन ला घलो बंदी बना लिये जाही, कमोस देवता ह अपन पुरोहितमन अऊ अधिकारीमन के संग बंधुवई म जाही।

[8] बिनास करइया ह हर एक नगर ऊपर चढ़ई करही, अऊ कोनो नगर नइं बांचही। घाटी ह नास हो जाही अऊ पहाड़ी ह सतियानास हो जाही, काबरकि यहोवा ह कहे हवय।

[9] मोआब के ऊपर नून डाल दे, काबरकि ओह उजाड़ हो जाही; ओकर नगरमन निरजन हो जाहीं, ओमन म कोनो नइं रहिहीं।

[10] “सरापित होवय ओह, जऊन ह यहोवा के काम ला अलाली म करथे! सरापित होवय ओह, जऊन ह अपन तलवार ला खून बहाय ले रोकथे!

[11] “जइसने अंगूर के मंद ह एक बरतन ले दूसर बरतन म ढारे नइं जाय ले ओह लद्दी होके खाल्हे म जमके अराम से रहिथे, वइसने मोआब ह जवानी ले अराम से रहत हवय, ओह बंधुवई म नइं गे हवय। एकरसेति ओकर सुवाद ह जस के तस हवय, अऊ ओकर खुसबू ह नइं बदले हवय।

[12] पर समय आवत हे,” यहोवा ह घोसना करत हे, “जब मेंह मनखेमन ला पठोहूं, जऊन मन घघरीमन ले ढारथें, अऊ ओमन ओला ढार दीहीं; ओमन ओकर घघरीमन ला खाली कर दीहीं अऊ ओकर बरतनमन ला फोर दीहीं।

[13] तब मोआब के मनखेमन अपन कमोस देवता ले लज्जित होहीं, जइसने इसरायल के मनखेमन लज्जित होईन जब ओमन बेतेल ऊपर भरोसा करिन।

[14] “तुमन कइसे कह सकत हव, ‘हमन योद्धा, लड़ई म बीर मनखे अन’?

[15] मोआब ह नास करे जाही अऊ ओकर नगरमन ऊपर चढ़ई करे जाही; ओकर सबले बने जवानमन मारे जाय बर खाल्हे जाहीं,” राजा ह घोसना करत हे, जेकर नांव सर्वसक्तिमान यहोवा अय।

[16] “मोआब के गिरई ह लकठा म हवय; ओकर ऊपर संकट बहुंत जल्दी आही।

[17] ओकर आसपास के जम्मो रहइया, अऊ ओकर कीरति ला जाननेवाले जम्मो झन ओकर बर बिलाप करव; कहव, ‘सक्तिसाली राजदंड ह कइसे टूट गीस, महिमामय लउठी ह कइसे टूट गीस!’

[18] “हे दीबोन बेटी के रहइयामन, अपन महिमा ला छोंड़व अऊ सूखा भुइयां म बईठव, काबरकि जऊन ह मोआब ला नास करथे ओह तुम्हर बिरूध आही अऊ तुम्हर किलाबंदीवाले सहरमन ला नास कर दीही।

[19] हे अरोएर नगर के रहइयामन, सड़क-तीर म ठाढ़ होके देखव। जऊन मनखेमन भागत हें अऊ जऊन माईलोगनमन बचके निकलत हें, ओमन ले पुछव, ‘का होय हवय?’

[20] मोआब ह कलंकित होईस, काबरकि ओह कुटा-कुटा हो गीस। सोक मनावव अऊ चिचियाके रोवव! अरनोन म घोसना करव कि मोआब ह नास हो गीस।

[21] पठारी भुइयां ऊपर नियाय आ गे हवय— होलोन, यहस अऊ मेपात ऊपर,

[22] दीबोन, नबो अऊ बेत-दिबलातैम ऊपर,

[23] किरयातैम, बेत-गामूल अऊ बेत-मोन ऊपर,

[24] करियोत, बोसरा ऊपर— लकठा अऊ दूरिहा, मोआब के जम्मो नगरमन ऊपर नियाय आ गे हवय।

[25] मोआब के सींग ह कटके अलग हो गीस; ओकर बाहां ह टूट गीस,” यहोवा ह घोसना करत हे।

[26] “ओला मतवार कर दव, काबरकि ओह यहोवा के परवाह नइं करे हवय। मोआब ला अपन उल्टी म लोटन दव; ओला हंसी के चीज होवन दव।

[27] का इसरायल ह तुम्हर हंसी उड़ाय के चीज नइं रिहिस? का ओह चोरमन के बीच म पकड़े गे रिहिस, कि जब भी तेंह ओकर चरचा करथस त अपमान म, तेंह अपन मुड़ हलाथस?

