[1] तब यूसुफ ह अपन घर के देखरेख करइया ला ये हुकूम दीस: “ये मनखेमन जतेक जादा भोजन-बस्तु अपन बोरा म ले जा सकथें, ओतेक जादा भरव, अऊ हर एक के रूपिया ला ओमन के बोरा के मुहूं म रख देवव।
[2] तब मोर चांदी के कटोरा ला सबले छोटे के बोरा के मुहूं म ओकर अनाज के रूपिया के संग रख देवव।” अऊ ओह वइसने करिस, जइसने यूसुफ ह कहिस।
[3] बिहनियां होते ही, ओ मनखेमन ला ओमन के गदहामन के सहित बिदा करे गीस।
[4] ओमन सहर ले जादा दूरिहा नइं गे होहीं जब यूसुफ ह अपन घर के देखरेख करइया ला कहिस, “तुरते ओ मनखेमन के पीछा कर, अऊ जब ओमन तुमन ला मिल जाहीं, त ओमन ला कह, ‘तुमन भलई के बदला म बुरई काबर करे हव?
[5] का येह ओ कटोरा नो हय, जेमा मोर मालिक पीथे अऊ अगम के बात कहे बर घलो एकर उपयोग करथे? तुमन एक दुस्ट काम करे हव।’ ”
[6] जब ओला ओमन मिल गीन, त ओह ओमन ले वइसनेच कहिस।
[7] पर ओमन ओला कहिन, “हे हमर मालिक, तें अइसन बात काबर कहत हस? अइसने काम करई तोर सेवकमन ले दूरिहा रहय!
[8] देख, इहां तक कि जऊन रूपिया हमन ला हमर बोरामन के मुहूं के भीतर म मिले रिहिस, ओला हमन कनान देस ले तोर करा वापिस ले आयेंन, त फेर तोर मालिक के घर ले चांदी या सोन, हमन काबर चोराबो?
[9] यदि तोर दासमन ले जेकर करा घलो ओ चीज निकलही, ओह मार डारे जाही; अऊ बाकि हमन, हे हमर मालिक, तोर गुलाम हो जाबो।”
[10] ओह कहिस, “तब, ठीक हे। तुम्हर कहे मुताबिक होवय। जेकर करा ओ चीज निकलही, ओह मोर दास हो जाही; अऊ बाकि तुमन दोस मुक्त हो जाहू।”
[11] ओमन जल्दी-जल्दी अपन-अपन बोरा ला भुइयां म उतारके ओला खोले लगिन।
[12] तब यूसुफ के घर के देखरेख करइया ह खोजे लगिस; ओह सबले बड़े के बोरा ले सुरू करके सबले छोटे के बोरा म खतम करिस। अऊ कटोरा ह बिनयामीन के बोरा म मिलिस।
[13] येला देखके ओमन अपन-अपन ओनहा ला चीरिन। तब ओमन जम्मो झन अपन-अपन गदहा ऊपर बोरा लादके सहर म वापिस आईन।
[14] जब यहूदा अऊ ओकर भाईमन आईन, त यूसुफ ह घरेच म रिहिस, अऊ ओमन ओकर आघू म भुइयां म गिरिन।
[15] यूसुफ ह ओमन ला कहिस, “तुमन ये कइसन काम करे हव? का तुमन ये नइं जानत हव कि मोर सहीं मनखे ह अगम के बात कहे के दुवारा चीज के पता लगा सकथे?”
[16] “हमन हमर मालिक ला का कह सकत हन?” यहूदा ह कहिस। “हमन का कह सकत हन? हमन कइसे अपनआप ला निरदोस साबित करन? परमेसर ह तोर सेवकमन के अपराध ला देखा दे हे। अब हमन हमर मालिक के गुलाम अन—हमन खुद अऊ ओह घलो, जेकर करा कटोरा मिले हवय।”
[17] पर यूसुफ ह कहिस, “अइसन करई मोर ले दूरिहा रहय! जेकर करा कटोरा निकले हवय, सिरिप ओहीच ह मोर दास होही। बाकि के तुमन सांति से अपन ददा करा वापिस जावव।”
[18] तब यहूदा ओकर करा जाके कहे लगिस, “हे मोर मालिक, अपन सेवक ला छेमा कर; मोला एक बात कहन दे। तोर गुस्सा तोर सेवक ऊपर झन भड़के, काबरकि तें तो फिरौन के बरोबर अस।
[19] हे मोर परभू, तेंह अपन सेवकमन ले पुछे रहय, ‘का तुम्हर ददा या भाई हवय?’
