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[1] जब यूसुफ ला मिसर देस म लाय गीस, त पोतीफर नांव के एक मिसरी, जेह फिरौन के एक हाकिम याने कि अंगरछकमन के मुखिया रिहिस, ओला ओ इसमायलीमन करा ले बिसा लीस, जेमन ओला उहां लाने रिहिन।

[2] यूसुफ ह अपन मिसरी मालिक के घर म रहत रिहिस, अऊ यहोवा ह ओकर संग रिहिस, एकरसेति ओह उन्नति करत गीस।

[3] जब यूसुफ के मालिक ह देखिस कि यहोवा ओकर संग रहिथे अऊ जऊन काम ओह करथे, यहोवा ह ओमा ओला सफल करथे,

[4] त ओकर किरपा के नजर यूसुफ ऊपर होईस अऊ यूसुफ ला ओकर सेवा-टहल करे बर ठहिराय गीस। पोतीफर ह ओला अपन घर के जिम्मा देके अपन जम्मो चीज ला ओकर भरोसा म छोंड़ दीस।

[5] जब ले ओह अपन घर के जिम्मा अऊ अपन सबो चीज ला ओकर भरोसा म कर दीस, तब ले यहोवा ह यूसुफ के कारन ओ मिसरी के घर म आसीस देय लगिस। पोतीफर के जम्मो चीज म, ओकर घर अऊ खेत दूनों म यहोवा के आसीस होय लगिस।

[6] एकरसेति पोतीफर ह अपन जम्मो चीज ला यूसुफ के देखरेख म कर दीस, इहां तक कि यूसुफ के कारन अपन खाय के रोटी के छोंड़, ओह अपन कोनो चीज के फिकर नइं करत रिहिस। यूसुफ ह सुन्दर अऊ ओकर कद-काठी बहुंत बढ़िया रिहिस,

[7] कुछू समय के बाद, ओकर मालिक के घरवाली ह यूसुफ ऊपर नजर लगाईस अऊ कहिस, “आ, मोर संग सुत!”

[8] पर ओह इनकार करके अपन मालिक के घरवाली ला कहिस, “जम्मो चीज ला मोर जिम्मा म देके, मोर मालिक ह घर म कोनो चीज के फिकर नइं करय; जऊन कुछू ओकर हवय, ओ जम्मो ला मोर भरोसा म छोंड़ दे हवय।

[9] ये घर म मोर ले बड़े कोनो नइं ए। ओह तोला छोंड़, अपन करा अऊ कुछू नइं रखे हे, काबरकि तें ओकर घरवाली अस। तब में अइसन दुस्ट काम करके परमेसर के बिरूध म कइसे पाप कर सकथंव?”

[10] अऊ हालाकि ओह रोज-रोज यूसुफ ले बात करय, पर यूसुफ ह ओकर संग सुते बर इनकार करय, अऊ त अऊ ओकर संग रहे बर घलो नइं चाहय।

[11] एक दिन अइसन होईस कि यूसुफ ह अपन काम-धाम करे बर घर भीतर गीस, अऊ घर के कोनो सेवक भीतर म नइं रिहिन।

[12] तब ओ माईलोगन ह ओकर ओनहा ला धरके कहिस, “मोर संग सुत!” पर ओह अपन ओनहा ला ओकर हांथ म छोंड़के घर के बाहिर भाग गीस।

[13] जब ओ माईलोगन ह ये देखिस कि ओह अपन ओनहा ला ओकर हांथ म छोंड़के घर के बाहिर भाग गे हे,

[14] त ओह अपन घर के सेवकमन ला बलाके कहिस, “देखव, ओ इबरी मनखे ला मसखरी करे बर इहां लाने गे हवय! ओह तो इहां मोर संग सुते के मतलब से भीतर आय रिहिस, पर में जोर से नरियांय।

[15] मदद खातिर जब ओह मोर नरियाई ला सुनिस, त ओह अपन ओनहा ला मोर करा छोंड़के घर के बाहिर भाग गीस।”

[16] ओह ओकर ओनहा ला ओकर मालिक के घर आवत तक अपन करा रखे रिहिस।

[17] जब ओह आईस, त ओला ये कहानी बताईस, “ओ इबरी दास, जेला तें हमर करा लाने हस, ओह मोर करा मसखरी करे बर आय रिहिस।

[18] पर जब में मदद खातिर नरियांय, त ओह अपन ओनहा मोर करा छोंड़के घर के बाहिर भाग गीस।”

[19] जब ओकर मालिक ह अपन घरवाली के ये बातमन ला सुनिस, “तोर दास ह मोर संग अइसन बेवहार करे हवय।” त ओह गुस्सा के मारे भड़क गीस।

[20] यूसुफ के मालिक ह ओला पकड़के जेलखाना म डार दीस, जिहां राजा के कैदीमन बंद रिहिन। पर जब यूसुफ ह जेलखाना म रिहिस,

[21] त यहोवा ह ओकर संग रिहिस। ओह ओकर ऊपर दया करिस, जेकर कारन जेलखाना के दरोगा के किरपा यूसुफ ऊपर होईस।

[22] एकरसेति जेलखाना के दरोगा ह यूसुफ ला उहां जम्मो कैदीमन के मुखिया बना दीस, अऊ जऊन काम-बुता उहां करे जावत रिहिस, ओकर जिम्मेदारी घलो यूसुफ ला दे दीस।

[23] यूसुफ के देखरेख म जऊन कुछू रिहिस, ओमा के कोनो बात के फिकर दरोगा ला नइं रिहिस, काबरकि यहोवा ह यूसुफ के संग रिहिस अऊ जऊन कुछू यूसुफ ह करय, ओ जम्मो म ओला सफल करत रिहिस।

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