[28] हे मोआब के रहइयामन, अपन नगरमन ला छोंड़के चट्टानमन के बीच म रहव। ओ पंड़की चिरई सहीं बनव जऊन ह गुफा के मुहूं म अपन खोंधरा बनाथे।

[29] “हमन मोआब के घमंड के बारे म सुने हन— कतेक जादा ओह घमंडी ए! हमन ओकर तिरस्कार, ओकर घमंड, ओकर अभिमान अऊ ओकर मन के अहंकार के बारे म सुने हन।

[30] मेंह ओकर तिरस्कार ला जानत हंव, पर येह बेकार ए,” यहोवा ह घोसना करत हे, “अऊ ओकर अहंकार से कुछू नइं मिलय।

[31] ये खातिर मेंह मोआब बर बिलाप करथंव, जम्मो मोआब बर मेंह रोवत हंव, कीर-हरेसेत सहर के मनखेमन बर मेंह बिलाप करथंव।

[32] हे सिबमा सहर के अंगूर के नारमन, मेंह तुम्हर बर रोथंव, जइसने कि याजेर ह रोथे। तोर डारामन समुंदर तक बगर गे हवंय; ओमन याजेर सहर तक हबर गे हवंय। नास करइया ह तोर पाके फर अऊ अंगूरमन ऊपर गिर गे हवय।

[33] मोआब के फर के बारी अऊ खेतमन ले आनंद अऊ खुसी ह चले गे हवय। मेंह अंगूर के रसकुंडमन ले अंगूर के मंद बहे ला बंद कर दे हंव; कोनो ओमन ला आनंद के अवाज सहित अपन गोड़ ले नइं कुचरंय। हालाकि उहां अवाज होवथे, पर ओह आनंद के अवाज नो हय।

[34] “ओमन के रोये के अवाज ह हेसबोन ले एलाले अऊ यहस नगर तक, अऊ सोअर नगर ले होरोनैम अऊ एगलत-सलीसिया तक सुनई देवत हे, काबरकि निमरीम सोता के पानी घलो सुख गे हवय।

[35] जऊन मन ऊंच जगहमन म बलिदान चघाथें अऊ अपन देवतामन बर धूप जलाथें” ओमन के मेंह मोआब म अन्त कर दूहूं, यहोवा ह घोसना करत हे।

[36] “एकरसेति मोआब बर मोर मन ह बांसुरी के अवाज सहीं सोक करत हे; येह कीर-हरेसेत के मनखेमन बर बांसुरी के अवाज सहीं सोक करत हे। जऊन धन ओमन कमाय रिहिन, ओह खतम हो गीस।

[37] हर एक मुड़ ह मुड़ाय हवय अऊ हर एक दाढ़ी कटा ले हवय; हर हांथ म तलवार के चोट हवय अऊ हर कनिहां म बोरा के कपड़ा लपटाय हवय।

[38] मोआब के जम्मो घर के छानीमन म अऊ चौराहामन म सिरिप रोवई-पीटई होवत हे, काबरकि मेंह मोआब ला ओ बरतन सहीं टोर दे हंव, जेला कोनो पसंद नइं करंय,” यहोवा ह घोसना करत हे।

[39] “ओह कइसे चकनाचूर हो गीस! ओमन कइसे बिलाप करत हें! मोआब ह लज्जा म, कइसे अपन पीठ दिखावत हवय! मोआब ह अपन चारों कोति के जम्मो मनखे बर एक हंसी के चीज, अऊ बहुंत भय के कारन हो गे हवय।”

[40] यहोवा ह ये कहत हे: “देखव! एक गिधवा ह मोआब ऊपर अपन डेना फईलाके खाल्हे कोति झपट्टा मारत हे।

[41] करियोत सहर ऊपर कब्जा कर लिये जाही अऊ मजबूत गढ़मन ला ले लिये जाही। ओ दिन मोआब के योद्धामन के मन ह छेवारी होवत माईलोगन के मन सहीं हो जाही।

[42] मोआब ह एक देस के रूप म नास हो जाही काबरकि ओह यहोवा के परवाह नइं करे हवय।

[43] हे मोआब के मनखेमन, आतंक अऊ खंचवा अऊ फांदा तुम्हर डहार देखत हें,” यहोवा ह घोसना करत हे।

[44] “जऊन कोनो डराके भागही ओह खंचवा म गिरही, जऊन कोनो खंचवा म ले निकलके आही ओह फांदा म फंसही; काबरकि मेंह मोआब ऊपर ओकर दंड के समय ला लानहूं,” यहोवा ह घोसना करत हे।

[45] “हेसबोन सहर के सरन म आके भगोड़ा मनखेमन कोनो मदद नइं पावंय, काबरकि हेसबोन ले आगी, अऊ सीहोन के बीच ले आगी के एक जुवाला निकले हवय; येह मोआब के माथामन ला, अऊ बक-बक करइया घमंडीमन के खोपड़ी ला जला दीही।

[46] हे मोआब, तोर ऊपर हाय! कमोस के मनखेमन नास होवथें; तोर बेटामन बंधुवई म जावत हें, अऊ तोर बेटीमन कैद करे जावत हें।

[47] “तभो ले अवइया समय म, मेंह मोआब के बने दिनमन ला फेर लानहूं,” यहोवा ह घोसना करत हे। मोआब के दंड ह इहां खतम होईस।

यरमियाह — Chapters