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[1] जब मनखेमन धरती म गनती म बाढ़े लगिन अऊ ओमन के बेटीमन जनमिन,

[2] त परमेसर के बेटामन देखिन कि मनखे के बेटीमन सुघर हें अऊ ओमन जे-जे ला पसंद करिन, तेमन ले बिहाव कर लीन।

[3] तब यहोवा ह कहिस, “मोर आतमा ह मनखे संग सदाकाल बर नइं रहय, काबरकि मनखे ह अमर नो हय; ओमन के उमर एक सौ बीस बछर होही।”

[4] ओ समय धरती म नेफिलीम रहत रिहिन, अऊ एकर पाछू जब परमेसर के बेटामन मनखे के बेटीमन संग संबंध बनाईन, त ओमन के मेल से जऊन लइका जनमिन, ओमन ओ समय सूरबीर अऊ जाने-माने मनखे रिहिन।

[5] यहोवा ह देखिस कि मनखेमन के बुरई धरती म बहुंत बढ़ गे हवय, अऊ ओमन के हिरदय के जम्मो बिचार ह हर समय सिरिप बुरई के ही होथे।

[6] त यहोवा ह धरती म मनखे ला बनाके पछताईस, अऊ अपन मन म बहुंत दुखी होईस।

[7] एकरसेति यहोवा ह कहिस, “मेंह मनखे ला, जेला मेंह बनाय हंव, धरती म ले नास कर दूहूं—अऊ ओमन के संग पसु, चिरई अऊ भुइयां म रेंगइया जन्तु, ओ जम्मो ला नास कर दूहूं—काबरकि मेंह ओमन ला बनाके पछतात हंव।”

[8] पर यहोवा के दया-दिरिस्टी नूह ऊपर बने रिहिस।

[9] नूह अऊ ओकर परिवार के बिबरन ये अय। नूह एक धरमी अऊ अपन समय के मनखेमन म निरदोस रिहिस, अऊ ओह ईमानदारी से परमेसर के संग चलिस।

[10] नूह के तीन झन बेटा रिहिन: सेम, हाम अऊ येपेत।

[11] ओ समय धरती ह परमेसर के नजर म खराप हो गे रिहिस अऊ हिंसा ले भर गे रिहिस।

[12] परमेसर ह देखिस कि धरती ह बहुंत खराप हो गे हे, काबरकि धरती के जम्मो मनखेमन अपन चालचलन ला बिगाड़ ले रहंय।

[13] एकरसेति परमेसर ह नूह ला कहिस, “मेंह जम्मो मनखे के अन्त करइया हंव, काबरकि ओमन के कारन धरती ह हिंसा ले भर गे हवय। मेंह निस्चित रूप से ओमन ला धरती समेत नास करइया हंव।

[14] एकरसेति तें गोपेर रूख के लकरी के एक पानी जहाज बना ले; ओकर भीतर म खोलीमन ला बनाबे, अऊ ओकर भीतर-बाहिर राल लगा देबे।

[15] तें ओला अइसने बनाबे: जहाज ला तीन सौ क्यूबीट लम्बा, पचास क्यूबीट चाकर अऊ तीस क्यूबीट ऊंच बनाबे।

[16] जहाज के एक छत बनाबे अऊ छत खाल्हे एक क्यूबीट ऊंच खिड़की जहाज के चारों कोति बनाबे। जहाज के बाजू म एक कपाट रखबे अऊ जहाज ला तीन तल्ला बनाबे।

[17] काबरकि देख, में धरती म जल-परलय करके जम्मो चीज ला जेमन म जिनगी के सांस हवय, अकास के तरी ले नास करइया हंव। धरती ऊपर जऊन कुछू हवय, सबो चीज नास हो जाहीं।

[18] पर मेंह तोर संग करार करहूं, अऊ तेंह जहाज के भीतर जाबे—तोर बेटामन अऊ तोर घरवाली अऊ तोर बेटामन के घरवालीमन घलो तोर संग जहाज के भीतर जाहीं।

[19] अऊ जम्मो जीयत परानी म ले, तें हर एक जाति के दू-दू ठन याने कि एक नर अऊ एक मादा ला जहाज भीतर लानबे अऊ ओमन ला अपन संग जीयत रखबे।

[20] हर किसम के चिरई, हर किसम के पसु अऊ भुइयां म रेंगइया हर किसम के जीव म के दू-दू ठन तोर करा जीयत रहे बर आहीं।

[21] तें आनि-बानि के खाय के जिनिस जेला खाय जाथे, अपन करा जमा कर लेबे, जऊन ह तोर अऊ ओमन के जेवन बर होही।”

[22] परमेसर के हुकूम के मुताबिक नूह हर चीज ला करिस।

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