[1] एकरसेति इसहाक ह याकूब ला बलाके आसीस दीस, अऊ ओला हुकूम दीस: “तें कोनो कनानी छोकरी ले बिहाव झन करबे।
[2] तें तुरते पदन-अराम म, अपन नाना बतूएल के घर जा। उहां तोर ममा लाबान के कोनो बेटी ले बिहाव कर ले।
[3] सर्वसक्तिमान परमेसर ह तोला आसीस देवय अऊ तोला फूलाय-फलाय अऊ तोर गनती ला बढ़ाय, जब तक कि तें मनखेमन के एक समाज नइं बन जावस।
[4] ओह अब्राहम ले करे गे परतिगियां के आसीस तोला अऊ तोर बंस ला देवय, ताकि तें ये देस के मालिक बन जा, जिहां अभी तें एक परदेसी के रूप म रहिथस, अऊ जेला परमेसर ह अब्राहम ला दे रिहिस।”
[5] तब इसहाक ह याकूब ला बिदा करिस, अऊ ओह पदन-अराम म अरामी बतूएल के बेटा लाबान के घर गीस। लाबान ह याकूब अऊ एसाव के दाई रिबका के भाई रिहिस।
[6] जब एसाव ला ये पता चलिस कि इसहाक ह याकूब ला आसीस दे हवय अऊ ओला पदन-अराम पठोय हवय कि ओह उहां बिहाव करय, अऊ ओला आसीस देके ये हुकूम दे हवय, “तें कोनो कनानी माईलोगन ले बिहाव झन करबे,”
[7] अऊ याकूब ह अपन दाई-ददा के बात मानके पदन-अराम ला चल दे हवय।
[8] तब एसाव महसूस करिस कि कनानी छोकरीमन ओकर ददा इसहाक ला कतेक नापसंद रिहिन;
[9] एकरसेति ओह अब्राहम के बेटा इसमायल करा गीस, अऊ इसमायल के बेटी महलत ले बिहाव कर लीस, जऊन ह कि नबायोत के बहिनी रिहिस। एसाव के अऊ घलो घरवाली रिहिन।
[10] याकूब ह बेरसेबा ला छोंड़के हारान जाय बर निकलिस।
[11] जब ओह एक जगह म हबरिस, त उहां रात काटे बर रूकिस काबरकि बेर बुड़ गे रहय। उहां एक पथरा ला लेके अपन मुड़ खाल्हे तकिया के रूप म रखिस अऊ सुत गीस।
[12] ओह सपना म देखिस कि एक सीढ़ी धरती म ठाढ़े हे अऊ ओकर दूसर छोर ह स्वरग तक हबरत हे, अऊ परमेसर के स्वरगदूतमन ओमा चघत-उतरत हवंय।
[13] ओकर ऊपर म यहोवा ह ठाढ़ होके कहत हे: “में यहोवा, तोर दादा अब्राहम के परमेसर अऊ तोर ददा इसहाक के परमेसर अंव। जऊन भुइयां म तेंह सुते हस, ओला में तोला अऊ तोर बंस ला दूहूं।
[14] तोर संतानमन भुइयां के धुर्रा सहीं अनगिनत होहीं, अऊ ओमन पछिम, पूरब, उत्तर, दक्खिन, चारों कोति बगर जाहीं। धरती के जम्मो मनखेमन तोर अऊ तोर संतान के जरिये आसीस पाहीं।
[15] सुन, में तोर संग हवंव अऊ जिहां कहूं तें जाबे, में तोर रकछा करहूं, अऊ मेंह तोला ये देस म लहुंटाके लानहूं। मेंह तोर ले जऊन परतिगियां करे हंव, जब तक ओला पूरा नइं कर लूहूं, तब तक में तोला नइं छोड़ंव।”
[16] जब याकूब ह नींद ले जागिस, त ओह सोचिस, “सही म, ये ठऊर म यहोवा हवय, अऊ में ये बात ला नइं जानत रहेंव।”
[17] ओह डर के मारे कहिस, “ये ठऊर ह कतेक बढ़िया हवय! येह परमेसर के घर के छोंड़ अऊ कुछू नइं हो सकय; येह स्वरग के कपाट अय।”
[18] बड़े बिहनियां याकूब ह ओ पथरा ला लीस, जऊन ला ओह अपन मुड़ के खाल्हे तकिया के रूप म रखे रिहिस अऊ ओला खंभा के रूप म ठाढ़ करिस अऊ ओकर टीप म तेल रितो दीस।
[19] ओह ओ ठऊर के नांव बेतेल रखिस, हालाकि ओ सहर के नांव लूज रिहिस।
[20] तब याकूब ह ये मन्नत मानके कहिस, “यदि परमेसर ह मोर संग रहिही अऊ ये यातरा म मोर रकछा करही अऊ मोला खाय बर रोटी अऊ पहिरे बर कपड़ा दीही
[21] अऊ में अपन ददा के घर म सही-सलामत लहुंटके आहूं, त यहोवा ह मोर परमेसर ठहिरही
[22] अऊ ये पथरा जेला मेंह खंभा के रूप म ठाढ़ करे हवंव, परमेसर के घर होही, अऊ जऊन कुछू तें मोला देबे, ओ जम्मो के दसवां हिस्सा में तोला दूहूं।”