[20] अऊ हमन जबाब देय रहेंन, ‘हव, हमर डोकरा ददा हवय, अऊ ओकर बुढ़त काल म जनमे एक बेटा हवय। ओकर भाई ह मर गीस, अऊ अब ओह अपन दाई के एके झन बेटा बांचे हवय, अऊ ओकर ददा ह ओकर ले मया करथे।’
[21] “तब तें अपन सेवकमन ला कहे, ‘ओला मोर करा ले आवव ताकि मेंह खुदे ओला देख सकंव।’
[22] अऊ हे मोर मालिक, हमन कहेंन, ‘ओ लड़का ह अपन ददा ला नइं छोंड़ सकय; नइं तो ओकर ददा ह मर जाही।’
[23] पर तें अपन सेवकमन ला कहे, ‘यदि तुम्हर छोटे भाई तुम्हर संग नइं आही, त फेर तुमन मोर आघू म नइं आ सकव।’
[24] जब हमन तोर सेवक हमर ददा करा गेंन, त हे मोर परभू, जऊन कुछू तेंह कहे रहे, हमन ओला बतायेंन।
[25] “तब हमर ददा ह कहिस, ‘वापिस जावव अऊ थोरकून अऊ भोजन-बस्तु बिसाके लानव।’
[26] पर हमन कहेंन, ‘हमन नइं जा सकन। हां, यदि हमर छोटे भाई हमर संग होही; त हमन जाबो। यदि हमर छोटे भाई हमर संग नइं होही, त हमन ओ मनखे के आघू म नइं जा सकन।’
[27] “तब तोर सेवक मोर ददा ह हमन ला कहिस, ‘तुमन तो जानत हव कि मोर घरवाली दू झन बेटा जनमे रिहिस।
[28] ओमा ले एक झन तो मोर ले दूरिहा चले गीस, अऊ मेंह सोचेंव, “निस्चय ही ओला पसुमन चीर डारे होहीं।” अऊ तब ले ओला, में नइं देखे हंव।
[29] यदि तुमन येला घलो मोर आंखी ले दूरिहा ले जाथव, अऊ कोनो बिपत एकर ऊपर पड़थे, त तुम्हर कारन, में ये बुढ़ापा के समय दुख म मर जाहूं।’
[30] “एकरसेति, तोर सेवक मोर ददा करा जब में वापिस जाहूं, अऊ यदि ये लड़का हमर संग म नइं होही, अऊ जब मोर ददा, जेकर परान ये लड़का म लटके रहिथे,
[31] देखही कि लड़का ह उहां नइं ए, त ओह मर जाही। तोर सेवकमन के कारन, हमर ददा ह बुढ़ापा म दुख म मर जाही।
[32] तोर सेवक ह मोर ददा ला ये कहिके लड़का के सुरकछा के जमानत ले हवय, ‘यदि में येला तोर करा वापिस नइं लानहूं, त मोर जिनगी भर, में तोर अपराधी ठहिरहूं!’
[33] “एकरसेति, हे मोर मालिक, किरपा करके तोर सेवक ला ये लड़का के बदला म तोर गुलाम के रूप म इहां रहन दे, अऊ ये लड़का ला अपन भाईमन संग वापिस जावन दे।
[34] यदि ये लड़का ह मोर संग नइं जाही, त में कइसे अपन ददा करा वापिस जा सकथंव? नइं! मोला अपन ददा ऊपर अवइया दुख ला झन देखन दे।”